Murder : सिर में गोली मार बाल्टी में खून रोका, 1 हाथ काट गड्ढे में दफनाया, 4 साल बाद ऐसे खुला राज
UP Ghaziabad Crime news Wife Murder Husband :पुलिस जिसे 4 साल से लापता समझती रही उसे पत्नी ने प्रेमी संग मिल कर दिया था मर्डर. 6 फुट गहरे गड्ढे में दफना दी थी लाश. ऐसे खुला राज.
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UP Murder Mystery : यूपी के गाजियाबाद (Ghaziabad Murder) में 4 साल से गायब एक शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. उस शख्स को लोग लापता समझते रहे लेकिन मर्डर के बाद उसे 6 फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था. इस सनसनीखेज मर्डर को उस शख्स की पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर अंजाम दिया था. वारदात के 4 साल बाद पुलिस ने मरने वाले युवक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उस युवक के शव को भी गड्ढे से बरामद कर लिया है.
28 सितंबर 2018 को 46 साल के चंद्रवीर अचानक लापता हो गए थे. वो गाजियाबाद के सिहानी गेट इलाके में रहते थे. इस मामले में उनके भाई भूरे सिंह ने 5 अक्टूबर 2018 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस इस केस में कोई सुराग नहीं लगा पाई. फिर केस को क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया था.
इस घटना में अब चंद्रवीर की पत्नी सविता और उसके प्रेमी अरुण उर्फ अनिल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गाजियाबाद पुलिस ने खुलासा किया कि चंद्रवीर के मकान के अंदर ही कत्ल करने के बाद गड्ढा खोद कर लाश को दफना दिया गया था.
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2017 से एक दूसरे से प्रेम करते थे कातिल, पति को लगी थी भनक
Ghaziabad Crime news : पूछताछ करने पर आरोपी अरुण उर्फ अनिल व मृतक की पत्नी सविता ने बताया कि ये दोनों आपस में साल 2017 से प्रेम करते थे. इस प्यार की भनक सविता के पति को लग गई थी. यहां तक कि पति के घर पर नहीं होने के दौरान पत्नी और प्रेमी मिला करते थे. कई बार पत्नी को उसके प्रेमी के साथ चंद्रवीर ने आपत्तिजनक हालत में भी देख लिया था. इसी बात को लेकर दोनों में मारपीट भी हुई थी.
जिसके बाद ही सविता और उसके प्रेमी ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी. इसी साजिश के तहत अरुण ने पहले से ही लगभग 6 फुट का गड्ढा खोद लिया. ये गड्ढा उसने अपने घर में खोद रखा था. इसके बाद 28 सितंबर 2018 की रात में चंद्रवीर उर्फ पप्पू शराब के नशे में अपने घर आया. उस रात में पत्नी ने उसे खाना खिलाकर तुरंत सुला दिया था.
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फिर देर रात में सविता ने अरुण को बुला लिया. आरोपी अरुण ने तमंचे से चारपाई पर सोते हुए ही चंद्रवीर के सिर में गोली मार दी थी. गोली लगने से ही उसकी मौत हो गई. गोली मारने से पहले ही दोनों ने एक प्लास्टिक की बाल्टी चंद्रवीर के सिर के नीचे रख दी थी. जिससे गोली लगने के बाद निकलने वाला खून उसी बाल्टी में गिरे और बिखरे नहीं.
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मरने वाले चंद्रवीर के शरीर से जब पूरा खून निकल गया तब उसकी लाश को अरुण के घर ले जाया गया. वहां पहले से बनाए गड्ढे में उसे दफनाने की तैयारी हुई. उसी समय देखा कि चंद्रवीर के दाए हाथ में स्टील का एक कड़ा है. उसे निकालने की कोशिश की. लेकिन जब नहीं निकला तो कुल्हाड़ी से चंद्रवीर की कलाई से ऊपर दाहिना हाथ काट दिया. इसके बाद उसके शव को गड्ढे में डाल दिया. फिर उपर से फर्श बना दिया था.

कटे हाथ को फैक्ट्री के पास फेंक दिया था
Wife Killed Husband : आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चंद्रवीर के कटे हुए हाथ को सिकरोड़ गांव के पास केमिकल फैक्ट्री के पास बोरे में लपेटकर फेंक दिया था. शव को काटने में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और हत्या में प्रयुक्त तमंचे को सविता के मकान के पास के खंडहर में ईंट के नीचे दबा दिया था. उस जगह पर कुछ दिनों बाद ही दूसरा नया मकान बन गया था जिससे दोनों हथियार हमेशा के लिए दफन हो गए थे. घटना के बाद सविता ने प्रयास किया कि चंद्रवीर के गायब होने में उसके भाई भूरा पर ही आरोप लगा दिया. इस आरोप को लगाते हुए वो बार-बार पुलिस के पास भी जाती थी. इस तरह पुलिस को कभी उस पर शक भी नहीं हुआ.
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