Bajrang Dal के जिला प्रमुख मोनू ने शहाबुद्दीन से कटवाई थी गाय, फिर कांवड़ के रास्ते रखवा दिए, ताकी....

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Bajrang Dal News: यूपी के मुरादाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां पुलिस ने गोकशी की घटनाओं को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया. दरअसल, थाना प्रभारी को हटवाने के लिए बजरंग दल के पदाधिकारियों ने ही गोकशी की घटनाओं को अंजाम दिया था.

दबाव बनाने के लिए बजरंग दल पदाधिकारी अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव करते रहे. इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल के जिला प्रमुख सुमित विश्नोई उर्फ मोनू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया. उधर, आरोपियों से मिलीभगत के मामले में छजलैट थाने के इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने विभागीय जांच के भी निर्देश दिये हैं.

कांवर के रास्ते में रखा गाय का कटा सिर

एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि 16 जनवरी को छजलैट थाना क्षेत्र के समदपुर गांव के पास कांवर पथ पर गोवंश के अवशेष मिले थे. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी. इसके बाद 28 जनवरी की रात चेतरामपुर गांव के जंगल में गोकशी की घटना हुई. इस घटना का लाइव वीडियो बनाया गया और डीएम समेत सरकारी अधिकारियों को ट्वीट कर कार्रवाई की मांग की गयी. मामले की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी ने एसपी देहात संदीप कुमार मीना, सीओ कांठ अंकित तिवारी और छजलैट थाना प्रभारी सतेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर घटना का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए.

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थाना प्रभारी को हटाने के लिए बजरंग दल नेताओं की अजब कारस्तानी

जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में शहाबुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने बताया कि सुमित विश्नोई उर्फ मोनू बजरंग दल का जिला प्रमुख है. कुछ दिन पहले उसकी मुलाकात अपने दोस्त रमन चौधरी और राजीव चौधरी से हुई.आरोपियों ने कहा कि छजलैट थाना प्रभारी उनकी बात नहीं सुनते. इसलिए इन्हें हटाने के लिए गोहत्या की घटनाओं को अंजाम देना होगा. बातचीत के बाद आरोपी ने उसे दो हजार रुपये भी दिए। इसके बाद आरोपी शहाबुद्दीन ने वही पैसे अपने सहयोगी नईम को देकर मवेशियों के अवशेष को कांवर पथ पर रखवा दिया था.

कार्रवाई न होने पर दोबारा गोकशी

इस घटना के बाद ही बजरंग दल के जिला प्रमुख सुमित विश्नोई उर्फ मोनू, ब्लॉक अध्यक्ष राजीव चौधरी ने अपने साथियों के साथ छजलैट थाना प्रभारी को हटाने के लिए कांठ तहसील में प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपियों ने दोबारा साजिश रची.

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28 जनवरी की रात शहाबुद्दीन ने अपने एक अन्य साथी जमशेद के साथ मिलकर कमला देवी के घर के बाहर बंधी गाय चुरा ली. इसके बाद दोनों ने जंगल में जाकर उसकी हत्या कर दी. इस दौरान आरोपी सुमित उर्फ मोनू, राजीव चौधरी और रमन चौधरी ने घटना वाली रात ही गोकशी का वीडियो बना लिया. इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों के एक्स अकाउंट पर ट्वीट कर शिकायत की। आरोपी ने मुरादाबाद पुलिस को छोड़कर सभी अधिकारियों के एक्स अकाउंट में ट्वीट किए.

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घटना के बाद संदेह होने पर पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. घटना में शामिल दो आरोपी जमशेद और नईम अभी भी फरार हैं. इस मामले में आरोपियों से मिलीभगत के चलते इंस्पेक्टर नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया था. एसएसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं.

आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में पुलिस इंस्पेक्टर निलंबित

एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला कि थाने का एक इंस्पेक्टर भी आरोपियों से मिला हुआ था. वह लगातार उनके संपर्क में रहे। सीडीआर रिपोर्ट में उपनिरीक्षक का नंबर सामने आने के बाद एसएसपी हेमराज मीना ने छजलैट थाने में तैनात उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार को निलंबित करने की कार्रवाई की. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. गिरफ्तार आरोपी लगातार इंस्पेक्टर के संपर्क में थे। इंस्पेक्टर पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी अफसरों की बजाय आरोपियों को देता था।

गिरफ्तारी के बाद बजरंग दल पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया

बुधवार को बजरंग दल के दो प्रमुख पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने छजलैट थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर संगठन के पदाधिकारियों को गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया. सूचना मिलने पर ठाकुरद्वारा सीओ राजेश कुमार तिवारी तीन थाना प्रभारियों और पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया.

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