IPS अजीत सिंह शेखावत ने ढाई साल बाद कत्ल की खौफनाक साजिश से उठाया पर्दा, 10 लाख की सुपारी, जेल में इंतजाम, परिवार का खर्च, पत्नी और प्रेमी की 'डबल साजिश'

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Panipat: आज के दौर में हर आदमी जल्दी-जल्दी जी लेने की आपाधापी में जिंदगी को ही छोड़ कर आगे निकलता जा रहा है। लिहाजा नतीजा ये हो रहा है कि इस आपाधापी के पैरों तले एक-एक कर तमाम रिश्ते कुचलते चले जा रहे हैं। फिर चाहे वो रिश्ता सात फेरों का ही क्यों ना हो। कहीं पत्नी पति के नाम की सुपारी दे रही है तो कहीं पति, पत्नी की लाश बैग में ठूंस कर फेंक रहा है। आलम ये है कि बिखरती हुई इस दुनिया में अब सात जन्मों के बंधन भी टुकड़े-टुकड़े हो चुके हैं।

पति की हत्या में पत्नी मास्टरमाइंड

शादी के सात फेरे और सात जन्मों का वादा। वादा एक साथ जीने-मरने का। वादा एक-दूसरे के लिए मर-मिटने का। तो फिर ऐसा क्या है?  जी हां। ऐसा क्या है कि पत्नी, पति की तो पति, पत्नी की ही जान ले रहा है? आखिर ये क्या हो रहा है? क्यों हो रहा है? जिंदगी के सबसे खूबसूरत रिश्ते को कुछ लोग बदसूरत बनाने पर क्यों आमादा हैं? कत्ल का ये ताजा मामला हरियाणा के पानीपत का है। 15 दिसंबर 2021 की कड़कड़ाती ठंड की रात थी। हरियाणा के पानीपत में हारट्रोन कंप्यूटर सेंटर के संचालक विनोद भराड़ा घर में आराम कर रहे थे। तभी घर में एक हथियारबंद आरोपी घर में घुसता है और विनोद को गोलियों से भून देता है। शोर शराबा होता है तो इलाके के लोग देव सुनार नाम के आरोपी को पकड़ लेतें हैं और पुलिस के हवाले कर देते हैं।

कत्ल के ढाई महीने पहले विनोद का एक्सीडेंट

यहां ये भी बता दें कि विनोद के कत्ल के ढाई महीने पहले विनोद का एक्सीडेंट हुआ था जिसमें उनकी जान बाल बाल बची थी। ये एक्सीडेंट करने वाला कोई और नही बल्कि यही हमलावर था जिसने विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यहां ये बात समझ में आ जाती है कि विनोद को एक्सीडेंट में मारने की साजिश रची गई। वो साजिश नाकाम हुई तो कातिलों ने प्लान बी तैयार किया। प्लान बी के तहत देव सुनार की जमानत कराई गई और फिर उससे ही विनोद की हत्या करा दी गई। अब यहां सवाल ये उठता है कि आखिर ये साजिश कौन रच रहा था? पुलिस ने 2021 में कत्ल की साजिश का खुलासा क्यों नही किया? 

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IPS अजीत सिंह शेखावत ने खोली फाइल

तो आइए साजिश के हर पहलू की पड़ताल करते हैं। विनोद भराड़ा के कत्ल का केस फाइलों मे दब चुका था। इसी बीच पानीपत में एसपी अजीत सिंह शेखावत की तैनाती हुई। एसपी अजीत शेखावत को एक रोज़ विदेशी नंबर से सोशल मीडिया पर एक मैसेज मिला। ये मैसेज आस्ट्रेलिया से भेजा गया था। एसपी शेखावत ने जांच की तो पता चला कि ये नंबर ऑस्ट्रेलिया से विनोद भराड़ा के भाई का है। इस नंबर से भेजे गए संदेश में कहा गया था कि विनोद भराड़ा की हत्या में परिवार के लोगों का हाथ है। इस कत्ल के मामले में दोबारा जांच की जानी चाहिए। 

ढाई साल बाद कत्ल की खौफनाक साजिश से उठाया पर्दा

एसपी अजीत शेखावत को समझते देर ना लगी कि ये एक गहरी साजिश है जिसमें खुद पुलिस वालों के तार साजिश से जुड़े हैं। लिहाजा विनोद के सड़क हादसे और हत्या के दोनों केस की फाइल टेबल पर मंगवा ली। एसपी शेखावत खुद ही फाइल को स्टडी कर रहे थे। एसपी साहब ने सीआईए-थ्री के चीफ और तेज तर्रार अफसर दीपक कुमार को जांच में लगा दिया। जाच शुरु हुई तो कड़ी से कड़ियां जुड़ने लगीं। पुलिस ने कोर्ट में अर्जी देकर मामले की दोबारा जांच करने की गुजारिश की। चूंकि कत्ल का आरोपी देव सुनार पानीपत जेल बंद था। कोर्ट में केस का ट्रायल चल रहा था।

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आस्ट्रेलिया से आए संदेश ने दिया कातिल का सुराग

पुलिस ने आरोपी देव सुनार के मोबाइल नंबरों की जांच की तो पता चला कि जेल जाने से पहले और जेल जाने के बाद से ही उसकी सबसे ज्यादा बातचीत सुमित नाम के शख्स होती थी। पुलिस ने सुमित के कॉल डीटेल निकाले तो पता चला कि सुमित की बातचीत विनोद भराड़ा की पत्नी निधि से हुआ करती थी। पुलिस को इन तीनों की तिकड़ी पर शक गहरा रहा था। शक यकीन में बदलने लगा तो पुलिस टीम ने बीती 7 जून को आरोपी सुमित उर्फ बंटू को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने रिमांड पर सुमित से सख्ती से पूछताछ की तो वो टूट गया और उसने विनोद के कत्ल की साजिश की पूरी कहानी सिलसिलेवार बताना शुरु कर दी।

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निधि और सुमित की जिम में हुई थी मुलाकात

सुमित ने खुलासा किया कि उसके विनोद की पत्नी से अवैध संबंध हैं लिहाजा निधि के साथ मिलकर विनोद के कत्ल की साजिश रची गई। इस खुलासे के बाद पुलिस ने निधि को भी गिरफ्तार कर लिया। निधि से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने सुमित उर्फ बंटू के साथ मिलकर पति के कत्ल की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। आरोपी सुमित उर्फ बंटू ने रिमांड के दौरान पूछताछ में बताया वह साल 2021 में पानीपत की एक जिम में ट्रेनिंग देता था। विनोद की पत्नी निधि भी वहां जिम करने के लिए आती थी। दोनों की दोस्ती हो गई और वो एक दूसरे से प्यार करने लगे। जब निधि के पति विनोद को दोनों के रिश्तों के बारे में पता चला तो विनोद के साथ सुमित की कहासुनी भी हुई।

पत्नी निधि भराड़ा पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड

विनोद घर पर अपनी पत्नी निधि के साथ भी झगड़े करने लगा। लिहाजा दोनों के विनोद को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। विनोद भराड़ा की पत्नी निधि भराड़ा पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली। निधि ने ही अपने जिम ट्रेनर प्रेमी के साथ मिलकर विनोद भराड़ा के कत्ल की सुपारी 10 लाख रुपये में तय की। आरोपी सुमित उर्फ बंटू ने पुलिस को बताया कि उसने और निधि ने विनोद की एक्सीडेंट में हत्या करवाने की साजिश रची थी। उसने पंजाब के बठिंडा में रहने वाले ट्रक ड्राइवर देव सुनार उर्फ दीपक से संपर्क साधा। विनोद का कत्ल करने के लिए 10 लाख रुपये नकद व केस का सारा खर्च देने का लालच दिया गया। देव सुनार हत्या करने के लिए तैयार हो गया। सुमित ने ही देव सुनार को पंजाब नंबर की एक लोडिंग पिकअप गाड़ी दिलवाई।

पति के कत्ल का डबल अटैक

देव सुनार ने 5 अक्टूबर 2021 को विनोद को जान से मारने की नीयत से ये पिकअप विनोद पर चढ़ा दी। एक्सीडेंट के बावजूद विनोद की जान बच गई। इसके बाद दोनों ने पिस्तौल से विनोद को मरवाने का प्लान बनाया। एक्सीडेंट केस में देव सुनार की जेल से जमानत करवाई और उसको हथियार से लैस कर दोबारा माफी मांगने के बहाने विनोद बराड़ा के घर भेजा। देव सुनार ने घर में घुसकर पिस्तौल से विनोद भराड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी सुमित उर्फ बंटू जेल में बंद देव सुनार के केस व घर पर परिवार का पूरा खर्च खुद दे रहा था। प्लान के मुताबिक निधि मार्च 2024 में अदालत में अपनी गवाही से मुकर गई थी।

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