Haryana News: 30 साल से फरार हत्या और डकैती का आरोपी गिरफ्तार

Haryana Crime: गुरुग्राम क्राइम ब्रांच ने हत्या के आरोपी पुत्तीलाल उर्फ़ विक्रमजीत को ग़ाजियाबाद के जनकपुरी से गिरफ्तार किया है। 1985 में पटौदी में साथियो के साथ मिल डकैती के बाद हत्या की थी।
पुत्ती लाल उर्फ विक्रमजीत
पुत्ती लाल उर्फ विक्रमजीत

गुरुग्राम से नीरज वशिष्ठ की रिपोर्ट

Gurugram Crime News: गुरुग्राम की क्राइम ब्रांच ने 30 साल (30 Years) से फरार (Absconder) पुत्ती लाल से विक्रमजीत बने हत्यारोपी (Murder Accused) को गाजियाबाद के जनकपुरी इलाके से गिरफ्तार (Arrest) कर किया है। आरोपी ने 1985 में गुरुग्राम के पटौदी इलाके में अपने साथियों के साथ मिल डकैती के बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था।

सन् 1989 में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। जिसमे 1992 में पुत्तीलाल पेरोल पर जेल से बाहर तो आया लेकिन उसके बाद से वापस नहीं लौटो वो फरार हो गया।एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह की माने तो डकैती के बाद हत्या का यह आरोपी 30 साल तक यूपी के गाजियाबाद में पुत्तीलाल से विक्रमजीत बन कर रह रहा था।

गाजियाबाद में वो कभी किसी फैक्ट्री में काम किया तो कभी टैक्सी चलाया करता था। फरारी के दौरान पुत्तीलाल ने गाजियाबाद में एक युवती से शादी कर ली जिससे उसके तीन बच्चे हैं। गुरुग्राम से फरार होने के बाद पुत्तीलाल ने अपने सारे परिवारिक संपर्क खत्म कर लिए थे।

वो फोन का इस्तेमाल भी नही कर रहा था जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच के किये चुनौती बनी हुई थी। हैरानी की बात ये है कि बीते साल पुत्तीलाल अपने पिता की मौत पर गाव में गया भी लेकिन दूर से श्रद्धांजलि दे कर वापस लौट आया

दरअसल 30 साल से फरार पुत्तीलाल ने पिता की मौत के बाद अपने परिजनों से मोबाइल पर बात करना शुरु कर दिया था। ये वही गलती थी जिसका क्राइम ब्रांच पिछले 30 साल से इंतजार कर रही थी। क्राइम ब्रांच ने पुत्ती लाल के परिजनों के मोबाइल नंबर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर लगा रखे थे और जैसे ही पुत्ती लाल का नंबर होने की पुख्ता खबर हुई तो क्राइम ब्रांच ने पुत्ती लाल की लोकेशन निकाल कर उसे धर दबोचा।

वो कहते है न की अपराधी बेशक कितने ही शातिर हो वो पुलिस और कानून के लंबे हाथों से नहीं बच सकता। इस मामले में भी यही हुआ। अब क्राइम ब्रांच ने 30 से भगौड़े पुत्तीलाल उर्फ़ विक्रमजीत को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।

Related Stories

No stories found.
Crime News in Hindi: Read Latest Crime news (क्राइम न्यूज़) in India and Abroad on Crime Tak
www.crimetak.in