Cyber Crime: साइबर जालसाज आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और उनसे मोटी रकम ठग रहे हैं. ऐसे मामले दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. लोगों को धोखाधड़ी के बारे में तब पता चलता है जब वे पैसे खो चुके होते हैं. ताजा मामला राजस्थान के झुंझुनू का है. यहां एक महिला से कोई छोटी-मोटी रकम नहीं, बल्कि साढ़े सात करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई. यह धोखाधड़ी ईडी और मुंबई क्राइम ब्रांच के नाम पर की गई थी. ठग करीब तीन महीने तक महिला को ठगते रहे. खास बात यह है कि जब महिला के पास पैसे खत्म हो गए तो उसने 80 लाख रुपये का कर्ज लिया और ठगों को पैसे भेज दिए.
मुंबई पुलिस के नाम पर Fake फोन कॉल और 7 करोड़ की ठगी... महिला से साइबर फ्रॉड की सनसनीखेज कहानी
Cyber Crime: साइबर जालसाज आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और उनसे मोटी रकम ठग रहे हैं.
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Crime Tak
18 Feb 2024 (अपडेटेड: Feb 25 2024 10:11 AM)
ये पूरी घटना बेहद हैरान करने वाली है. पीड़ित महिला पिलानी की रहने वाली है. वह प्राइवेट नौकरी करती है. पिछले साल अक्टूबर में उनके पास एक कॉल आई, जिस पर महिला को बताया गया कि उनके आधार कार्ड से एक और मोबाइल नंबर लिंक हो गया है. उस नंबर से अवैध विज्ञापन और परेशान करने वाले संदेश भेजे गए हैं.
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57 साल की महिला से 7 करोड़ की ठगी
इसके बाद कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि मुंबई पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है. यह सुनकर महिला घबरा गई. इसके बाद एक और कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच का जिक्र किया था.
इसी बीच एक शख्स ने खुद को मुंबई पुलिस का एसआई बताया. उन्होंने महिला से कहा कि तुम्हारी परेशानी बढ़ गयी है. आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है, जिसमें 20 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था. ये मामला ईडी तक पहुंच गया है. इतनी बातें कहने के बाद कॉल करने वाले ने महिला से स्काइप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग करने को कहा। ये सारी बातें सुनकर महिला दंग रह गई. उनके दिमाग़ के पुर्जे हिल चुके थे.
ठगों की बातों से महिला डर गई और दबाव में आ गई. इसके बाद ठगों ने महिला को धमकाना शुरू कर दिया. डर दिखाकर अक्टूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक महिला से करीब 7 करोड़ 67 लाख रुपये ठग लिए. ठगों ने ये पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए थे. डरी हुई महिला पैसे भेजती रही. महिला अपनी गिरफ्तारी से इतनी डर गई कि उसने न सिर्फ अपनी पूरी जिंदगी की कमाई दे दी, बल्कि बैंकों से कर्ज लेकर 80 लाख रुपये और दे दिए. ठगों ने महिला से सुप्रीम कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग केस निपटाने और डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद पैसे लौटाने की भी बात कही थी.
इसके लिए उन्होंने 12 फरवरी की तारीख दी थी, लेकिन इसके बाद 15 फरवरी तक महिला का ठगों से कोई संपर्क नहीं हुआ. फिर जब महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है तो उसने पूरी कहानी अपनी सहेलियों को बताई. तब कहीं जाकर मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
पूरी घटना पर साइबर थाना प्रभारी ने क्या कहा?
साइबर थाना प्रभारी डीएसपी हरेराम सोनी ने बताया कि महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. इस मामले में मुंबई निवासी संदीप राव, आकाश कुलहरि और एक अन्य को आरोपी बनाया गया है. केस दर्ज होने के बाद पीड़िता न तो किसी से बात कर रही है और न ही सामने आ रही है.
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