Noida Crime News: ग्रेटर नोएडा में साल 2012 में तुस्याना गांव (Tusyana Village) में हुए भूमि घोटाले (Land Scam) में एसआईटी (SIT) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने घोटाले (Scam) में शामिल तीन मुख्य आरोपी (Accused) कैलाश भाटी, दीपक और कमल को गिरफ्तार (Arrested) किया है।
UP Crime: 150 करोड़ के जमीन घोटाले में बीजेपी एमएलसी के भाई समेत तीन गिरफ्तार
Noida Scam: ग्रेटर नोएडा के तुस्याना भूमि घोटाले में नोएडा पुलिस और SIT का ने बड़ा एक्शन लिया है, पुलिस ने भाजपा एमएलसी नरेंद्र भाटी के भाई समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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16 Nov 2022 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:30 PM)
बड़ी बात यह है कि कैलाश भाटी बीजेपी एमएलसी नरेंद्र भाटी का भाई है और तत्कालीन नोएडा प्राधिकरण का सीनियर मैनेजर भी था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आपको बताते चलें कि पूरा मामला साल 2012 का है उस समय के तत्कालीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का मैनेजर एमएलसी नरेंद्र भाटी का भाई था।
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एमएलसी के भाई का नाम कैलाश भाटी है। उसने दीपक और अमन के साथ मिलकर इकोटेक 3 थाना क्षेत्र के तुस्याना गांव की पट्टे की जमीन की खरीद और बिक्री को लेकर बड़ा भूमि घोटाला किया था। उन्होंने किसान आबादी की जमीन का 6 परसेंट मकोड़ा गांव निवासी राजेंद्र प्रधान को आवंटित करवा दिया गया था और साथ ही जमीनी कागज भी बदल दिए थे।
गौरतलब है कि यह भूमि घोटाला 150 करोड़ रुपये का सामन आया था। जानकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में फर्जी तरीके से करोड़ों रुपए के जमीन के पट्टे आवंटित किए गए थे। साल 2014 से लेकर 2017 के बीच में अधिकारियों और भू-माफियाओं के गठजोड़ से सरकारी जमीन हड़प ली गई।
30 मई को प्रदेश सरकार ने तीन सदस्य एसआईटी टीम गठित की। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद् के अध्यक्ष संजीव मित्तल की अध्यक्षता में समिति बनी थी। इसमें मंडलायुक्त मेरठ और अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ को सदस्य बनाया गया था। इस जांच में जमीनी घोटाले के साथ कागजों में छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया है।
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