Honeytrap News: राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस टीम ने आर्मी की सामरिक महत्व की सूचना इकट्ठा कर पाकिस्तान भेजने वाले आरोपी गिरफ्तार किया लिया है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नागरिक सूरतगढ़ आर्मी कैंट के बाहर वर्दी की दुकान चलाता है.
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राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस टीम ने आर्मी की सामरिक महत्व की सूचना इकट्ठा कर पाकिस्तान भेजने वाले आरोपी गिरफ्तार किया लिया है
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Crime Tak
16 Mar 2024 (अपडेटेड: Mar 16 2024 3:10 PM)
पाकिस्तान की महिला एजेंटों के जाल में फंसा युवक
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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलिजेंस संजय अग्रवाल ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा की जा रही जासूसी गतिविधियों पर राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है. एकत्र की गई खुफिया जानकारी से पता चला कि सूरतगढ़ आर्मी कैंट के बाहर वर्दी की दुकान चलाने वाला आनंद राज नाम का युवक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया विभाग की तीन महिला संचालकों के साथ लगातार संपर्क में था। आनंद राज सेना परिसर के पास अपनी वर्दी की दुकान के माध्यम से सेना के जवानों के संपर्क में था। जयपुर इंटेलिजेंस टीम द्वारा जब आनंद राज की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी गई तो पता चला कि वह सामरिक महत्व की सूचनाएं इकट्ठा कर तीन महिला हैंडलर्स को भेज रहा था.
गोपनीय जानकारी भेजने के बदले पैसे की मांग
दरअसल, आनंद राज कुछ समय से वर्दी की दुकान छोड़कर बहरोड़ की एक फैक्ट्री में काम कर रहे थे. इस दौरान भी वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की महिला हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में था और उनके सूत्रों से उसे सेना की महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी मिल रही थी, जिसे वह महिला पाकिस्तानी एजेंटों के साथ साझा करता था. गोपनीय सूचनाएं भेजने के बदले में उसने पैसों की भी मांग की.
महिला जासूस आपको आकर्षण के जाल में फंसाती हैं
आपको बता दें कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी सैन्यकर्मियों के साथ-साथ परिसर के आसपास काम करने वाले नागरिकों को निशाना बनाकर भारतीय सेना के बारे में गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करती रहती है. इसके लिए महिला हैंडलर भारतीय मोबाइल नंबरों पर संचालित सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करती हैं, जो सैन्यकर्मियों और सेना के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों को हनीट्रैप में फंसाती हैं.
अपर महानिदेशक अग्रवाल ने बताया कि आनंद राज की गतिविधियों पर संदेह होने पर सभी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त पूछताछ कर तकनीकी जानकारी हासिल की गयी. पूछताछ के बाद प्राप्त साक्ष्यों और उसके द्वारा प्रयुक्त मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर राज के खिलाफ स्पेशल पुलिस स्टेशन, जयपुर में राज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
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