Maharashtra 5 Family Members Died : गढ़चिरौली में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत, परिवार की बहू ने रची जहरीली साजिश, ये कहानी रौंगटे खड़े कर देगी

Maharashtra 5 Family Members Died : गढ़चिरौली में 20 दिनों में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई। आखिर ये मौतें कैसे हुई? क्या इसके पीछे कोई साजिश थी? किसने रची थी साजिश और क्यों? तो आईये पूरी खबर जानते हैं -

आरोपी संघमित्रा अपने पति के साथ

आरोपी संघमित्रा अपने पति के साथ

19 Oct 2023 (अपडेटेड: Oct 19 2023 2:37 PM)

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व्येंकटेश दुडमवार के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट

Maharashtra 5 Family Members Died : गढ़चिरौली में 20 दिनों में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई। आखिर ये मौतें कैसे हुई? क्या इसके पीछे कोई साजिश थी? किसने रची थी साजिश और क्यों? तो आईये पूरी खबर जानते हैं -  

 

 शंकर कुंभारे और उसकी पत्नी

देखते ही देखते एक के बाद एक मौत

दरअसल, यह पूरा मामला गढ़चिरौली की अहेरी तहसील के महागांव का है, जहां शंकर कुंभारे का परिवार रहता था। शंकर के तीन बच्चे थे। एक का नाम रोशन, कोमल और सागर था। सागर दिल्ली रहता था। बाकी लोग गढ़ चिरौली में रहते थे। परिवार के सभी सदस्यों की अचानक तबीयत खराब हो गई और देखते ही देखते 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि यह बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों में से कोई भी पहले बीमार नहीं था। परिवार के सभी लोगों की एक के बाद एक तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद सबको अस्पताल में एडमिट करवाया गया, जिसके बाद  बाद 20 दिनों में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। परिवार कुछ समझ पाता कि इससे पहले हादसे पर हादसे होते चले गए।

रोशन, मृतक

20 दिनों में पांच लोगों की मौत

20 सितंबर को शंकर कुंभारे और उनकी पत्नी विजया की अचानक तबीयत खराब हो गई। पहले उन्हें अहेरी और बाद में चंद्रपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब दोनों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। 26 सितंबर को शंकर की मौत हो गई, जब कि अगले ही दिन उसकी पत्नी की भी मौत हो गई।

रोजा, आरोपी

आरोपी ने अपनी बहन, पति, सास-ससुर, ननद को मौत की नींद सुला दिया

इसके बाद अहेरी में रहने वाली उनकी विवाहित बेटी कोमल दहा गांवकर, बेटे रोशन शंकर कुंभारे और शंकर कुंभारे की साली आनंदा उर्फ वर्षा उराडे की तबीयत खराब हो गई। इसी के चलते उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई दवा उपचारों के बाद भी उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। कोमल दहागांवकर की 8 अक्टूबर, आनंदा उर्फ वर्षा उराडे की 14 अक्टूबर और रोशन कुंभारे की 15 अक्टूबर को मौत हो गई।

आरोपी संघमित्रा अपने पति रोशन के साथ

दिल्ली से आए बड़े बेटे की भी बिगड़ी हालत

शंकर कुंभारे का सबसे बड़ा बेटा सागर कुंभारे दिल्ली में रहता था। अपने माता-पिता की मौत की खबर लगते ही वो दिल्ली से अपने घर आ गया। बाद में वो क्रियाकर्म करने के बाद वापस लौट गया। अब तबीयत खराब होने की बारी थी सागर की। उसकी हालत अचानक खराब हो गई और उसे इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

शंघमित्रा की बहन

तीन और लोग हुए थे बीमार

इसी तरह, शंकर कुंभारे और विजया कुंभारे को इलाज के लिए अहेरी ले जाने वाले उनकी कार के ड्राइवर राकेश मडावी को भी दूसरे दिन से तबीयत खराब होने के कारण चंद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपने रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती होने के कारण शंकर कुंभारे की साली का लड़का उनकी मदद करने के उद्देश्य से चंद्रपुर और नागपुर आ गया। उसकी भी तबीयत खराब हो गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है।

परिवार के दूसरे लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले हादसे पर हादसे होते चले गए, लेकिन अब परिवार के कुछ लोगों को इसमें साजिश नजर आने लगी। परिवार के लोग एक के बाद एक बीमार हो रहे थे, लिहाजा शक की बू तो आ रही थी, लेकिन शायद ज्यादा सोचने का वक्त ही नहीं मिला।

कोमल

...जैसे ही डाक्टर ने बताया कि जहर की वजह से मौत हुई, तब मामला पलट गया

इन 20 दिनों में बीमार सभी लोगों के अंगों में दर्द होना, पीठ के निचले हिस्से और सिर में तेज दर्द होना, होंठ काले पड़ना  और जुबान का भारी होना जैसे समान लक्षण दिखाई दिए। लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों ने प्रारंभिक अनुमान लगाया कि मृत एवं बीमार लोगों पर किसी जहर का प्रभाव है, परंतु उनकी प्रारंभिक जांच में जहर के बारे में अधिक निश्चित जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिवारवालों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

 

पुलिस के सामने कई सवाल थे


आखिर इन सबको जहर किसने दिया और क्यों?

क्या घर की बहू संघमित्रा ने किसी के साथ मिलकर जहर दिया?

ये जहर कहां से लाए?

दोनों हत्याओं के लिए क्यों तैयार हो गए?

अगर संघमित्रा ने जहर दिया तो उसने अपनी बहन को क्यों जहर दिया?

कैसे इन सभी को जहर दिया गया और पीड़ितों को पता क्यों नहीं लगा?

शुरुआत में आरोपी संघमित्रा पर शक क्यों नहीं गया?

पुलिस को दोनों पर क्यों शक हुआ? क्या इसलिए क्योंकि वो दोनों ही बच गई थी?

 

पुलिस की जांच शुरू और जांच के घेरे में आई दो महिलाएं

ये मामला पुलिस के पास पहुंचते ही तुरंत चार अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया और क्षेत्र में अपने गुप्त तंत्र को सक्रिय किया गया। जो लोग बच गए थे, उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि पानी और खाना खाने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई थी। पानी और खाने के सैंपल की जांच रिपोर्ट आ ही चुकी थी। ये साफ हो गया था कि उसमें जहर मिला हुआ था। पुलिस ने महाराष्ट्र और तेलंगाना राज्य के विभिन्न जिलों में अपराध की जांच शुरू की। पुलिस को शंकर कुंभारे की बहू संघमित्रा कुंभारे और उनके साले की पत्नी रोजा रामटेके पर शक हुआ। दोनों को हिरासत में लिया और गहनता से पूछताछ करने के बाद इन दोनों ने ही अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

क्या बोली आरोपी संघमित्रा ?

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संघमित्रा कुंभारे बीएससी एग्रीकल्चर टॉपर थीं। उसने अपने माता-पिता के विरुद्ध जाकर रोशन कुंभारे से विवाह किया था, जिसके कारण उसके पिता ने आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा उसका पति रोशन और उसके ससुराल वाले उसे अक्सर ताना मारते थे और सह-आरोपी रोजा रामटेके की शंकर कुंभारे की पत्नी विजया कुंभारे और उसकी दूसरी बहनों से जमीन पर कब्जे को लेकर हमेशा बहस होती थी। इस वजह से वो भी परेशान थी। संघमित्रा का साथ दिया रोजा ने। दरअसल, शंकर कुंभारे के साले की पत्नी थी और पड़ोस में रहती थीं।

तेलंगाना से लाई मौत का सामान

प्लानिंग के मुताबिक, रोजा रामटेके तेलंगाना राज्य में जाकर जहर ले आई और जब भी मौका मिलता उन दोनों ने मरे हुए और बीमार लोगों के खाने-पीने में जहर मिलाकर उन्हें खाने को दे दिया। जांच में पता चला कि ड्राइवर राकेश मडावी का शंकर कुंभारे से कोई संबंध नहीं था लेकिन उनकी कार में रखे हुए पीने के पानी की बोतल से पानी पीने के बाद वह बीमार पड़ गए। इस अपराध में अन्य आरोपी भी शामिल होने की आशंका है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

रोशन और संघमित्रा ने 2022 में शादी की थी, जिसके बाद संघमित्रा के पिता का पातूर में निधन हो गया था और वह 6 महीने तक अपने मायके में ही रही थी। इस बीच रोशन ने पोस्टमास्टर की परीक्षा क्वालीफाई कर ली थी, जिसके बाद रोशन और संघमित्रा दोनों ही सिरोंचा में रहने लगे थे। बताया जा रहा है कि घटना से 2 महीने पहले ही रोशन और संघमित्रा घर आए थे।

Note : ये खबर Crime Tak में Internship कर रही निधि शर्मा ने लिखी है।

 

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