मणिपुर में जिंदा जला दी गई स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी, ''मुझे लेने वापस आना...'' पोते से कहे थे आखिरी शब्द

सेराऊ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, काकचिंग जिले के सेराऊ गांव में एक स्वतंत्रता सेनानी की 80 वर्षीय पत्नी को एक सशस्त्र समूह ने उसके घर के अंदर बंद कर दिया और आग लगा दी

Manipur Violence Latest News Update | File Photo

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23 Jul 2023 (अपडेटेड: Jul 23 2023 10:20 AM)

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Manipur Violence: जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर (Manipur) से अब कल्पना से परे डरावनी कहानियां सामने आ रही हैं. सेराऊ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, काकचिंग जिले के सेराऊ गांव में एक स्वतंत्रता सेनानी (Freedom Fighter Wife) की 80 वर्षीय पत्नी को एक सशस्त्र समूह ने उसके घर के अंदर बंद कर दिया और आग लगा दी. उनके पति, एस चुराचंद सिंह, जिनकी 80 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई, एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया था.

जिंदा जला दी गई स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी 

घटना 28 मई की सुबह की है, जब सेरोउ जैसी जगहों पर बड़े पैमाने पर हिंसा और गोलीबारी हुई थी. 3 मई को हिंसा भड़कने से पहले, सेरौ राज्य की राजधानी इंफाल से लगभग 45 किमी दूर एक खूबसूरत गांव था. लेकिन अब केवल जला हुआ घर और दीवारों पर गोलियों के छेद बचे हैं, जैसा कि एनडीटीवी ने देखा.

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अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मैतेई की मांग को लेकर घाटी बहुल मैतेई और पहाड़ी बहुल कुकी जनजाति के बीच संघर्ष के दौरान यह सबसे अधिक प्रभावित गांवों में से एक था.

80 वर्षीय इबेटोम्बी एक स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी थीं. आरोप है कि उन्हें घर में बंद कर दिया गया और घर में आग लगा दी गयी. जब तक उसके परिजन उसे बचाने पहुंचे, तब तक पूरा घर जलकर राख हो गया.

'दादी ने सबसे पहले हमें भागने के लिए कहा'

Manipur Violence Latest News: इबेटोम्बी के पोते प्रेमकांत ने एक न्यूज़ चैनल को बताया कि उन्होंने मौत से बहुत करीबी लड़ाई लड़ी है. दादी को बचाने के प्रयास में उसके भी हाथ और जांघ में गोली लग गयी और वह घायल हो गया. प्रेमकांत ने बताया, 'जब हम पर हमला हुआ तो मेरी दादी ने पहले ही हमारी उम्र को देखते हुए हमें भाग जाने के लिए कहा था। घर के बाहर फायरिंग हो रही थी और बुजुर्ग का सुरक्षित बचना मुश्किल था. जब हम जा रहे थे तो उसने पीछे से मुझसे कहा कि मेरे लिए वापस आओ. ये उनके आखिरी शब्द थे.

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