Khalistani आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश मामले में बड़ा Update, निखिल गुप्ता ने US कोर्ट में कहा, 'मैं बेकसूर हूं'

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Pannun Murder Conspiracy: भारत और अमेरिका दोनों ही खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannun) की हत्या की साजिश के सिलसिले में फूंक फूंककर कदम उठा रहे हैं। हालांकि दोनों ही तरफ से ये दावा है कि इससे दोनों के आपसी रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसी बीच बीते शुक्रवार को भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य से अमेरिका लाया गया। निखिल गुप्ता को पिछले साल 30 जून में अमेरिकी सरकार की गुजारिश पर चेक गणराज्य में गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि इसी साल इसी महीने की 14 तारीख को उसे प्रत्यर्पित करके अमेरिका भी ले आया गया। यहां अमेरिका में इस संगीन मामले में अदालत की सुनवाई 28 जून को शुरू होगी।

 निखिल गुप्ता ने Court में बेकसूर होने का दावा किया

इसी बीच निखिल गुप्ता के वकील जेफरी चैब्रोवे के मुताबिक निखिल गुप्ता को सोमवार को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया था जहां उन्होंने खुद को बेकसूर होने का दावा किया है। निखिल गुप्ता का कहना है कि उनके खिलाफ गलत तरीके से आरोप लगाए गए हैं। न्यूयॉर्क की कोर्ट ने निखिल गुप्ता को 28 जून को होने वाली सुनवाई तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। इसी आदेश के मद्देनज़र निखिल गुप्ता के वकील ने उनकी जमानत के लिए भी कोई आवेदन नहीं किया। 

Czech Republic में पिछले साल हुआ था Arrest

पिछले साल जब 30 जून को निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था तो उस वक्त भारत में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि एक भारतीय नागरिक चेक गणराज्य की हिरासत में है। जबकि उनके प्रत्यर्पण की याचिका लंबित है। इस बीच हमने तीन बार कॉन्सुलर से मुलाकात की। इसी बीच अमेरिका के फेडरल वकीलो ने निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में पन्नू की कथित असफल हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।

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Pannun की हत्या की साजिश रचने का आरोप

भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या कराने की साजिश रचने का आरोप जरूर लगा। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि निखिल गुप्ता न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले सिख अलगाववादी पन्नू को मारने के लिए जिस एक हत्यारे को 100,000 अमेरिकी डॉलर देने पर राजी हुए थे। इसमें से 15 हजार डॉलर की एडवांस पेमेंट 9 जून 2023 को कर दी गई थी। लेकिन, जिस शख्स को इस काम के लिए तैयार किया गया था, वह असल में अमेरिकी एजेंसी का ही खुफिया एजेंट था

10 साल की हो सकती है सजा

निखिल गुप्ता पर आरोप है कि पैसों के लिए हत्या करने और हत्या की साजिश रचने में उनकी मिलीभगत है। अमेरिकी कानून के मुताबिक अगर निखिल गुप्ता पर लगाए गए आरोप सही पाये जाते हैं तो उन्हें कम से कम दस साल की सजा हो सकती है। असल में अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता का नाम सामने आया था।

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रिपोर्ट में दावा 

अमेरिका में अधिकारियों का आरोप है कि एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के कहने पर ही निखिल गुप्ता ने अमेरिका में गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश रची थी। और इस खुलासे के बाद से ही अमेरिका ने निखिल गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी। पिछले साल फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका में गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रची गई थी, जिसे अमेरिकी एजेंटों ने नाकाम कर दिया था। कहा गया कि इस मामले को अमेरिका ने भारत सरकार के सामने भी उठाया।

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ऐसे हुई साजिश नाकाम

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस मामले से यह खुलासा नहीं हो सका कि क्या भारत के सामने इस मामले को उठाने की वजह से साजिशकर्ताओं ने अपनी प्लानिंग बदल दी। या फिर FBI की दखल से ये साजिश नाकाम हुई।  

साजिश में मदद करने का आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि निखिल गुप्ता भारत सरकार के सहयोगी हैं और उन्होंने और न्यूयॉर्क में अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने में मदद की। गौर करने वाली बात ये है कि गुरपतवतं सिंह पन्नू भारत की तरफ से घोषित आतंकवादी है। मगर उसके पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता भी है।
 

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