VARDAAT: फिर इतिहास दोहराएगा पाकिस्तान? नॉट आउट होंगे या रन आउट होंगे इमरान!

SHAMS TAHIR KHAN: पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में आज तक कोई भी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं हुआ जिसने अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे किए हों, और अब भी ऐसा लग रहा है कि इमरान की किस्मत में भी ये दिन देखने शायद नहीं लिखे हैं.
VARDAAT: फिर इतिहास दोहराएगा पाकिस्तान? नॉट आउट होंगे या रन आउट होंगे इमरान!
सांकेतिक तस्वीर

VARDAAT: पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार पर सियासी संकट के बादल मंडरा रहे हैं, संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जा चुका है। और अब 3 अप्रैल से पहले पहले इमरान सरकार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहुमत साबित करना है। मगर इससे पहले ही इमरान की विदाई की कड़ियां धीरे धीरे आपस में जुड़ने लगी हैं, और एक के बाद एक उनके सहयोगी साथ छोड़ रहे हैं।

SHAMS TAHIR KHAN: इमरान सरकार के प्रमुख सहयोगी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान यानी एमक्यूएम और विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी पीपीपी के बीच एक डील हुई। इसके तहत एमक्यूएम इमरान खान से समर्थन वापस लेगी, ज़ाहिर है इस फैसले के बाद अब इमरान खान की सरकार अल्पमत में आ जाएगी। और अगर सदन में विपक्षी दलों के मंसूबे कामयाब हो जाते हैं तो अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता गंवाने वाले इमरान खान पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री होंगे। इससे पहले पाकिस्तान में सिर्फ दो ही प्रधानमंत्रियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए गए, जिनमें पहली बार साल 1989 में तत्कालीन पीएम बेनजीर भुट्टो और साल 2006 में पीएम शौकत अजीज़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था लेकिन दोनों अपनी सरकार बचाने में कामयाब रहे थे।

SHAMS TAHIR KHAN SHOW: हालांकि पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में आज तक कोई भी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं हुआ जिसने अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे किए हों, और अब भी ऐसा लग रहा है कि इमरान की किस्मत में भी ये दिन देखने शायद नहीं लिखे हैं। मगर सवाल ये कि आखिर इमरान सरकार के खिलाफ क्यों दाखिल हुआ ये अविश्वास प्रस्ताव? क्या ये जनता की नाराज़गी है, या विपक्ष की मंशा, या फिर इसके पीछे सेना का हाथ है।

कुल मिलाकर इमरान सरकार के खिलाफ अगर अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पास हो जाता है, तो इमरान खान को पीएम पद छोड़ना होगा। पीएम के हटने के बाद नेशनल असेंबली नए नेता के लिए तत्काल मतदान करेगी। जब पीएम को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाया जाता है तो उनका कैबिनेट भी खत्म हो जाती है। मगर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर प्रधानमंत्री इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव पर बहुमत पाने का भरोसा नहीं हुआ, तो वो नेशनल असेंबली को भंग कर नया चुनाव कराने की सिफारिश भी कर सकते हैं।

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