VARDAAT: किम जोंग का 'अप्रैल फूल'.. आखिर किम जोंग उन ने विश्व झूठ क्यों बोला?

SHAMS TAHIR KHAN: 16 मार्च को नॉर्थ कोरिया ने ह्वासोंग-17 की लॉन्चिंग का कुछ हिस्सा शूट किया, मगर वो परीक्षण नाकाम हो गया. बाद में 24 मार्च को ह्वासोंग-15 मिसाइल में कुछ मॉडिफ़िकेशन कर उसे दोबारा लान्च किया और बता दिया कि ये ह्वासोंग-17 मिसाइल है.
VARDAAT: किम जोंग का 'अप्रैल फूल'.. आखिर किम जोंग उन ने विश्व झूठ क्यों बोला?
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SHAMS TAHIR KHAN SHOW: नॉर्थ कोरिया के मार्शल किम जोंग उन की अगुवाई में पिछले दिनों जो मिसाइल टेस्ट हुआ. वो फ़र्ज़ी था! मार्शल किम जोंग उन जिस मिसाइल को फ़ायर करने से पहले अपनी घड़ी में सेकंड्स गिन रहे थे. वो फ़र्ज़ी था!

22 चक्कों वाले जिस विशालकाय ट्रक पर नॉर्थ कोरिया का अब तक का सबसे घातक न्यूक्लियर मिसाइल ह्वासोंग-17 रखा था. वो एक छलावा था! महीनों के बाद आपने टीवी के पर्दे पर किम जोंग उन का जो शाहकार देखा वो आपकी नज़रों का धोखा था! असल में 24 मार्च को नॉर्थ कोरिया के प्योंग्यांग एयरपोर्ट से उस रोज़ ह्वासोंग-17 मिसाइल का प्रक्षेपण हुआ भी था. और नहीं भी.

विशेषज्ञों का कहना है कि वो दरअसल नॉर्थ कोरिया का ह्वासोंग-15 मिसाइल ही था, जिसे किम जोंग उन ने ह्वासोंग-17 बता कर पूरी दुनिया के सामने पेश कर दिया. और जिसे लॉन्च करने का वीडियो जारी कर पूरी दुनिया को डराने की कोशिश की.

असल में उस रोज़ ह्वासोंग-15 मिसाइल का ही दोबारा टेस्ट किया गया था और इस पर किम जोंग उन के इशारे पर नॉर्थ कोरिया के वैज्ञानिकों और फ़ौजियों ने ह्वासोंग-17 का मुलम्मा चढ़ा दिया. ह्वासोंग-15 दरअसल वो इंटर कॉन्टीनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल है, जिसे नॉर्थ कोरिया 2017 में यानी पहले ही टेस्ट कर चुका है और जो ह्वासोंग-17 से कई मायनों में कई गुना कम पारवफुल है.

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