इंद्राणी मुखर्जी की रियल कहानी किसी थ्रिलर सीरियल से कम नहीं, शीना का मर्डर आज भी मिस्ट्री है

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Latest Crime News: इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukherjea) इस नाम को आज कौन नहीं जानता। अपनी लव स्टोरी के चक्कर में अपनी ही बेटी को मौत के घाट उतारने और फिर उसकी लाश को कहां कहां ठिकाने लगाने के उसके क़िस्से ने किसी टीवी सीरियल की उस लव स्टोरी को ताजा कर दिया था, जैसा कि अक्सर लोग टीवी के धारावाहिक में देखते ही रहते हैं।

ये क़िस्सा क़रीब नौ साल पुराना है। जब ज़माने के सामने पहली बार रूपसी इंद्राणी मुखर्जी के बजाए एक खतरनाक इंद्राणी मुखर्जी की शक्ल नज़र आई थी। इंद्राणी मुखर्जी को पहली बार क़ानून के शिकंजे में उस वक़्त घिरा देखा गया था जब उस पर ऑनर किलिंग का संगीन इल्ज़ाम लगा था। इतना ही नहीं इंद्राणी मुखर्जी पर सिर्फ अपनी बेटी शीना बोरा (Sheena Bora) के क़त्ल का ही इल्ज़ाम नहीं था बल्कि ज़माने के सामने एक ऐसी कहानी भी आ गई थी जिसने मां और बेटी के रिश्तों को लेकर लोगों की सोच में फर्क पैदा कर दिया था।

Murder Mystery: साल 2012 में जब ये सनसनीखेज़ मर्डर का क़िस्सा सामने आया तो पूरा देश सन्न रह गया था। क्योंकि हाईप्रोफाइल सोसाइटी में इससे पहले ऐसी कहानी कभी किसी ने सामने आते नहीं देखी थी। एक मां पर अपनी ही बेटी की हत्या जैसी संगीन वारदात का इल्ज़ाम लेकिन क़त्ल के बाद जिस तरह से उसे टुकड़े टुकड़े करवा कर जंगलों में फिंकवाने की बात सामने आई थी उसने पूरे देश को बुरी तरह झकझोरकर रख दिया था क्योंकि ये ऐसा क़िस्सा था जिसे क़िस्से और कहानियों तक में तो कोई भी बर्दाश्त कर सकता था लेकिन असल जिंदगी में अपने आस पास देखना किसी को भी गवारा नहीं था।

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लेकिन सबसे हैरानी की बात ये है कि क़त्ल के इस मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ने भी हाथ डाला। CBI ने भी इस मामले की परत दर परत खंगाली मगर उसके हाथ भी खाली के खाली ही बने रहे। और शीना बोरा की हत्या का सस्पेंस आज तक क़ायम है।

ये शायद देश का इकलौता ऐसा केस है जिसमें पहले दिन से ही सस्पेंस रहा। और सस्पेंस की जितनी पर्ते इस कहानी में देखने को मिली, उतनी परतें किसी थ्रिलर सीरियल या उपन्यास में भी शायद देखने और सुनने को मिलती हों।

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Sheena Bora Murder Case: इंद्राणी मुखर्जी पर जिस वक़्त अपनी बेटी की हत्या का मामला शुरू हुआ और पुलिस थाने में उनका आना जाना शुरू हुआ, उस वक़्त इंद्राणी मुखर्जी की हैसियत बहुत ऊंची थी। और इत्तेफ़ाक से ये वही दौर था जब चैनल में ऐसे सीरियल्स की भरमार हुआ करती थी जिसमें रिश्तों का ताना बाना इस क़दर उलझा हुआ होता था कि कोई भी पूरे यक़ीन से नहीं कह सकता था कि एक किरदार दूसरे किरदार से किस तरह अलग या उसके साथ नाता रखता है।

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इस क़िस्से की शुरूआत हुई 2 मई 2012 से। तब महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले के जंगलों में एक लड़की की आधी जली लाश बरामद हुई थी। आमतौर पर उस जंगल में किसी की लाश मिलना पुलिस के लिए बहुत मामूली और आम जैसी बात थी। लेकिन जब लाश की शिनाख़्त का सिलसिला शुरू हुआ तो कहानी के पन्ने पलटने शुरू हुए।

असल में उस लाश की हालत इस क़दर ख़राब थी कि उसकी शिनाख़्त करना मुमकिन नहीं हो पा रहा था। तब पुलिस को फॉरेंसिक साइंस के ज़रिए लाश की पहचान को पुख़्ता करने का सहारा लेना पड़ा। अध जली लाश के नमूने इकट्ठा किए गए और फॉरेंसिंक लैब में भेज दिए गए। और ये मामला कुछ महीनों के लिए मुल्तवी हो गया।

Bail to Indrani Mukherjea: इधर पुलिस अपनी तफ़्तीश रफ़्ता रफ़्ता बढ़ाती रही। लेकिन न तो कोई सुराग़ ही मिल रहा था और न ही कोई ऐसा सिरा जिसे पकड़कर पुलिस वहां तक पहुँच सके जहां पर उसे लड़की की पहचान करना आसान हो जाए। इसी उधेड़बुन में तीन साल का वक़्त गुज़र गया। साल 2015 में अगस्त में जाकर पुलिस को कुछ ऐसा लगा जिसमें तीन साल पुराने केस की फाइल पर से जमी धूल हटाई जा सकी।

असल में मुंबई पुलिस ने 21 अगस्त 2015 को श्याम मनोहर राय नाम के एक शख्स को दबोचा। कुछ ही देर में ये बात सामने आ गई कि जिस पर पुलिस ने हाथ डाला है वो कोई और नहीं बल्कि स्टार प्लस चैनल की सर्वेसर्वा इंद्राणी मुखर्जी का ड्राइवर है। असल में ये गिरफ़्तारी आर्म्स एक्ट के तहत हुई थी। क्योंकि पुलिस ने उसे अवैध असलाह रखने के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार किया था। बात मामूली ही थी। लेकिन ये मामूली बात इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा कर देगी, इसका अंदाज़ा तो उस पुलिस वाले को भी नहीं था जिसने श्याम मनोहर को गिरफ़्तार किया था।

Shhena Bora Case: पुलिस ने उससे उस हथियार को अपने पास ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से रखने के बारे में पूछताछ की। लेकिन इसी पूछताछ में पुलिस को ये तो अंदाज़ा हो गया कि श्याम मनोहर कुछ छुपा भी रहा है। इसीलिए बात को गोल गोल घुमा रहा। लिहाजा अब पुलिस ने सख़्ती से पूछताछ शुरू की। पुलिस के बदले तेवर और रंग को देखकर श्याम का हलक सूख गया और उसने 2012 में एक हत्या के क़िस्से का खुलासा पुलिस को दे दिया।

अब पुलिस ने सवालों के फावड़े से और खुदाई करने का इरादा कर लिया और खोद खोदकर श्याम मनोहर से सारी बातें पूछ डाली। तब श्याम मनोहर ने पुलिस को बताया कि 2012 में उसने एक लड़की की हत्या के बाद उसे रायगढ़ के जंगलों में ठिकाने लगाया था। उसने ही पुलिस को ये भी बताया था कि कैसे उसने लड़की की लाश को आधी जली हुई हालत में जंगल में ही दफ़ना दिया था।

Latest Murder Mystery: पुलिस जब श्याम मनोहर की बताई कहानी की तस्दीक करने निकली तो उसे वही फाइल मिल गई जिसे तीन साल पहले पुलिस ने फिलहाल किनारे रख दिया था, क्योंकि उसका कोई सुराग ही नहीं मिल पा रहा था, यहां तक की पहचान भी नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने जब तमाम सुराग और श्याम मनोहर की बताई बातों को एक दूसरे से मिलाया तो वो मेल खा गए। अब पुलिस की अंधेरे में एक रोशनी मिल गई थी। लिहाजा उसने श्याम मनोहर से और खोदकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की पूछताछ में श्याम मनोहर ने वो वो सच बोला जिसे शायद पुलिस सपने में भी नहीं सोच सकती थी।

अब श्याम मनोहर राय ने पुलिस को बताया कि वो पीटर मुखर्जी का ड्राइवर था लेकिन बाद में वो इंद्राणी मुखर्जी की गाड़ी चलाने लगा। लेकिन इंद्राणी मुखर्जी ने ही उससे अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या करवाई थी। उसकी हत्या उसने गला दबाकर की थी। लेकिन इस राज़ को छुपाए रखने की गरज से उसने लाश को रायगढ़ के जंगल में छुपाने का इरादा किया था। तब उसने लाश को ले जाकर रायगढ़ के जंगल में पहले जलाया और फिर अध जली हालत में ही उसे वहीं गड्ढ़े में दबा दिया था।

Crime Story in Hindi: ड्राइवर के इस बयान ने पुलिस को सीधा इंद्राणी मुखर्जी के सामने ले जाकर खड़ा कर दिया था। पुलिस जब इंद्राणी को हथकड़ी पहचानेउसके सामने पहुँची तो उसने तमाम इल्ज़ामों से इनकार कर दिया और उल्टे श्याम मनोहर को ही कसूरवार ठहराने लगी। लेकिन पुलिस जब नहीं मानीं तो उसने ये कहकर एक नया दांव चला कि शीना असल में उसकी बहन है और वो तीन साल से अमेरिका में रह रही है।

इंद्राणी मुखर्जी के पैंतरों का तोड़ पुलिस ने कुछ ऐसे निकाला कि ड्राइवर श्याम मनोहर को ही सामने लाकर खड़ा कर दिया। आमना सामना होते ही इंद्राणी की जुबान हकलाने लगी। बस पुलिस का काम हो गया क्योंकि इंद्राणी अब पुलिस के सामने टूट चुकी थी और उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।

इंद्राणी ने जो कुछ पुलिस को बताया उसके मुताबिक शीना बोरा के साथ उसके ताल्लुकात अच्छे नहीं थे। असल में शीना इंद्राणी के पहले पति संजीव खन्ना की औलाद थी। और अक्सर दोनों के बीच खूब झगड़े होते थे। झगड़े की वजह थी शीना का ब्यायफ्रेंड।

रोज रोज की हाय हाय किचकिच से तंग आकर आखिर एक दिन इंद्राणी ने शीना को सबक सिखाने का इरादा किया और अपने ड्राइवर के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साज़िश रच डाली। तब उसने शीना को मिलने के लिए मुंबई बुलाया। और फिर उसे ड्राइवर के साथ जाने को कहा। उस वक़्त कार में ड्राइवर के अलावा एक और शख्स था। रास्ते में ही ड्राइवर ने शीना की गला दबाकर हत्या कर दी। और रायगढ़ के जंगलों में ले जाकर उसकी लाश को पहले जलाया लेकिन फिर आधी जली लाश को वहां दफ़्नाकर लौट आया।

Crime Story News: इंद्राणी पर शिकंजा कसने के बाद पुलिस ने उनके पति पीटर मुखर्जी को भी सवालों के दायरे में ले लिया। उस वक़्त पीटर मुखर्जी टीवी इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हुआ करता था। पूछताछ में ही ये बात सामने आई कि पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी दोनों की ये दूसरी शादी थी। पीटर ने इंद्राणी के साथ साल 2002 में शादी की थी। जबकि इंद्राणी उससे पहले अपने कारोबारी पति संजीव खन्ना से दूर हो चुकी थी। हालांकि दोनों की एक औलाद भी शीना बोरा जो उस वक़्त अपनी नानी के घर ही रहा करती थी।

बताया जाता है कि शीना बोरा जिस लड़के से प्यार करती थी, वो रिश्ते में उसका ही सौतेला भाई था। और ये बात इंद्राणी ने न तो शीना को बताई और न ही किसी और को, लेकिन उसे शीना के इस रिश्ते से ऐतराज था। और बताया जाता है कि यही रिश्ता मां बेटी के बीच झगड़े की असली वजह था।

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