मां की ममता में साजिश : क्लास में बेटी हमेशा दूसरे नंबर पर आई तो मां ने जहर दे टॉपर को मार डाला

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Puducherry Karaikal murder Story : इस मां को कैसा गुनाहगार कहेंगे? इसका गुनाह है एक बच्चे का कत्ल करना. उस मासूम का मर्डर करना जिसने मां की ममता पर भरोसा किया. वो मासूम जो क्लास में हमेशा टॉप करता था. और टॉपर बनना ही उसका सबसे बड़ा गुनाह बन गया. क्योंकि मर्डर करने वाली महिला उसी क्लास की सेकेंड टॉपर लड़की की मां थी जिस क्लास का वो टॉपर था.

इसे अपनी बेटी से हद से ज्यादा लगाव कहें या दूसरे बच्चे के टॉपर बनने से जलन. जिसने एक मां को कातिल बना दिया. वो मां जो ये बर्दाश्त नहीं कर पाई कि हर बार उसकी बेटी खूब पढ़ाई करती है. दिन-रात तैयारी करती है. सोचा था इस बार तो क्लास की टॉपर बनेगी. लेकिन हर बार की तरह इस बार भी दूसरा बच्चा टॉपर बन गया. और मेरी बेटी सेकेंड टॉपर. बस इसी बात से दुखी होकर उसने मां की ममता का गला घोंट दिया.

फिर स्कूल में उसी टॉपर बच्चे की मां बनकर गेट पर पहुंची. गेट पर चौकीदार मिला. उससे बच्चे का नाम बताया. सॉफ्टड्रिंक के दो बोतल दिए. कहा कि क्लास में भिजवाकर कह देना कि मां ने भेजा है. चौकीदार ने वही काम किया. क्लास में सॉफ्टड्रिंक की दोनों बोतलें भेज दी. वो तो मासूम था. सोचा था मां ने बड़े प्यार से पहली बार स्कूल में कुछ भिजवाया है. एक बोतल की ड्रिंक पी गया. स्कूल की छुट्टी हुई. घर पहुंचते-पहुंचते तबीयत बिगड़ने लगी.

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अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. फिर एक दिन बाद मौत हो गई. पर मौत से पहले बच्चे से पूछा गया था कि आखिर उसने क्या खाया था. तब बच्चे ने बताया था कि मां ने ही तो स्कूल में आकर जूस की दो बोतलें भिजवाई थीं. एक बोतल जूस ही तो पिया था. और ये हाल हो गया. अब मां हैरान. क्योंकि वो तो स्कूल गई ही नहीं थी. फिर जूस किसने दिया. वो सॉफ्ट ड्रिंक किसने भेजी थी. जो मौत की वजह बना. अब मौत के बाद इसे साजिश बताते हुए पुलिस में शिकायत की गई. पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया. रिपोर्ट में मौत की वजह जहर होना पाया गया. जांच शुरू हुई. उस स्कूल के चौकीदार से पूछताछ की गई. वहां के सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया. तब वो महिला मिली. उसके बारे में पता लगाया गया. तब पूरी कहानी सामने आ गई.

बेटी को क्लास की टॉपर बनाने की चाहत में एक मां के कातिल बनने की कहानी

Crime Story in Hindi : ये मामला है पुदुचेरी के कराईकल का. मरने वाले छात्र का नाम था बाला मणिकंदन. उम्र करीब 13 साल. वो एक प्राइवेट स्कूल की 8वीं कक्षा में पढ़ता था. ये बच्चा अपने पिता राजेंद्रन और मां मालती के साथ कराईकल की नेहरू कॉलोनी में रहता था. इसी स्कूल की 8वीं क्लास में कराईकल की रहने वाली जे सगायारानी विक्टोरिया की बेटी भी पढ़ती है. इनकी बेटी और बाला मणिकंदन दोनों साथ में एक ही क्लास में पढ़ते थे. पिछल कई साल से हर क्लास में बाला मणिकंदन टॉप करता था. और विक्टोरिया की बेटी सेकेंड टॉपर रहती थी.

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बस इसी बात से विक्टोरिया परेशान हो जाती थी. लगातर कई क्लास में खूब मेहनत के बाद भी विक्टोरिया की बेटी कभी टॉपर नहीं बन सकी. हर बार की तरह 8वीं में भी दूसरे स्थान पर आई थी. बस इस बात से अंदर ही अंदर विक्टोरिया जलने लगी थी. उसे उम्मीद थी कि इस बार तो हर बार से अलग और खास तरीके से बेटी की पढ़ाई कराई. इस बार तो उसे टॉप करना ही था. पर आखिरकार बाला मणिकंदन ही टॉपर बना. अब उस बच्चे के

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टॉपर बनने की सच्चाई को विक्टोरिया सह नहीं पा रही थी. आखिर में यही सोचा कि अगर बाला ही नहीं रहे तो उसकी बेटी आने वाली क्लास में टॉपर बन जाएगी. बस यही बात सोचते हुए आखिरकार वो हैवान बन गई. उस मासूम पर दया नहीं आई. जो उसकी बेटी के साथ उसी क्लास में पढ़ाई करता था. उसे मारने की साजिश रच डाली. वो भी उसी बाला मणिकंदन की मां बनकर.

2 सितंबर को ऐसे दिया सॉफ्ट ड्रिंक में जहर

Murder Story : पुदुचेरी के कराईकल के स्कूल में जहर देने की ये घटना 2 सितंबर की है. उस दिन जब क्लास चल रही थी तभी विक्टोरिया स्कूल पहुंची. स्कूल के गेट पर ही चौकीदार मिला. वो चौकीदार विक्टोरिया को पहचानता नहीं था. विक्टोरिया ने स्कूल चौकीदार से खुद को बाला मणिकंदन की मां बताया. ये कहा कि बेटे को ये ड्रिंक बहुत पसंद है. लेकिन स्कूल आते समय देना भूल गई थी. इसलिए किसी तरह ये बोतल बेटे की क्लास में पहुंचा दे.

ये बात सुनकर चौकीदार ने सॉफ्ट ड्रिंक की दो बोतलें ले जाकर क्लास में दे दी. बाला को जब पता चला कि मां खुद आकर स्कूल में दे गई. तो पहले तो उसे थोड़ा अजीब लगा क्योंकि मां स्कूल में ऐसे कुछ भिजवाया नहीं था. लेकिन मां तो मां होती है. अगर मां इतने प्यार से कोई चीज पीने के लिए स्कूल में भिजवा दे तो भला बेटे उसे कैसे मना कर सकता था.

वो तो मासूम था. उसे क्या पता था कि मां की ममता में भी कभी साजिश हो सकती है. एक बोतल उसने पी ली थी. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. घर आया. तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. मां ने पूछा कि ऐसा क्या खा लिया जिससे ऐसा हुआ. बच्चे ने बताया कि सुबह तक सब ठीक था. आपने जो स्कूल में सॉफ्ट ड्रिंक भिजवाई थी, उसे पीने के बाद ही अजीब सा लग रहा है.

मां ने तुरंत कहा कि मैं तो स्कूल आई ही नहीं थी. ये सुनकर परिवार में सब लोग सकते में पड़ गए. बेटे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज शुरू हुआ. लेकिन अगले दिन 3 सितंबर को बाला ने दम तोड़ दिया. इधर बाला की जान गई उधर विक्टोरिया खुश हो गई. क्योंकि अब उसकी बेटी की टॉपर बनने की राह खुल गई थी.

लेकिन उसकी ये खुशी कई दिनों तक नहीं चली. मासूम की मौत के बाद बाला के परिवार ने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच की. तब पूरा केस ही सामने आ गया. पुलिस ने आरोपी विक्टोरिया को गिरफ्तार कर लिया गया. विक्टोरिया ने फिर मासूम के कत्ल करने की पूरी कहानी बताई. उसने बताया कि वो अपनी बेटी को टॉपर बनाने में ऐसी पागल हुई कि मां की ममता को भी दरकिनार कर दिया. उसी ममता में एक मासूम का कत्ल कर दिया.

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