एक एंकर की लाश की तलाश, पांच साल बाद पुलिस ने खोली फाइल, 3D स्कैनर से ढूंढे जाएंगे जमीन में दफ्न लाश के राज़

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जांच में जुटी पुलिस
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Chhattisgarh Missing Anchor Mystery: ये हैरान करने वाली कहानी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की है। यहां पुलिस महकमे के तेज तर्रार एसपी ने पांच साल से लापता एंकर की गुमशुदगी का राज खोलने का बीड़ा उठाया है। पुलिस एंकर की लाश खोजने के लिए हाईटेक तकनीक 3D स्कैनर का सहारा लेगी। आपको पुलिस अफसर, एंकर की गुमशुदगी और लाश की थ्रीडी स्कैनर से तलाश की पूरी कहानी बताएं उससे पहले एंकर की गुमसुदगी और हत्या कब कैसे हुई ये सिलसिलेवार जान लेते हैं। 

 

सलमा सुल्ताना घर से निकली और अचानक गायब हो गईं।

 

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दरअसल साल 2018 के अक्टूबर महीने में कोरबा की उभरती हुई मशहूर टीवी एंकर सलमा सुल्ताना घर से निकली और अचानक गायब हो गईं। सलमा के परिजनों ने पुलिस में बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। कई दिनों तक तो पुलिस ने सलमा की तलाश की लेकिन फिर ये मामला पुलिस की फाइलों में दफ्न हो गया। कई बार एंकर सलमा सुल्ताना के बारे में कई तरह की अफवाहें भी उड़ी। कभी उसके मुम्बई चले जाने की चर्चा सामने आई तो कभी अफेयर की बात उड़ाई गई। हैरानी की  बात ये है कि पुलिस ने भी इन सभी बातों पर भरोसा किया। तमाम आधुनिक सुविधाओं के बावजूद सलमा की तलाश में पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई।

आईपीएस व सिटी एस पी रॉबिन्सन ने खोली फाइल

एक रोज कोरबा पुलिस में तैनात आईपीएस व सिटी एस पी रॉबिन्सन गुड़िया के नजर सलमा की फाइल पर पड़ी। आईपीएस रॉबिंसन को थाने के लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान सलमा की फाइल दिखाई दी। इस अफसर ने देखा कि सलमा गुमसुदगी केस में ठीक से जांच नहीं की गई। जिसके बाद सिटी एस. पी. रॉबिन्सन गुड़िया ने नए सिरे से छानबीन शुरू की। एक एक कर सलमा से जुड़े लोगों से पूछताछ करने पर कई तथ्यों का खुलासा हुआ। जांच में यह भी पता चला कि सलमा ने कोरबा के एक बैंक से लोन ले रखा था, जिसका भुगतान 2018 तक कोरबा का एक युवक कर रहा था। लेकिन 2019 से उसने लोन का भुगतान बन्द कर दिया। भुगतान करने के लिए कहने पर अभद्र व्यवहार किये जाने और धमकाने की जानकारी भी पुलिस को मिली। जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि पांच साल पहले सलमा की हत्या कर, उसके शव को कोरबा - दर्री मार्ग पर दफ़न कर दिया गया था।

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जेसीबी मशीन से लाश की तलाश

 

जेसीबी मशीन से लाश की तलाश

इस सनसनीखेज खुलासे ने पुलिस को चौंका दिया। जिसके बाद गोपनीय रूप से मामले की जांच की जाने लगी। विगत 30 मई को सलमा का शव दफनाने के संभावित स्थान की जानकारी पुलिस को मिली। एक दिन बाद दर्री के सिटी एस. पी. रॉबिन्सन गुड़िया ने उस जगह पर सलमा की डेड बॉडी बरामद करने के लिए जे.सी.बी. मशीन लगाकर जमीन की मिट्टी हटाने का काम शुरु किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस अफसरों को यकीन हो गया कि लाश इस तरह नहीं मिल सकती। 

लाश रिकवर करने के लिए 3D स्कैनर तकनीक का सहारा

पुलिस ने भूवैज्ञानिकों का सहारा लिया तो पता चला कि पिछले पांच साल में कोरबा -दर्री मार्ग की भौगोलिक संरचना बदल चुकी है। जहां कभी सिंगल रोड होती थी वहां अब कांक्रीट की फोर लेन सड़क बन चुकी है। सड़क बनाने के लिए मिट्टी का भराव किया गया है और कांक्रीट की ढलाई की गई है। इस हालात में कांक्रीट की सड़क को भी तोड़ना पड़ सकता है। यही वजह है कि पुलिस ने अब सलमा की लाश रिकवर करने के लिए 3D स्कैनर तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। 

 

लाश रिकवर करने के लिए 3D स्कैनर तकनीक का सहारा

 

मशीन के जरिये जमीन के भीतर दफ़न शव की तलाश 

दर्री के सिटी एस. पी. रॉबिन्सन गुड़िया का कहना है कि भू- विज्ञान एवं अनुसंधान केन्द्र रायपुर को 3D स्कैनर उपलब्ध कराने के लिए निवेदन किया गया है। जाहिर है कि इस मशीन के जरिये जमीन के भीतर दफ़न शव की तलाश में आसानी की जा सकती है। हैरानी की बात ये है कि जांच में खुलासे की खबरें आने के बाद इस केस में जिस युवक पर शक जताया जा रहा था वो फरार हो गया है। जाहिर है पुलिस चाहती है कि पहले लाश मिले तब मुल्जिमों पर नकेल कसी जाए। गौरतलब है कि कोरबा के कुसमुंडा की रहने वाली 18 साल की सलमा सुल्ताना एक सामान्य परिवार से थी। कोरबा के केबल चैनल में न्यूज एंकर थी। महज 10 वीं पास करने के बाद वो टीवी स्क्रीन पर आ गई थी। 

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