अलवर में फिल्म दृश्यम जैसी मर्डर मिस्ट्री! 100 किलोमीटर दूर हत्या, ज़मीन में दफ्न लाश का राज़

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जांच में जुटी पुलिस
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अलवर से संतोष शर्मा की रिपोर्ट

Alwar Murder Mystery: अगस्त महीने की 30 तारीख थी। अलवर पुलिस को किसी ने खबर दी कि टपूकड़ा बाईपास पर एक लावारिस कार खड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कार की जांच की तो पुलिस भी चौंक गई। कार के अंदर जमीन खोदने वाली गैंती और फावड़ा रखे हुए थे। पुलिस को कार के अंदर खून के कुछ धब्बे भी दिखाई दिए। यहीं से पुलिस अफसरों का माथा ठनका कि आखिर खून से सनी इस कार का राज क्या है। 

लावारिस कार में खून के धब्बे 

पुलिस ने कार के नंबर से कार मालिक के बारे में जानना चाहा तो पता चला कि कार का नंबर फर्जी है। इस कार को दिल्ली से चोरी किया गया था जहां पर कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज थी। अब पुलिस के लिए और भी मुश्किल हो गई कि कैसे पता चले कि कार यहां कौन लाया?  कार में गैती फड़ेवे का क्या राज है? कार में लगे खून के धब्बे किसके हैं? 

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कार में गैंती और फावड़ा 

पुलिस अफसरों की ये तो समझ में आ गया था कि हो ना हो ये एक हत्या का केस है। लिहाजा पुलिस ने आसपास के ताजा खोदे गए गड्ढों की तलाश शुरु की। पुलिस की ये कवायद काम आई और खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस को ताजा खोदा गया गड्ढा मिल गया। पुलिस ने इस गड्ढे को खुदवाया तो जमीन से एक युवक की लाश निकली। जाहिर है कातिलों ने कत्ल कहीं और किया था और लाश को चोरी की कार में रखकर यहां लाकर दफना दिया था। 

जमीन से एक युवक की लाश निकली

पुलिस के सामने अब चुनौती थी कि लाश की शिनाख्त की जाए और कातिलों तक पहुंचा जाए। पुलिस ने आस पास के जिलों और थाने से पता किया तो पता चला कि  रामगढ़ थाने में भी राजेद्र सिंह नाम के शख्स की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके परिजनों ने दर्ज करवाई थी। राजेंद्र सिंह रामगढ़ में ही सुखजीवन उर्फ सुक्खी के ढाबे पर काम करता था वह अलवर में 60 फीट रोड पर कमरा लेकर रहा करता था। राजेद्र सिंह 27 अगस्त से लापता था।

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यूं खुलने लगा कत्ल का राज़ 

अभी अलवर पुलिस जांच कर ही रही थी कि सीकरी में पुलिस ने एक अशफाक नाम के बदमाश को गिरफ्तार किया। दरअसल दो दिन पहले अशफाक ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस टीम ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो अशफाक ने राजेंद्र सिंह का मर्डर कर खुशखेड़ा में दफनाने की बात कबूल कर ली। अब पुलिस इस वारदात में शामिल उसके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है।

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दृश्यम वाली साजिश का खौफनाक खुलासा

राजेंद्र की हत्या और लाश को ठिकाने लगाने की साजिश का खौफनाक खुलासा हुआ तो ये सच सामने आया। अशफाक ने पुलिस को बताया कि सुखजीवन और सुक्खी इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। रामगढ़ के ही रहने वाले अशफाक नाम के बदमाश ने सुख्खी के साथ मिलकर राजेंद्र की हत्या की थी। दरअसल अशफाक और सुक्खी को शक था कि मृतक राजेंदर पुलिस का मुखबिर है। यही वजह थी कि सुक्खी मे अपने साथियों के साथ लकर राजेंद्र की हत्या कर दी और लाश को 100 किलोमीटर दूर कार से ले जाकर दफना दिया था। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है।

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