Exclusive Video: तीन साल बाद गिरफ्तार हुई दिल्ली की लेडी ठग, ये हैं फ्रैंकलिन की तीन नामों वाली जालसाज पत्नी की करतूत

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Delhi Crime Video: पुलिस अफसरों के मुताबिक दिल्ली की इस महिला जालसाज पर बीस हजार रुपए का ईनाम था, ये असम की रहने वाली है।

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Delhi Crime Video:  दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एसीपी अतर सिंह की टीम में शामिल इंस्पेक्टर शिव कुमार ने बड़े ऑपरेशन के बाद तीन साल के बाद दिल्ली की ठग को गिरफ्तार किया है। एसीपी अतर सिंह ने बताया कि एक कुख्यात महिला आरोपी का नाम गायत्री देवरी उर्फ ​​आरती मुखर्जी उर्फ ​​जेनेट है। गायत्री ने नाईजीरियाई नागरिक फ्रैंकलाइन व्हबंडम ज़ुले से शादीकी है। ये जालसाज मूलरुप से गुवाहाटी, असम की रहने वाली है। वह धोखाधड़ी के दो मामलों में वॉंटेड थी और सरिता विहार थाने दिल्ली के एक मामले में उसे भगोड़ा अपराधी भी घोषित किया गया था। आरोपी पर बीस हजार रुपये का इनाम भी था। 

जालसाजी के तीन नाम

दिल्ली में गायत्री देवरी उर्फ ​​आरती की गतिविधियों के बारे में स्पेशल सेल के पास सूचना थी। तीन महीने से अधिक समय तक निरंतर प्रयासों के बाद इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम को खबर मिली कि गायत्री देवरी, मयूर विहार, दिल्ली के किसी इलाके में छुपी है। सेल की टीम को लगाया गया और 14 अक्टूबर, 2023 को उसे पकड़ लिया गया।गिरफ्तार आरोपी गायत्री देवरी से पूछताछ में पता चला कि उसकी शादी ओकेलेके फ्रैंकलाइन व्हबुंडम ज़ुले एक नाइजीरियाई नागरिक से हुई थी और उसने अपने पति और कुछ अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर बहुत महंगी 'अकालाइट सीड' बेचने के बहाने कई लोगों को धोखा दिया था। 

पति के साथ की लाखों की ठगी

आगे खुलासा किया कि ऐसे ही एक मामले में, उन्होंने एक संजीव मेनेजेस को लालच दिया और धोखाधड़ी से उससे करीब 44.25 लाख रुपये ठग लिए। दरअसल गायत्री के पति, ओकेलेके फ्रैंकलाइन व्हबंडम ज़ुले ने, प्रति पैकेट 3,500 डॉलर (लगभग 3 लाख रुपये) की दर से 'अकलाइट सीड्स' के 10,000 पैकेट खरीदने के लिए एक व्यवसायी संजीव मेनेजेस से संपर्क किया था। उसके बाद, आरती मुखर्जी (गायत्री देवरी) ने संजीव मेनेजेस से संपर्क किया और उनसे 'अकालाइट सीड्स' प्रति पैकेट 2,10,000 रुपये की दर पर बेचने के लिए बातचीत की। 

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इस तरह फंसाते थे जाल में

महिला के प्रभाव में आकर शिकायतकर्ता ने उन्हें कुल 44.25 हजार रुपये दे दिये। एक अन्य घटना में गायत्री देवरी और उसके पति ने रुपये ठगने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल किया। लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह संधू से 10.5 लाख रुपए ठग लिए। इस संबंध में ग्रेटर कैलाश थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन वह दोनों मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए ये महिला अंडरग्राउंड हो गई थी।

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