किंग माया 302, मालू, डॉन, मामा बिरयानी और बावर्ची - ये हैं भजनपुरा हत्याकांड के मुख्य आरोपी, सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डालता था माया, देखें वीडियो

ADVERTISEMENT

Delhi Bhajanpur Murder Case : अमेजॉन में मैनेजर के पद पर काम करने वाले हरप्रीत गिल की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

social share
google news

हिमांशु मिश्रा के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट

Delhi Bhajanpur Murder Case : अमेजॉन में मैनेजर के पद पर काम करने वाले हरप्रीत गिल की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मुख्य आरोपी माया भी अरेस्ट कर लिया गया है। माया का असली नाम समीर है। माया ने मामा-भांजा को सिर में गोली मारी थी। दरअसल, घटना वाली रात एक अन्य आरोपी मालू maalu के घर पर पार्टी हो रही थी, जिसके बाद आरोपी दो वाहनों से निकल पड़े थे। इसके बाद इन्होंने घटना को अंजाम दिया। शुरुआती तौर पर ये मामला रोडरेज का था, जिसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया।

‘नाम बदनाम एड्रेस कब्रिस्तान उम्र जीना की शौक मरने का’

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

Maya Gang : सभी आरोपी आसपास रहते हैं। इनकी पुरानी दोस्ती है। सवाल ये उठता है कि आखिर माया के पास ये हथियार कहां से आया? इससे पहले मालू कत्ल के केस में बंद हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की पुरानी रंजिश नहीं थी, महज बाइक पहले ले जाने की जिद की वजह से एक पक्ष ने दूसरे पर फायरिंग कर दी। जांच में पता चला है कि माया के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज थे। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ समीर उर्फ माया की कई फोटो देखी जा सकती है। समीर उर्फ माया बड़ा डॉन बनने के लिए इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ वीडियो डालता है। किंग माया 302 के नाम से उसका Instagram Profile है। उस पर टैग लाइन लिखी है। 'नाम बदनाम एड्रेस कब्रिस्तान उम्र जीना की शौक मरने का'

मृतक की तस्वीर

ऐसे पकड़े गए आरोपी

ADVERTISEMENT

इस केस के कुल पांच आरोपी हैं। बिलाल गनी उर्फ मालू 27 अगस्त को ही 18 साल का हुआ था और उसने अपने दोस्तों को पार्टी भी दी थी। बिलाल को गांजा के नशे की लत है, इस वजह से ही बिलाल का नाम मालू पड़ा था। बिलाल एक वेल्डिंग की दुकान पर काम करता था। पुलिस का कहना है कि जब बिलाल नाबालिग था तो 2022 में इसके खिलाफ भजनपुरा में एक कत्ल का केस दर्ज हुआ था और सहयोगियों के साथ मिलकर एक स्कूटी लूट के मामले में भी बिलाल के खिलाफ केस दर्ज हुआ था, लेकिन नाबालिग होने की वजह से वो बाल सुधार गृह से जल्दी छूट गया था।

आरोपी पुलिस

पुलिस के मुताबिक 29 अगस्त की रात बिलाल ने अपने चार दोस्तों मोहम्मद समीर उर्फ माया(18 साल), सोहेल उर्फ बावर्ची (23 साल), मोहम्मद जुनैद उर्फ मामा बिरयानी (23 साल) और अदनान उर्फ डान(19 साल) के साथ माया के घर पर पार्टी की थी।

पार्टी के बाद रात करीब 10:30 बजे पांचो ने रात में स्कूटी और बाइक चलाने के बारे में तय किया और घर से निकल पड़े। माया ने अपनी पिस्तौल रख ली। यह सभी भजनपुरा की पतली गलियों में घूमने लगे। ये सभी रात करीब 11:30 बजे के आसपास के गली नंबर 8 में पहुंचते हैं, जो की बेहद पतली गली है, जहां पर दो मोटरसाइकिल आसानी से एक दूसरे को क्रॉस नहीं कर सकती।

उसी वक्त हरप्रीत गिल और गोविंद सिंह दूसरी तरफ से बाइक पर आ रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्ष पहले निकलने की जिद पर अड़ पड़े। इसी बात पर झगड़ा शुरू हो गया और तभी जुनैद बाइक से उतरा और उसने गोविंद को थप्पड़ मार दिया। उन्होंने इसका विरोध किया। गुस्से में आकर मोहम्मद समीर उर्फ माया ने बेहद नजदीक से दोनों के सिर में गोली मार दी।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की और फिर दो आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। 

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT

    यह भी देखे...