यूपी में पुलिस मुठभेड़ में वांछित इनामी बदमाश ढेर, आरोपी विनोद उपाध्याय यूपी पुलिस की टॉप 10 लिस्ट में शामिल था

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विनोद उपाध्याय यूपी पुलिस की टॉप 10 लिस्ट में शामिल था
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UP Encounter News: सुलतानपुर जिले में शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मारा गया। उपाध्याय यूपी पुलिस की टॉप 10 लिस्ट में शामिल था। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स यानी की एसटीएफ ने शुक्रवार को गोरखपुर और पूर्वांचल के चर्चित गैंगस्टर विनोद उपाध्याय को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। करीब 7 महीने से उसकी तलाश जारी थी।

विनोद उपाध्याय के खिलाफ यूपी में 35 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज थे। 2005 में महज एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए उसने पहली बार हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम दिया था। वो अयोध्या का रहने वाला था। विनोद ने एक बार चुनाव भी लड़ा था। 2005 में हत्या करने के बाद 2007 में गोरखपुर की ही सहजनवा सीट से बीएसपी की टिकट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो चुनाव हार गया था। 

शार्प शूटर और माफिया  विनोद कुमार उपाध्याय अपना एक संगठित गिरोह बनाकर गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर, लखनऊ में कई सनसनीखेज हत्या की वारदातों को अंजाम दे चुका था। 

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कोतवाली देहात थाना के प्रभारी श्याम सुंदर ने बताया कि अपराधी की पहचान विनोद कुमार उपाध्याय (37) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि उपाध्याय और एसटीएफ के बीच थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज बाजार बाईपास के पास हुई मुठभेड़ हुई।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसटीएफ) अमिताभ यश ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एसटीएफ के साथ मुठभेड़ के दौरान उपाध्याय को गोली लग गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई।

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पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि उपाध्याय के खिलाफ गोरखपुर, बस्ती, संत कबीर नगर और लखनऊ में जघन्य अपराधों के 35 मामले दर्ज थे।

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पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि सितंबर 2023 में गोरखपुर पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

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