Inside Story: आतंकी पन्नू, एक लाख डॉलर की सुपारी, INDIA की CC-1 साजिश, अमेरिका का बड़ा खुलासा

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पन्नू की हत्या की कोशिश मामले में अमेरिकी खुलासे के बाद मचा हड़कंप
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Plotting to kill Pannun: अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह की हत्या की कोशिश के सिलसिले में जो खुलासा किया है वो किसी हॉलीवुड की फिल्मों जैसी स्क्रिप्ट जैसा नज़र आ रहा है। इसी बीच खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश के मामले में न्यूयॉर्क पुलिस की एक चार्जशीट भी सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि एक भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने जिसे हत्या की सुपारी दी वो कोई और नहीं अमेरिकी खुफिया विभाग का एक अंडरकवर अफसर था। और उसी अंडरकवर अफसर की वजह से ये सारा मामला सामने आ सका। 

न्यूयॉर्क अटॉर्नी की वो चार्जशीट जिसमें पन्नू की हत्या की कोशिश के मामले के खुलासे में निखिल गुप्ता का नाम है

सबूतों से भरी न्यूयॉर्क पुलिस की चार्जशीट

न्यूयॉर्क पुलिस की ये चार्जशीट बुधवार की रात सामने आई। जिसमें दावा किया गया है कि भारत के नागरिक निखिल गुप्ता को भारत सरकार के एक अधिकारी के कहने पर गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या करने की प्लानिंग की थी और एक लाख डॉलर की  उसकी सुपारी भी दे दी थी।  

अधिकारी का कोड नेम CC-1 

भारत सरकार का वो कौन सा अधिकारी है जिसके इशारे पर हत्या की ये प्लानिंग की गई इसका खुलासा न्यू यॉर्क अटॉर्नी की उस चार्जशीट में कहीं नहीं किया गया। बस उस अधिकारी के नाम की जगह कोड नेम CC-1 का इस्तेमाल किया गया है। चार्जशीट कहती है कि भारत सरकार का जो CC-1 कोड नेम का अधिकारी है वो असल में भारत सरकार की एक एजेंसी का सीनियर अधिकारी है जो खुद को फील्ड का सीनियर अधिकारी होने का दावा करता है। चार्जशीट के मुताबिक उस CC-1 कोड नेम वाले अधिकारी के जिम्मे न सिर्फ सिक्योरिटी मैनेजमेंट का काम था बल्कि अपने एजेंट्स के जरिए खुफिया जानकारी हासिल करने की भी जिम्मेदारी थी। 

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चार्जशीट में उस भारतीय अधिकारी का नाम जिसे कोड नेम CC-1 दिया गया

भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

न्यू यॉर्क पुलिस की ये सनसनीखेज चार्जशीट सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। भारतीय विदेश विभाग के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हम पन्नू की हत्या की कोशिश वाले मामले में भारतीय आधिकारी के शामिल होने की बात की उच्च स्तरीय जांच करवाई जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया और कहा है कि ये भारत सरकार की नीतियों के खिलाफ है। 

भारतीय अफसर का कच्चा चिट्ठा

न्यूयॉर्क पुलिस की चार्जशीट कहती है कि जिस भारतीय अफसर का जिक्र किया गया है कि वो भारत की सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के लिए भी काम करता है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के मुताबिक इस पूरे मामले में जिस भारतीय अधिकारी का जिक्र किया जा रहा है उसे युद्ध की रणनीति तैयार करन के लिए अफसर स्तर की ट्रेनिग के साथसाथ हथियारों को चलाना भी सिखाया जा रहा है। 

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चेक गणराज्य से निखिल गुप्ता गिरफ्तार

अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के मुताबिक निखिल गुप्ता को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। निखिल गुप्ता 30 जून को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। चेक गणराज्य और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत अमेरिका भी लाया जा चुका है। 

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पन्नू की हत्या की कोशिश के मामले की फिल्मी स्क्रिप्ट

न्यूयॉर्क अटॉर्नी की चार्जशीट में लिखा गया कि पन्नू की हत्या की कोशिश के इस मामले का पर्दाफाश भी बड़े ही फिल्मी अंदाज में हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी एजेंसी के अंडरकवर अफसर के साथ हत्या की ये बात साझा की थी। चार्जशीट का खुलासा कहता है कि निखिल गुप्ता को उस अंडरकवर अफसर के बारे में पूरी मालूमात नहीं थी और इसी वजह से उसने पन्नू के साथ साथ कई और लोगों की हत्या की बात साझा की थी। 

चार्जशीट में बताया गया कि मर्डर के लिए डील करने और प्लानिंग का सिलसिला मई से शुरू हुआ था

साजिश के पीछे भारत का हाथ

गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश के सिलसिले में फाइनेंशियल टाइम्स ने 22 नवंबर को एक खबर छापी थी जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिकी सरकार की एजेंसियों ने पन्नू की हत्या की एक साजिश को नाकाम कर दिया। उस रिपोर्ट में इल्जाम यही लगाया गया है कि उस साजिश के पीछे भारत का हाथ था। 

डील पूरे एक लाख डॉलर की

न्यूयॉर्क अटॉर्नी की चार्जशीट में दावा किया गया है कि भारतीय अधिकारी के इशारे पर ही निखिल गुप्ता ने एक अपराधी से संपर्क किया था और पन्नू की हत्या के लिए किसी किलर से मिलवाने को कहा था। मगर निखिल गुप्ता को शायद नहीं पता था कि वो जिस अपराधी किस्म के शख्स से पन्नू की हत्या की बात कर रहा है वो असल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी का अंडरकवर एजेंट था जो आमतौर पर न्यूयॉर्क के अपराधियों के बीच में ही उठता बैठता था। तब उस एजेंट ने एक दूसरे अंडरकवर अधिकारी से निखिल गुप्ता से मुलाकात करवाई, और ये कहकर मिलवाया कि वो एक कॉन्ट्रेक्ट किलर है। निखिल गुप्ता ने उसे पन्नू की हत्या करने को कहा। ये डील पूरे एक लाख डॉलर की थी। यानी करीब 83 लाख रुपये। 

ये तस्वीर न्यूयॉर्ट अटॉर्नी की चार्जशीट में सबूत के तौर पर है जिसमें कार में बैठा शख्स डॉलर गिन रहा है

किलिंग के लिए 15000 डॉलर का एडवांस

उसी चार्जशीट में ये भी कहा गया है कि पन्नू की हत्या के लिए बाकायदा 15000 डॉलर का एडवांस पेमेंट भी किया गया था। चार्जशीट में इस एडवांस पेमेंट के सबूत के तौर पर एक फोटोग्राफ को रखा गया है जिसमें कार में बैठा एक शख्स हाथ में डॉलर लिए दिखाई पड़ रहा है। 

CC-1 कोडनेम और पन्नू की डिटेल

इस चार्जशीट में यहां तक लिखा गया है कि CC-1 कोडनेम वाले उस भारतीय अधिकारी को पन्नू के बारे में सब कुछ पता था। यहां तक कि उसी अधिकारी ने निखिल गुप्ता को पन्नू से जुड़ी तमाम जानकारियां मुहैया करवाई थी। जिसमें पन्नू का फोन नंबर के साथ साथ वो दिन भर में कब कब क्या क्या करता है और कहां कहां आता जाता है। CC-1 वाले भारतीय अधिकारी से ये जानकारी हासिल करने के बाद ही निखिल गुप्ता ने उसे उस कॉनट्रैक्ट किलर तक पहुँचाई थी जिसके हाथों निखिल ने पन्नू की हत्या की प्लानिंग कर रखी थी। 

जल्दी काम का जोर

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक निखिल गुप्ता ने अंडरकवर अफसर से 11 जून को मुलाकात की और उससे कहा कि हमारे पास सिर्फ आज आज का ही दिन है, अगर हम ये काम आज नहीं कर सके तो फिर हमें 24 तारीख तक रुकना होगा। 

न्यूयॉर्क पुलिस और खुफिया विभाग चौकन्नी

इस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए एक बात सबसे गौर करने वाली थी कि जिसने न्यूयॉर्क पुलिस और वहां के खुफिया विभाग को चौकन्ना कर दिया था। निखिल गुप्ता ने उस अंडरकवर अधिकारी से पन्नू की हत्या जल्द से जल्द करवाने को तो कहा था लेकिन साथ ही ये हिदायत भी दी गई थी कि हत्या उन तारीखों के आस पास न की जाए जब भारत और अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों के बीच शिखर सम्मेलन होना था। 

मई से शुरू हुई प्लानिंग

चार्जशीट के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि निखिल गुप्ता और अंडरकवर अफसर के बीच मई 2023 में हत्या की प्लानिंग को लेकर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ था। हत्या जल्द से जल्द कराने का दबाव था लिहाजा इस बात को लेकर प्लानिंग की जा रही थी कि जैसे भी हो ये हत्या जून महीने में उन तारिखों के आस पास न हो जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका की यात्रा पर पहुँचना था। 

हिटमैन का भरोसा जीतना

हिटमैन यानी अंडरकवर किलर का भरोसा जीतने के लिए निखिल गुप्ता ने उससे ये बात भी कही थी कि कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर भी उनके टारगेट में था। जिस महीने पन्नू की हत्या करवाने की प्लानिंग की गई थी उसी महीने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर पहुँचे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वो यात्रा 20 से 24 जून तक थी। जबकि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के एक शहर सर्रे में 18 जून को ही गुरुद्वारे के सामने खालिस्तान के आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। और उस हत्या के बाद पन्नू का वहां के मीडिया में एक आर्टिकल छपा था। उस आर्टिकल की पिक्चर भारतीय अधिकारी CC-1 ने निखिल गुप्ता को भेजकर कहा था कि अब पन्नू को मारना जरूरी हो गया है, अब वो प्राथमिकता है। 

न्यूयॉर्क अटॉर्नी की चार्जशीट में बाकायदा निज्जर की हत्या का कनेक्शन पन्नू की हत्या की कोशिश की प्नानिंग से जोड़ा गया है

निज्जर की हत्या से कनेक्शन

चार्जशीट में न्यूयॉर्क पुलिस ने कनाडा में हुई निज्जर की हत्या और पन्नू को मारने की साजिश के बीच के कनेक्शन को बड़ी अच्छी तरह से स्टेब्लिश किया गया है। क्योंकि उसी CC-1 अफसर ने निखिल गुप्ता के पास एक वीडियो भेजा था जिसमें खून से लथपथ निज्जर का शव दिखाई पड़ रहा था। और उस वीडियो को भेजकर ये मैसेज दिया गया था कि अब पन्नू को तुरंत मारना जरूरी है। 

निखिल गुप्ता की ऑडियो कॉल

चार्जशीट में एक ऑडियो कॉल का जिक्र भी है जो कि निखिल गुप्ता ने उस हिटमैन को की थी और उससे पन्नू को 29 जून से पहले ही खत्म करने की बात कही थी। उस कॉल में निखिल गुप्ता बाकायदा ये कहता है कि यहां 29 तारीख तक पन्नू को मार दो उसके बाद तीन लोग कनाडा में हैं जिनका भी काम तमाम करना है। 

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