आप बेफिक्र रहें, मैं हूं न अभी, आजम खान का बेटा अदीब आजम पिता से मिलने पहुंचा सीतापुर जेल
UP SITAPUR NEWS AZAM: अदीब आजम बुधवार को सीतापुर जेल पहुंचे, जिस वक्त आजम खान को रामपुर से सीतापुर जेल भेजा जा रहा था अदीब ने पिता से बोला कि आप बेफिक्र रहें, मैं हूं न अभी।
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UP SITAPUR NEWS AZAM: सपा के कद्दावर नेता आजम खान की पूरा परिवार जेल में है। जेल के बाहर उनका एक बेटा है। आजम के इस बेटे का नाम अदीब खान है। अदीब बुधवार को सीतापुर जेल पहुंचे। जिस वक्त आजम खान को रामपुर से सीतापुर जेल भेजा जा रहा था अदीब ने पिता से बोला कि आप बेफिक्र रहें, मैं हूं न अभी। बुधवार तड़के आजम से मिलने अदीब खान सीतापुर जेल पहुंचे। यूं तो शुरु से ही अदीब पॉलिटिक्स से दूर रहे। अब पिता, मां और भाई की अदालतों में पैरवी कर रहे हैं।
आप बेफिक्र रहें, मैं हूं न अभी
गौरतलब है कि मशहूर नेता आजम खान और उनके परिवार को उनके बेटे के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सजा सुनाई गई है। आजम खान पर रामपुर नगर पालिका से एक जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था, जिसमें कहा गया था कि अब्दुल्ला आजम की जन्म तिथि 1 जनवरी, 1993 है। बाद में, लखनऊ से एक दूसरे प्रमाण पत्र में अब्दुल्ला की जन्म तिथि 30 सितंबर, 1990 प्रदर्शित की गई थी. इस मामले में , आजम खान और उनके पूरे परिवार को सात साल जेल की सजा सुनाई गई।
जेल में आजम का पूरा परिवार
सजा सुनाए जाने के बाद आजम खान उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अबदुल्ला आजम को रामपुर जेल भेजा गया था। अगले ही दिन अब्दुल्ला को हरदोई जेल भेजा गया और आजम खान को सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। गौरतलब है कि एक दूसरे केस में उत्तर प्रदेश में रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने खान को भड़काऊ भाषण देने के मामले में पिछले साल अक्टूबर में दोषी करार देते हुए तीन साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गयी थी।
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आजम पर मुकदमों की लंबी फेहरिस्त
आजम खान शायद देश के ऐसे इकलौते सांसद होंगे जिनके ख़िलाफ इतने मुकदमें हैं कि खुद वो गिनती भूल जाएं। फिलवक़्त में तो वो मुकदमों का सैकड़ा लगा चुके हैं, और अभी उनकी पारी ख़त्म नहीं हुई है। रामपुर की एक बड़ी ही मशहूर यूनिवर्सिटी है मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी जिसके लिए ज़मीन कब्ज़ा करने के आरोप में आजम खान के ख़िलाफ़ 28 मुकदमें दर्ज हुए। लेकिन दिलचस्प मोड़ आया जब यतीम ख़ाने से भैंसों की चोरी के मामले में उनके नाम पर नौ मुकदमें दर्ज हो गए।
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