यूपी सिपाही भर्ती पेपर लीक की जांच ईडी करेगी!

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संतोष शर्मा के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट

UP Paper Leak case: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में एसटीएफ के बाद अब ED ने भी जांच शुरू कर दी है। पेपर लीक करने वाले गिरोह की मनी ट्रेल को देखते हुए ED ने मामले में संज्ञान लिया है। जांच में ये बात सामने आई है कि पेपर लीक कराने वाले मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा की टीम की ओर से गुड़गांव और रीवा के रिसॉर्ट में तकरीबन 800 अभ्यर्थियों को पेपर लीक कराकर प्रश्नों के उत्तर रटाए गए थे। एजेंसी को इसमें पैसों के बड़े स्तर पर लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग का शक है। बीती 18 और 19 फरवरी को उत्तर प्रदेश में सिपाही भर्ती परीक्षा हुई थी। जिसे पेपर लीक की खबर आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों पर रद्द कर दिया गया था। 

60,244 पदों के लिए हुई थी भर्ती

यूपी पुलिस की ये भर्ती 60,244 पदों के लिए ये थी। यूपी एसटीएफ के मुताबिक आरोपियों ने प्लानिंग के तहत अहमदाबाद की लॉजिस्टिक्स कंपनी के वेयरहाउस में स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर निकाल कर बेचा था। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर यहीं लाए गये थे और अगले दिन उन्हें परीक्षा केंद्रों में भेजा जाना था। पकड़े गए पेपर लीक करने वाले सिंडिकेट ने ही उत्तर प्रदेश के समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी का पेपर भी लीक कराया था। इसमें बड़े पैमाने पर करोड़ों के लेनदेन को देखते हुए अब पेपर लीक मामले में ED की एंट्री हो गई है। ED जल्द ही जेल में बंद पेपर लीक के आरोपियों से पूछताछ करेगी। 

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400 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

यूपी पेपर लीक केस में अभी तक 400 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी है। इस मामले में यूपी की एसटीएफ यूनिट ने दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल को भी गिरफ्तार किया था। कांस्टेबल पर आरोप था कि उसने परीक्षा के प्रश्न पत्र पढ़ने और हल करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए हरियाणा के गुरुग्राम में एक रिसॉर्ट की व्यवस्था की थी। वो गैंग का हिस्सा था। आरोपी को बागपत में पेरिफरल एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया गया था। आरोपी की पहचान हरियाणा के जींद निवासी विक्रम पहल के रूप में हुई थी। विक्रम 2010 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुआ था और उसने लगभग 14 सालों तक अलग अलग यूनिट्स में काम किया है।

मास्टर माइंड हैं राजीव मिश्रा

इससे पहले सिपाही भर्ती का पेपर लीक करने वाले असली मास्टरमाइंड राजीव उर्फ राहुल मिश्रा समेत कई लोगों को एसटीएफ ने दबोचा था। जांच में ये बात सामने आई थी कि प्रिंटिंग प्रेस के नेटवर्क से यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर निकलने के बाद पेपर को ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी के स्ट्रॉन्ग रूम से लीक किया गया था।

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UPTET पेपर लीक मामले में भी राजीव उर्फ राहुल मिश्रा ही असली मास्टरमाइंड था। बता दें कि बीती 17 /18 फरवरी को उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती परीक्षा हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया में पेपर लीक होने के सबूत अपलोड किये गए थे जिसके बाद यूपी सरकार ने ये परीक्षा रद्द कर दी थी। पेपर लीक होने के बाद पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की DG रेणुका मिश्रा को भी हटा दिया गया था। इसकी जांच सरकार ने एसटीएफ को सौंपी थी।

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