जुबैर के नाम से दी राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, यूपी में पकड़े गए दो आरोपी तो हुआ ये खुलासा

ADVERTISEMENT

जांच में जुटी पुलिस
जांच में जुटी पुलिस
social share
google news

UP Crime News: अयोध्या में श्रीराम मंदिर, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और एसटीएफ चीफ को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई। पुलिस ने जांच की तौ चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गोंडा के रहने वाले ताहर सिंह और ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मुख्यमंत्री योगी, एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश, देवेन्द्र तिवारी व राम मन्दिर को आईएसआई के जुबैर खान के नाम से बम से उड़ाने की धमकी दी थी। 

राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गिरफ्तार

पुलिस को जांच में पता चला कि ये थ्रेट मैसेज के लिए ई-मेल आई0डी0-ंalamansarikhan608@gmail.com व zubairkhanisi199@gmail.com का इस्तेमाल किया गया था। मेल आईडी का पता किया गया जानकारी मिली कि ई-मेल आईडी क्रिएट करने वाले का नाम ताहर सिंह है। जबकि थ्रेट मेल भेजने वाले का नाम ओम प्रकाश मिश्रा है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि  देवेन्द्र तिवारी जो कि लखनऊ में रहता है। देवेंद्र भारतीय किसान मंच एवं भारतीय गौ सेवा परिषद के नाम से एनजीओ चलाता है, जिसके खिलाफ थाना मानकनगर, आषियाना, बन्थरा, गौतमपल्ली व आलमबाग में कई केस भी दर्ज है। 

फर्जी आईडी से भेजा मैसेज

देवेन्द्र तिवारी का आलमबाग में इण्डियन इंस्टीट्यूट पैरा मेडिकल साइन्सेज के नाम से कालेज भी है। इसी कालेज में उसने अपना कार्यालय बना रखा है, जिसमें आरोपी ताहर सिंह सोशल मीडिया हैण्डलर जबकि ओम प्रकाश मिश्रा पर्सनल सिक्रेटरी के तौर पर काम करता है। आरोपी ओम प्रकाश इसी कालेज से आप्टोमैट्री में 02 वर्ष का डिप्लोमा भी कर रहा है। देवेन्द तिवारी के कहने पर ताहर सिंह ने थ्रेट में इस्तेमाल करने के लिए फर्जी ई-मेल आईडी क्रिएट कर ई-मेल आईडी व पासवर्ड व्हाट्सएप के जरिये ओमप्रकाश मिश्रा को नोट कराया गया था।

ADVERTISEMENT

'जुबैर' नाम से भेजे धमकी भरे मेल

देवेंद्र के कहने पर नाका लखनऊ के अमन मोबाइल सेन्टर से दो मोबाइल फोन खरीदे गए। जिनका इस्तेमाल थ्रेट ई-मेल भेजने हेतु किया गया। देवेन्द्र तिवारी के मोबाइल फोन में मौजूद थ्रेट कन्टेन्ट को थ्रेट मेल भेजने में इस्तेमाल मोबाइल फोन के गूगल लेंस से स्कैन कर कापी पेस्ट करते हुये मेल 19 नवंबर 2023 और 27 दिसंबर 2023 को उन्हीं की मेल आईडी पर भेजा गया जिसे देवेन्द्र तिवारी ने अपने ट्वीटर के जरिए वायरल किया। मेल भेजने के बाद मोबाइल फोन देवेन्द्र तिवारी ने जलाकर नष्ट करा दिया। मेल भेजने के लिए कार्यालय में लगे हुए वाईफाई राउटर का इण्टरनेट इस्तेमाल किया गया। आरोपियों ने यह भी बताया कि देवेन्द्र तिवारी ने उनसे यह कहा था कि इससे वह सोशल मीडिया पर काफी हाई लाइट हो जायेंगे एवं सुरक्षा भी बढ़ेगी। इसके अलावा बड़ा राजनैतिक लाभ भी मिलेगा। 

    यह भी पढ़ें...

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT