इस वजह से हुआ पनडुब्बी हादसा? सामने आई वजह!
Titanic Submarine Missing Update : टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के चक्कर में टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। अब सवाल ये उठता है कि आखिर पनडुब्बी हादसे का कैसे शिकार हो गई?
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Titanic Submarine Missing Update : टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के चक्कर में टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। अब सवाल ये उठता है कि आखिर पनडुब्बी हादसे का कैसे शिकार हो गई?
OceanGate कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है। 18 जून को OceanGate कंपनी की यह पनडुब्बी सफर पर निकली थी, लेकिन उसके बाद इसका कुछ भी अता-पता नहीं लग रहा था। पनडुब्बी के मलबे की खोज एक रोबोट ने की है। ये रोबोट मानवरहित है और कनाडा के एक जहाज में तैनात है।
Ocean Gate Titan Implosion : पनडुब्बी का संपर्क जब जहाज से टूटा तब वो अमेरिकी तट से 900 नॉटिकल माइल्स दूर Cape Code के पूर्व में थी। पनडुब्बी Catastrophic Implosion का शिकार हो गई, लेकिन सवाल ये है कि ये विस्फोट कैसे हो गया?
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Catastrophic implosion विस्फोट के विपरीत होता है जिसमें कोई वस्तु अपने आप में समाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाती है। पनडुब्बी गहरे समुद्र में थी जहां दबाव काफी ज्यादा था। ऐसे में पनडुब्बी में छोटी सी संरचनात्मक खराबी भी विनाश का कारण बन सकती है।
टाइटन पनडुब्बी में सवार पांच लोग जाने-माने अरबपति थे। पनडुब्बी में OceanGate के सीईओ स्टॉकटन रश, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, पाकिस्तानी टाइकून शहजादा दाऊद और दो लोग और शामिल थे। बताया जाता है कि टाइटैनिक के मलबे तक पहुंचने, वहां घूमने और फिर वापस आने तक का टूर करीब आठ घंटों का रहता है।
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बहुत मुश्किल से मिला मलबा
दरअसल, पानी में नीचे ज्यादा दूर तक रौशनी नहीं जा पाती है, जबकि पनडुब्बी करीब 3 किलोमीटर नीचे थी, ऐसे में सर्च टीम को साफ देखने में काफी परेशानी हो रही थी। समुद्र की 12,500 फीट गहराई में टाइटैनिक का मलबा मौजूद है। संपर्क टूटने के करीब आठ घंटे के बाद यूएस कोस्ट गार्ड को इस बात का अलर्ट मिला।
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