जिंदा बाप ने खुद पढ़ा अपनी तेहरवीं का शोक संदेश, फिर पहुँचा थाने, पुलिस को सुनाई कलयुगी औलादों की नालायकी की कहानी

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श्रेया भूषण की रिपोर्ट

Banda, UP: बाप की जिंदगी भर की कमाई पर टकटकी लगाए रखने वाली नालायक औलादों की नालायकी वाले किस्सों की यूं तो कोई कमी नहीं है, मगर जो वाकया उत्तर प्रदेश के बांदा से सामने आया वो शायद नीचता में टॉप करने वाली मिसाल कही जा सकती है। क्योंकि ऐसा किस्सा इससे पहले न तो कभी किसी ने सुना और न ही देखा। 

जिंदा बाप को मरा बताया

उत्तर प्रदेश के बांदा में एक ऐसे ही दो बेटों का किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, क्योंकि अपने जिंदा बाप को ही मरा साबित करके उनका शोक संदेश पूरे गांव और इलाके में ही बंटवा दिया। कहा जा रहा है कि बेटे ने पिता की सारी जायदाद हड़पने का लिए पिता को मृत घोषित कर दिया। जबकि बेटों का कहना है कि पिता फिजूल की बातें करते हैं। जबरन फर्जी शिकायत करते हैं। शोक संदेश जैसा कुछ भी नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

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पहले ही कर दिया जायदाद का बंटवारा

मामला बांदा के अतर्रा तहसील का है। नरैनी रोड के पास रहने वाले रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बेटों के बीच संपत्ति बंटवारा तो कई साल पहले ही कर दिया था जबकि वे खुद अपनी पत्नी संग बेटों से दूर और अलग किराए के घर में रहते हैं। इसी बीच उनके पैतृक घर के पीछे कुछ मरम्मत और बनवाने के काम को लेकर बेटों के साथ अक्सर मुंह जुबानी हो ही जाती है और उसी को लेकर बेटे रमेश कुमार को लगातार परेशान कर रहे हैं। 

बेटों ने छपवाया शोक संदेश

रमेश कुमार के दोनों ही बेटे जवान हैं मगर पूरी तरह से नालायक। वो कमाई धमाई तो धेले की नहीं करते उल्टे माता पिता से ही पैसे लेकर अपना खर्च निकालते हैं। इतना ही नहीं ज़मीन और संपत्ति के लिए रोज घर में झगड़ा करते रहते हैं। इसी लड़ाई झगड़े की वजह से रमेश ने दोनों बेटों के बीच ज़मीन और संपत्ति का बंटवारा कई साल पहले ही कर दिया। जबकि अपनी पत्नी के साथ किराय के घर में रहने लगे। लेकिन उस समय रमेश कुमार का दिल बैठ गया जब उन्होंने अपना शोक संदेश अपनी ही जिंदा आंखों से पढ़ा। उनकी हैरानी का ठिकाना तब नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि ये शोक संदेश किसी और ने नहीं खुद उनके बेटों ने ही छपवाकर पूरे गांव में बंटवाया है। 

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लाचार पिता की पुलिस से गुहार 

असल में ये मामला तब सामने आया जब दर-दर की ठोकरें खा रहा पिता अपने बेटों के अत्याचार से परेशान होकर उनकी शिकायत लेकर थाने पहुंचा। पीड़ित पिता ने अपने बेटों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि उनके बेटों ने उसके नाम शोक संदेश छपवाकर गांव भर में बटवा दिया है जबकि वो साक्षात जिंदा है। पीड़ित पिता का कहना है कि  सके बेटे बची खुची संपत्ति भी हड़पना चाहते हैं।

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मैं अपने बेटों से तंग आ गया हूं। मैंने उनको सारी संपत्ति बांट कर दे दी और खुद अपनी बीवी के साथ किराए के मकान में रह रहा हूं। मैंने अपनी ज़मीन के पिछले हिस्से में निर्माण करवाना चाहा तो उन्होंने नहीं करवाने दिया और मुझे जान से मारने की धमकी भी दी। इतने से भी जब उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने मुझसे छुटकारा पाने के लिए मेरे नाम से शोक पत्र बंटवा दिए।

बेटों का इल्जामों से इंकार 

पुलिस ने मामले को दर्ज किया और दोनों बेटों को काउंसलिंग के लिए बुलाया। जब पुलिस ने दोनों बेटों से पूछताछ की तो बेटे इस बात से मुकर गए। उन्होंने अपने बयान में कहा की उन्हें कोई दिक्कत नहीं है अगर उनके मां बाप उनके साथ भी रहे तो और उन्हें न ही किसी निर्माण करवाने से दिक्कत है। उल्टा दोनों बेटों ने अपने बूढ़े पिता पर ही झूठा आरोप लगाने की बात कही और बोले कि

हमें इनसे कोई दिक्कत नहीं है, ये खुद ही जगह जगह जाकर हमरी उल्टी सीधी शिकायत करते हैं साथ ही लोगों को हमारे खिलाफ भड़काते हैं।

जब पुलिस ने उनसे शोक संदेश देने की बात पर सवाल किया तो उनका कहना था

हम क्यों शोक संदेश बनाकर लोगो को देंगे, दुनिया मे कोई लड़का ऐसा नही कर सकता


बाप बेटे एक जैसे

पुलिस ने इसके बाद मामले की जांच करने के लिए मोहल्ले वालों से पूछताछ करना शुरू करती है लोगों का कहना है की दोनों एक जैसे ही हैं इनमें से कोई काम नहीं। इनका रोज़ का यही नाटक रहता है।

पिता डाल डाल तो बेटे पात पात”

पुलिस कर रही है जांच

पुलिस के मुताबिक बेटों से पूछताछ के बाद पिता के आरोप निराधार दिखे लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को आमने सामने बिठा कर काउंसलिंग करने का फैसला किया है। साथ ही ज़मीन को लेकर जो विवाद है उसकी जांच राजस्व विभाग द्वारा करवाई जा रही है।

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