किसान के बेटे की 'अंग्रेंजी' सुनकर भड़कीं तहसीलदार साहिबा, बोली चूजे हो तुम, वीडियो वायरल होते ही मिली ये सजा

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किसान के बेटे की 'अंग्रेंजी' सुनकर भड़कीं तहसीलदार साहिबा, बोली चूजे हो तुम, वीडियो वायरल होते ही म...
मध्य प्रदेश के देवास में एक और तहसीलदार अपने आचरण से सुर्खियों में छाईं
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Devas Tehsildar Anjali Gupta: इन दिनों आला अफसरों की जुबान कुछ ज़्यादा ही पैनी हो गई है। अपने सामने शायद वो किसी को भी कुछ नहीं समझते। मध्य प्रदेश के शाजापुर के कलेक्टर का किस्सा अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था कि मध्य प्रदेश से ही एक और बड़ी अफसर की बदजुबानी का किस्सा सोशल मीडिया पर चटकारे दे रहा है। इस बार देवास जिले की तहलीदार ने एक किसान के साथ इसलिए तू तड़ाक कर डाली क्योंकि उस किसान ने अंग्रेजी में जवाब दे दिया था। और ये बात तहसीलदार साहिबा को नागवार गुज़र गया। 

बिजली के खंबे से शुरू हुई बात

असल में देवास जिले की सोनकच्छ के करीब कुमारिया गांव में तहसीलदार और किसान आमने सामने आ गए। मामला खड़ी फसल के बीच खेतों में बिजली के खंबे लगाने का था। और इस मुद्दे को लेकर किसान और तहसीलदार मैडम के बीच कहा सुनी हो गई। लेकिन इसी बीच एक किसान के बेटे ने तहसीलदार मैडम को अंग्रेजी में जवाब देते हुए कहा, ‘यू आर रिस्पॉन्सिबिल हैं’...बस इतना सुनना था कि तहसीलदार साहिबा बुरी तरह से भड़क गईं। और चीखते हुए कहा कि चूजे हैं ये, अंडे से निकले नहीं और बड़ी बड़ी मरने मारने की बात करते हैं, मैं अभी तक आराम से बात कर रही थी, लेकिन आज इसने बोल दिया कि मैं कैसे जिम्मेदार हूं?

50 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर

तहसीलदार और किसानों के बीच की बातचीत या यूं कहें कहासुनी का एक 50 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। और वीडियो के वायरल होते ही तहसीलदार मैडम को फौरन मुख्यालय के साथ अटैच कर दिया गया। असल में मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड सोनगच्छ इलाके में 132 KV की लाइन के लिए बिजली के बड़े खंबे खेतों में खड़े करवा रही थी। और ये टॉवर खेतों में लगाए जाने को लेकर किसान ऐतराज कर रहे थे क्योंकि उनकी फसल खड़ी हुई थी। लिहाजा किसानों ने मुआवजे की मांग उठा दी। 

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किसानों से बात करने पहुँची तहसीलदार

तब तहसीलदार कंपनी के अधिकारियों के साथ 10 जनवरी को किसानों से बात करने गई थीं। तहसीलदार ने किसानों को समझाया भी बावजूद इसके किसान कंपनी के काम में अड़ंगा लगाने लगे। इसके बाद एक बार फिर 11 जनवरी को फिर से किसानों को समझाने की कवायद की गई। 

अंग्रेजी में कह दिया 'यू आर रिस्पॉन्सिबिल’

उसी समय एक किसान के लड़के ने इंग्लिश में ही तहसीलदार को कह दिया, “ यू आर रिस्पॉन्सिबिल’। बस इतना सुनते ही तहसीलदार मैडम को जैसे मिर्ची लग गई और वो आग बबूला हो गईं। गुस्से में तमतमाकर मैडम बोलीं, चूजे हैं ये,...अंडे से निकले नहीं इतनी बड़ी बड़ी मरने मारने की बात करते हैं”। 

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चीख पड़ी तहसीलदार

मैडम को भड़कता देख किसान उन्हें शांत करने लगे, किसान कहते सुने जाने लगे, ‘अरे! साहब हमने नहीं किया, हम आराम से बात कर रहे हैं और आप गुस्सा रही हैं...हमने कल भी तो बात की थी। किसानों की बात सुनते ही तहसीलदार ने चीखते हुए कहा, 

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अगर आराम से बात कर रहे थे तो आज इसने कैसे बोल दिया कि ‘मैं रिस्पॉन्सिबिल हूं…?‘ मैं क्या हूं? मैं तहसीलदार हूं...? आखिर कैसा प्रॉजेक्ट है, आखिर शासन का प्रॉजेक्ट है...शासन ने किसको चुना...और शासन को किसने चुना..? सरकार को आप लोगों ने चुना...क्या मैंने चुना है...? मैंने बोला क्या, बिजली की कंपनी के खंबे लगाओ यहां पर...? तो फिर कैसे मैं रिस्पॉन्सिबिल हूँ...? दो शब्द अंग्रेजी के पढ़ लिए तो अब अंग्रेजी में बोल रहे हैं कि यू आर रिस्पॉन्सिबिल!...आए बड़े...

हम अनपढ़ गंवार लोग

इसी बीच किसान वीडियो में हाथ जोड़कर कहते हैं, अरे! नहीं साहब, हम तो आपसे हाथ जोड़कर निवेदन कर रहे हैं...हम अनपढ़ गंवार लोग हैं...खेती करते हैं! तभी तहसीलदार साहिबा ने उस शख्स की तरफ देखा जो वीडियो बना रहा था...उस पर बुरी तरह भड़कर बोली...ये क्या हो रहा है..?

तहसीलदार अंजली गुप्ता की सफाई

इसके बाद सोमवार की दोपहर तक ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तो उसके बाद सोनगच्छ की तहसीलदार अंजली गुप्ता अपनी सफाई देने के लिए छटपटाने लगीं, और मीडिया के सामने भी बड़े जोर शोर से अपनी सफाई देती नज़र आईं। 

''ये 11 जनवरी गुरुवार का वीडियो है. हम कुमारिया राव गए थे. किसान के खेत में 132 KV का टॉवर आ रहा था. उसके सम्बन्ध में समझाइश देने गए थे कि इसके बदले उन्हें पूरा मुआवजा दिया जाएगा. हम एक दिन पहले 10 जनवरी को भी गए थे कि ये शासकीय कार्य है, इसलिए शासकीय कार्य में बाधा न डालें. बार-बार समझाइश दी जा रही थी. उन्होंने सहमति भी दी थी लेकिन कुछ लोगों द्वारा असभ्य और गैर मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके रिएक्शन में मेरे द्वारा कहा गया. बाद में उन्होंने क्षमा भी मांगी. पूरा मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और आपसी सहमति से MPPTL का काम भी शुरू हो चुका है. दो दिन बाद वे सभी 13 जनवरी को आए थे और मुझे आवेदन देकर क्षमा भी मांगी. और हाँ मेरे नॉलेज में जब आया कि एकपक्षीय वीडियो बना रहे जिसमें सिर्फ मैं ही दिख रही थी. मौके पर ही उन्हें वीडियो डिलीट करने का कहा था  कि मैं एक महिला अधिकारी हूं, आप ये कैसे बना सकते हैं ? उनका कहना है कि वीडियो उसी समय डिलीट कर दिया था लेकिन हो सकता है कि गलती से वीडियो वायरल हो गया.''

मुख्यमंत्री का एक्शन

लेकिन रात होते होते तहसीलदार अंजलि गुप्ता की सारी सफाई साफ हो गई क्योंकि ये वीडियो सूबे के मुख्यमंत्री तक जा पहुँचा था और फिर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने इस मामले में एक्शन लिया। साथ ये निर्देश भी दिया कि सारे अधिकारी सरल और सभ्य भाषा का इस्तेमाल करें। किसी भी सूरत में असभ्य भाषा किसी भी अधिकारी की बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और इसके साथ ही मुख्यमंत्री के आदेश के बाद तहसीलदार अंजलि गुप्ता को फौरन मुख्यालय में अटैच  कर दिया गया। 

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