वैसे ही पीछा, वैसे ही ताबड़तोड़ फायरिंग, सिद्धू मूसेवाला की तरह हुआ नफे सिंह का मर्डर
Gangster Behind Murder: क्या हरियाणा में इतवार को नफे सिंह की सरेशाम हुई हत्या का कोई कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिलता जुलता है?
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Nafe Singh Murder Style: क्या हरियाणा में इतवार को नफे सिंह की सरेशाम हुई हत्या का कोई कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिलता जुलता है? क्योंकि जिस तरह नफे सिंह की कार का पीछा किया गया, जिस तरह शूटरों ने अपने टारगेट को पिन प्वाइंट करके मारा, जिस तरह ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, वो कहीं न कहीं किसी न किसी तरह से दो साल पहले पंजाब में हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या जैसा नज़र आता है। तो क्या इस हत्या का कोई लिंक लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जाकर जुड़ता है?
आरोपियों का एक सीसीटीवी भी मिला
हालांकि हरियाणा के इनेलो के दिग्गज नेता नफे सिंह राठी की हत्या के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ाना शुरू किया है मगर तफ्तीश की शुरुआत में ही पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार देखने के बाद ये सवाल जरूर खड़ा होने लगता है कि कहीं इस हत्याकांड के पीछे ऐसे ही किसी गैंग का तो हाथ नहीं। हालांकि इसी बीच पुलिस को एक सीसीटीवी भी मिला है जिसमें आरोपियों को पहचानने की कोशिश की जा रही है। अभी तक पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिनमें नरेश कौशिक रमेश राठी, सतीश राठी और राहुल शामिल हैं।
हू ब हू सिद्धू मूसेवाला मर्डर
कल यानी इतवार की शाम को इंडियन नेशनल लोकदल के हरियाणा राज्य के प्रमुख नफे सिंह राठी को झज्जर के पास अनजान हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस वारदात में नफे सिंह का सुरक्षाकर्मी भी मारा गया। मगर हत्या का जो स्टाइल है वो बिलकुल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर से मिलता जुलता है।
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हत्या के पीछे लॉरेंस गैंग तो नहीं
अब इस बात का शक पुलिस को भी होने सगा है कि कहीं इस हत्या के पीछे किसी गैंग या लॉरेंस गैंग का तो हाथ नहीं। साथ ही साथ पुलिस इस एंगलसे भी जांच कर रही है कि कहीं ये कोई सुपारी किलिंग तो नहीं है। क्योंकि ये सारे गैंग सुपारी किलिंग करने में भी तो माहिर हैं।
मर्डर का पैटर्न बिलकुल एक जैसा
शुरुआती तफ्तीश में जो सामने नज़र आ रहा है उसके मुताबिक नफे सिंह की हत्या पूरी प्लानिंग करके अंजाम दी गई है। याद होगा 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास सिद्धू मूसेवाला को मारने से पहले कातिलों ने उसकी कार का लंबे समय तक पीछा किया और फिर उसकी थार गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी थी। सिद्धू मूसेवाला को लॉरेंस के गैंग के शूटरों ने करीब 30 गोलियां मारी थी। उसी तर्ज पर नफे सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी पर करीब 40 से 50 गोलियां दागी गईं। मर्डर का पैटर्न दोनों में बिलकुल एक जैसा नज़र आ रहा है। ऐसे में इस हत्याकांड का स्टाइल देख पुलिस को लॉरेंस गैंग या फिर काला जठेड़ी के नाम पर शक हो रहा है। फिलहाल, हरियाणा पुलिस इस मामले में बारीकी से जांच कर रही है।
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छह बार हुआ था जानलेवा हमला
बात नफे सिंह के घरवाले और उनके नजदीकी लोग बार बार इस बात का जिक्र कर रहे हैं कि नफे सिंहको कई दिनों से धमकियां मिल रही थीं। इसी लिए नफे सिंह खुद और उनकी पार्टी के कई नेता बार बार मुख्यमंत्री खट्टर से मिलकर उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। बात गौर करने वाली ये भी है कि नफे सिंह के नजदीकी लोगों का कहना है कि उनके खिलाफ छह बार हत्या का अटेम्प्ट किया गया। ठीक उसी तरह जैसे पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला पर छह बार जानलेवा हमला हुआ था।
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नफे सिंह की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग
ऐसे में ये बात भी सिर उठाती दिखाई दे रही है कि नफे सिंह की हत्या कहीं कॉन्ट्रैक्ट किलिंग तो नहीं है? और पुलिस को नफे सिंह की हत्या में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का अंदेशा होने लगा है साथ ही इस वारदात में किसी गैंग्स्टर के शामिल होने का भी शक है। मगर अभी तक पुलिस किसी नतीजे या तस्वीर को मुकम्मल करने के नजदीक भी नहीं पहुँच सकी है।
सीएम ने जताया दुख, सुरक्षा के सवाल पर चुप
नफे सिंह की हत्या के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने सोशल मीडिया प दुख जाहिर किया है, और दावा किया है कि हत्या के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन इस सवाल का जवाब खुद सीएम खट्टर के पास भी नहीं है कि जब नफे सिंह ने अपने लिए सुरक्षा की मांग की थी तो उसे मुहैया क्यों नहीं करवाई गई। जबकि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थीं।
आखिर नफे सिंह राठी कौन है?
नफे सिंह राठी का सियासत के दंगल में पहला कदम 1996 में पड़ा जब समता पार्टी के टिकट पर विधान सभा का चुनाव लड़ा। ये चुनाव नफे सिंह राठी जीत भी गए। लेकिन इसके बाद वो इंडियन नेशनल लोकदल यानी इनेलो में शामिल हो गए। साल 2000 में नफे सिंह दूसरी बार विधायक बने। इसके अलावा बहादुरगढ़ म्यूनिसिपल काउंसिल के दो बार अध्यक्ष भी रह चुके थे नफे सिंह। ऑल इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं नफे सिंह। नफे सिंह को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अभय चौटाला का बेहद नजदीकी भी माना जाता है।
नफे सिंह पर लगे थे संगीन आरोप
सियासी करयिर में नफे सिंह का दामन भी पूरी तरह से पाक साफ नहीं था, उनके खिलाफ भी कई आरोप लगे। बताया जा रहा हैकि पूर्व विधायक नफे सिंह राठी पर बेइमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करना का एक आरोप था इसके अलावा नफे सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का भी आरोप है। लेकिन नफे सिंह के दामन पर लगा एक संगीन दाग भी है जो हरियाणा के पूर्व मंत्री मांगे राम नंबरदार के बेटे की आत्महत्या का मामला है। बताया जा रहा है कि राठी के खिलाफ धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। ये बात 2023 का बताया जा रहा।
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