रोहिणी कोर्ट में गोलीबारी पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया कड़ा रूख
Statement from Supreme court ON Gangster Killed In Courtroom
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देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा को धता बताते हुए 24 सितंबर को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में गोलीबारी शुरू हुई और 4लोगों की जान लेकर खत्म हुई.
ये गोलीकांड गैंगस्टर गोगी को मारने के लिए आए थे. जो कि रोहिणी कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था. हमलावर वकील की ड्रेस में आए थे ताकि किसी को कुछ शक ना हो. ये हमलावर अपने खतरनाक मंसूबों में कामयाब हो गए इन्होंने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जितेंद्र गोगी पर हमला करने वालों को भी मार गिराया. कोर्ट परिसर में हुए शूटआउट से कोर्ट की सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल उठते हैं. जिसपर सुप्रिम कोर्ट ने अपना चिंता जाहिर करते हुए एक बयान जारी किया है.
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CJI ने कल दिल्ली के रोहिणी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में जो कुछ हुआ, उस पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से बात की और उन्हें ये सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और बार दोनों से बात करने की सलाह दी कि अदालत का कामकाज प्रभावित न हो.
गौरतलब है कि न्यायालय परिसरों और न्यायिक कर्मियों की सुरक्षा का मामला पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है. रोहिणी कोर्ट परिसर में 24 सितंबर यानी कि कल की हिंसा के मद्देनजर मामले को आगे प्राथमिकता मिल सकती है.
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आपको बता दें कि जिसपर इतना बवाल हुआ है उस जितेंद्र गोगी को दिल्ली पुलिस ने साल 2020 में दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था. इसपर उस दौरान सात लाख रुपये का इनाम भी रखा गया था.
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जितेंद्र गोगी के खिलाफ हत्या और अपहरण जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे. जितेंद्र उर्फ गोगी के खिलाफ एक के बाद एक मुकदमे दर्ज होते चले गए. जितेंद्र को दिल्ली पुलिस ने जब मकोका के तहत गिरफ्तार किया तब उसके सिर पर सात लाख रुपये का इनाम घोषित था.

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