महिलाओं को सेक्स गुलाम बना रहे हैं सैनिक, प्रेग्नेंट थी फिर भी इंसान नहीं समझा, कई लोगों ने किया रेप

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युद्ध को कभी भी अच्छा नहीं माना जाता. लेकिन कभी ताकत दिखाने के लिए तो कभी सत्ता कब्जाने के लिए युद्ध होते रहते हैं.संघर्ष चाहे कैसा भी हो इसका सबसे ज्यादा खामियाजा महिलाओं को ही भुगतना पड़ता है.

ऐसी ही नर्क से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं इथियोपिया की उत्तरी क्षेत्र की महिलाएं जिनके साथ आए दिन रेप हो रहे हैं और उनको सेक्स गुलाम बनाकर रखा जा रहा है. दरअसल इथियोपिया के टिग्रे क्षेत्र में लंबे समय से सरकार और विद्रोहियों के बीच टकराव जारी है.

इस संघर्ष में इथियोपिया के सेना पर सैकड़ों महिलाओं और लड़कियों से रेप करने का सनसनीखेज आरोप लगा है.

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इसका खुलासा एमनेस्टी इंटरनेशनल के एक रिपोर्ट में हुआ है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की नई रिपोर्ट के अनुसार, इथियोपिया में सेना टिग्रे के साथ संघर्ष में महिलाओं के साथ बलात्कार और बुरा बर्ताव कर रहे हैं.

इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्र में रेप के बढ़ते मामलों की गहराई से जांच-पड़ताल की. जांच के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल ने टिग्रे की 63 महिलाओं, डॉक्टर्स और नर्स की बातचीत के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है.

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इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह इथियोपिया की सेना यहां की महिलाओं का गैंगरेप करती है और उन्हें सेक्स गुलाम बनाकर रखती है. इन महिलाओं को तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है.

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टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (TPLF) बल के खिलाफ लड़ रहे इरीट्रिया के सैनिकों और फानो नाम के एक अम्हारन मिलिशिया ग्रुप ने इस क्षेत्र में कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. बेल्जियम के गेन्ट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, यहां संघर्ष में कम से कम 10,000 लोगों की मौत और 230 नरसंहार हो चुके हैं.

वहीं संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हजारों लोग यहां गंभीर रूप से दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव एग्नेस कैलामार्ड ने द गार्डियन को बताया, 'यहां के यौन अपराधों की गंभीरता और पैमाने विशेष रूप से चौंकाने वाले हैं. ये युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ भयंकर अपराध हैं. ये मानवता के मूल सिद्धांतों का मजाक उड़ा रहे हैं.'

कैलामार्ड ने कहा, 'साफ तौर पर टिग्रे में महिलाओं और लड़कियों को शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए बलात्कार और यौन हिंसा को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है.

सैकड़ों लोगों को नीचा दिखाने के उद्देश्य से उनके साथ क्रूर व्यवहार किया गया है.' कैलामार्ड का कहना है कि इथियोपिया सरकार को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.

इन पीड़ितों में से 12 महिलाओं ने एमनेस्टी ने को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि सेना ने उनके साथ बच्चों और परिवार के सदस्यों के सामने ही उनसे रेप किया. इनमें से पांच महिलाएं उस समय प्रेग्नेंट थीं.

20 साल की एक महिला ने बताया कि पिछले साल नवंबर के महीने में उसके घर पर हमला हुआ था. सेना के 3 जवानों ने घर में घुसकर उसका रेप किया और जान से मारने की धमकी दी.

महिला ने बताया, 'मैं चिल्ला भी नहीं पाई. उन्होंने मुझे इशारा किया कि शोर मत करो नहीं तो तुम्हें मार डाला जाएगा. फिर एक के बाद एक कर उन्होंने मेरा रेप किया. उस समय मैं चार महीने की प्रेग्नेंट थी. मुझे नहीं पता कि उन्होंने ये महसूस किया या नहीं कि मैं प्रेग्नेंट थी. उन्हें तो शायद इस बात का भी एहसास नहीं हो रहा था कि मैं एक इंसान हूं.'

35 साल की दो बच्चों की मां ने बताया, 'पिछले साल नवंबर में इरीट्रिया के सैनिकों ने मेरे और चार अन्य महिलाओं के साथ रेप किया. तीन सैनिकों ने मेरे बच्चों के सामने ही मेरा रेप किया. हमारे साथ 8 महीने की एक प्रेग्नेंट महिला थी, उन्होंने उसे भी नहीं बख्शा. उन्होंने महिलाओं का रेप किया और पुरुषों को मार डाला.'

टाइग्रे की एक नन ने द गार्डियन को बताया कि सुरक्षाबल यहां की महिलाओं का लगभग हर दिन रेप करते हैं. उन्होंने कहा, 'यहां 8 साल की लड़कियों से लेकर 72 साल की बुजुर्ग महिलाओं तक से रेप होता है.

यह व्यापक तौर पर फैला हुआ है. हजारों की संख्या में इसे देखा जा सकता है. ये रेप लोगों, परिवार, पतियों और किसी के भी सामने होता है. इनके पैर और हाथ भी काट दिए जाते हैं.'

TPLF और इथियोपिया सैन्य बल के बीच चल रहे इस युद्ध में ना सिर्फ लोगों की जानें गई हैं और महिलाओं का उत्पीड़न हुआ है बल्कि इस संघर्ष ने भुखमरी को भी जन्म दिया है.

इसकी वजह से यहां के 400,000 से अधिक लोग अकाल की स्थिति का सामना कर रहे हैं. वहीं करीब 70,000 लोग जान बचाने के लिए पड़ोसी देश सूडान भाग गए हैं. टिग्रे में संघर्ष की शुरुआत नवंबर साल 2020 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री अबी अहमद ने इस प्रांत की सत्तारूढ़ पार्टी टीपीएलएफ़ को हटाने के लिए एक आक्रामक अभियान छेड़ दिया,

टीपीएलएफ़ के लड़ाकों ने संघीय सैन्य ठिकानों पर क़ब्ज़ा कर लिया था, टिग्रे में शुरू हुए इस संघर्ष के साथ ही वहां के लोगों के सपनों पर पानी फिर गया।

आपको बता दें कि इथियोपिया अफ्रीका के सींग में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है जो सरकारी तौर पर इथियोपिया संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है। ये अफ़्रीका का दूसरा सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाला देश है और इसमें 85.2 लाख से अधिक लोग बसे हुए हैं. लेकिन इस संघर्ष के बाद कई लोग अपने क़स्बे के दूसरे लोगों के साथ पहाड़ों पर भाग गए.

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