Pune Porsche Car Accident : नाबालिग की तीन पीढ़ियां काट रहीं थाने के चक्कर, पोर्श कार की हुई फॉरेंसिक जांच

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Pune, Maharashtra: पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस इस वक़्त पूरे मुल्क में लोगों की जुबान पर है। इस खबर को लेकर हर रोज नई सुर्खियां सामने आ रही हैं। ताजा खुलासा ये है कि बीती रात कल्याणी नगर एक्सीडेंट मामले में शामिल पोर्श कार की फॉरेंसिंक जांच की गई। केस में सबसे हैरान करने वाला पहलू ये है कि एक्सिडेंट की घटना के बाद इस परिवार की तीन-तीन पीढ़ियां कानून के शिकंजे में आ गईं। नतीजा ये कि अब पोते से लेकर दादा तक खुद को बचाने के लिये कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। 

तीन पीढ़ियों पर कसा शिकंजा

ताजा मामला पोर्श कार एक्सीडेंट का है। दो इंजीनियरों को अपनी दो करोड़ की कार के पहियों तले रौंदने वाले नाबालिग को जुविनाइल बोर्ड ने सुधार गृह भेज दिया। जहां वो 5 जून तक रहेगा। इसी मामले में नाबालिग के पिता को पुलिस ने हिरासत में लिया और कोर्ट ने उन्हें भी तीन दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। जबकि गुरुवार को पुणे पुलिस ने नाबालिग के दादा, यानी सुरेंद्र अग्रवाल को, छोटा राजन के गुर्गों की मदद से हत्या की कोशिश के एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलवा लिया। 

नाबालिग के दादा से पूछताछ

अपने ही भाई के साथ जायदाद के एक झगड़े में सुरेंद्र अग्रवाल से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि नाबालिग के दादा और विशाल अग्रवाल के पिता सुरेंद्र कुमार अग्रवाल के अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के साथ ताल्लुकात थे। आरोप ये भी है कि सुरेंद्र अग्रवाल ने अपने भाई से झगड़ा निपटाने के लिए छोटा राजन के गुर्गों को सुपारी दी थी। ब्रह्मा बिल्डर्स के मालिक विशाल अग्रवाल के पिता और नाबालिग आरोपी के पिता सुरेंद्र कुमार अग्रवाल के संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से होने की जांच हो रही है। यह बात भी सामने आई है कि सुरेंद्र कुमार अग्रवाल के खिलाफ बंड गार्डन पुलिस स्टेशन में अजय भोंसले नाम के शख्स की हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया गया था। अब बताया जा रहा है कि कल्याणी नगर हादसे को लेकर भी पुणे पुलिस सुरेंद्र कुमार से पूछताछ कर रही है।

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कार पर नंबर प्लेट नहीं थी, रजिस्ट्रेशन को लेकर फंसा पेंच

गौरतलब है कि पुणे पोर्श कार एक्सिडेंट मामले में एडवोकेट असीम सरोदे ने बुधवार को साफ किया था कि जिस कारण से जमानत मांगी गई थी, उस पर न्यायाधीश की तरफ से विचार नहीं किया जाएगा। पिता पर आरोप है कि उसने बाप होने का अपना फर्ज नहीं निभाया। लेकिन इस बीच एक और बात ऐसी हुई जिसने केस को और उलझा कर रख दिया। बताया जा रहा है कि कार का रेजिस्ट्रेशन नहीं थी। कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। कमाल की बात ये है कि पिता को पता था कि नाबालिग बेटे के पास लाइसेंस नहीं है, फिर भी पिता विशाल अग्रवाल ने उसे कार चलाने की इजाजत दी। उन्होंने अपने बेटे को पब भी भेजा था, जबकि उन्हें पता था कि वो नाबालिग है। 

पोर्श एक्सीडेंट केस में सियासत की एंट्री

इसी बीच तेज रफ्तार पोर्श कार की चपेट में आकर दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत के मामले में अब सियासत ने भी पूरी तरह से एंट्री ले ली है। क्योंकि महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने सीधे तौर पर राज्य सरकार पर निशाना साध दिया है। महाराष्ट्र में विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने इस कांड को लेकर उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस पर निशाना साधा। कहा जा रहा है कि आरोपी को जब पकड़कर पुलिस थाने लया गया तो वहां उसे पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक और पूरी आवभगत की पेशकश हुई थी। ऐसे में इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। 

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आरोपी को खिलाया पिज्जा, बिरयानी?

सुप्रिया सुले ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह खुलासा करना चाहिए कि किसने पुणे पोर्श कार दुर्घटना मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोपी लड़के की जमानत के लिए किसने फोन किया और इतने संगीन अपराध के बावजूद नाबालिग को जमानत कैसे मिली? किसने उस लड़के की मदद की? उसे पिज्जा और बिरयानी खिलाने की पेशकश किसने की? सच्चाई सामने आनी चाहिए।

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पुलिस पर रईसजादों की मदद का आरोप

वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस मामले को लेकर सरकार पुणे पुलिस कमिश्नर को सेवा से बर्खास्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि किशोर को हिरासत में लेने के बाद पुलिस स्टेशन में उसे पिज्जा और बर्गर परोसा गया। उन्होंने कहा कि पुणे पुलिस ने एक अमीर लड़के की मदद की जिसने 2 युवा लोगों की जान ले ली और अब सामने आये सीसीटीवी वीडियो से पुष्टी हो गई है कि नाबालिग लड़के ने एक्सिडेंट से पहले बार में शराब पी हकीकत से सभी वाकिफ थे इसके बावजूद उसकी मदद की गई।

कार की हुई फॉरेंसिक जांच

हालांकि पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इन राजनीतिक आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि घटना के बाद हिरासत में रहने के दौरान किशोर को पिज्जा नहीं परोसा गया। इस बीच बीती रात हादसे में शामिल पोर्श कार की फॉरेंसिक जांच की गई। इसके तहत इस हादसे में जिन गाड़ियों की आपस में टक्कर हुई उन दोनों गाड़ियों के पेंट के सैंपल जांच के लिए ले लिये गये। इसके अलावा आरोपी के साथ-साथ इस हादसे में मरने वालों के खून के धब्बों के सैंपल भी उठाए गए। इन नमूनों को पुलिस ने टेस्ट के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दिया है। 

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