BIHAR BENGAL NEW : हालात काबू में करने के लिए 4 अप्रैल तक इंटरनेट बंद, ऐसे हैं हालात बंगाल और बिहार में

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BIHAR BENGAL NEW : हालात काबू में करने के लिए 4 अप्रैल तक इंटरनेट बंद, ऐसे हैं हालात बंगाल और बिहार...
रामनवमी के जलूस पर पथराव के बाद हुबली के इलाके में आगजनी हुई
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रामनवमी के मौके पर सद्भाव की बात को छोड़कर अचानक एक दूसरे के खून के प्यासे होने का ये खौफनाक मंज़र बिहार और पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। रामनवमी के जलूस के दौरान पहले बिहार में हिंसा भड़की और फिर ये हिंसा की आग ने पश्चिम बंगाल के हुबली को भी अपनी चपेट में ले लिया। नतीजा ये हुआ कि पश्चिम बंगाल में दंगे की भयानक शक्ल सामने आई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को मोर्चाबंदी करनी पड़ी। हालात पूरी तरह से काबू में रह सकें इसके लिए बंदोबस्त के तहत हिंसा से प्रभावित इलाके में इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया गया। 

बिहार के नालंदा ज़िले में 4 अप्रैल तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। शहर में पहले से ही कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके अलावा रोहतास ज़िले में भी 4 अप्रैल तक सभी स्कूल और कॉलेज के अलावा तमाम शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। 

ये बात भी जानने लायक है कि बंगाल के हुगली में रविवार को जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो वहां भी पत्थरबाजी और आगजनी की वारदात हुईं। गौरकरने वाली बात ये है कि ये सब कुछ उस वक़्त हुआ जब हिंदू संगठन हुगली के एक इलाके में शोभायात्रा निकाल रहे थे। इस शोभायात्रा का आयोजन बीजेपी की तरह से किया गया था और उसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष भी शामिल हुए थे। लेकिन जैसे ही दिलीप घोष वहां से गए अचानक दो गुट आमने सामने आ गए और देखते ही देखते पत्थर बाजी शुरू हो गई और जमकर आगजनी हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को जमकर मोर्चाबंदी करनी पड़ी। 

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बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस सिलसिले में 12 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। 

बीजेपी की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि इस हिंसा में उसके विधायक बिमन घोष बुरी तरह से घायल हो गए हैं। जबकि कई पुलिसवालों को पथराव के दौरान गंभीर चोटें आईं। ये भी खुलासा हुआ है कि शोभायात्रा में पथराव उस वक़्त शुरू हुआ जब यात्र रिशरा के संध्या बाज़ार इलाके से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि ये इलाका असल में अल्पसंख्यक समुदाय बाहुल इलाका है। 

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शोभायात्रा पर हुए पथराव और हिंसा को देखते हुए पूरे इलाके का बड़े हिस्से में धारा 144 लगा दी गई है और अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। 

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस का कहना है कि गुंडागर्दी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। 

इधर राज्यपाल  बयान आया और उधर बीजेपी और टीएमसी दोनों के नेता एक दूसरे पर आरोप लगाने में जुट गए। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस पूरी घटना के लिए बीजेपी जिम्मेदार है जबकि बीजेपी ने इस हिंसा के लिए टीएमसी के बंदोबस्त की नाकामी बताया। 

बीजेपी के नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि इस शोभायात्रा के दौरान महिलाओं और बच्चों पर पथराव किया गया। आरोप तो ये भी लगाया जा रहा है कि हिंसा के बाद भी राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हावड़ा की हिंसा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि वहां बाजार में जमकर तोड़फोड़ की गई और हिंसा हुई, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से कोई समुचित कार्रवाई देखने को नहीं मिली। 

ये बात किसी से छुपी नहीं है कि 30 मारच को रामनवमी के जुलूस पर हमला हुआ था और उसके बाद कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। 

उधर बिहार के नालंदा और बिहार शरीफ के साथसाथ सासाराम में भी हालात नाज़ुक बने हुए हैं। यहां भी रामनवमी के बाद जुलूस पर पथराव और आगजनी की घटानाओं के बाद हालात तनावपूर्व बने हुए हैं। नालंदा के बिहार शरीफ में तो एक शख्स की मौत हो गई जबकि रोहतास के सासाराम में शनिवार को हुए एक धमाके के बाद छह लोग घायल हो गए। इसके अलावा दोनों जगहबों पर कई राउंड फायरिंग की भी खबर सामने आई है। इस वारदात से कई लोगों को जख्मी होने की खबर मिली है। बिहार के मुख्यमंत्री ने इन वारदात के बाद हाई लेवल की मीटिंग की और हालात का पूरा जायजा लिया। मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि पूरी तरह से मुस्तैदी रखी जाए और उपद्रवियों को पहचान कर उनके खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई की जाए। 

बताया जा रहा है कि बिहार में अभी तक 109 लोगों को गिरफ्तार किया  जा चुका है। पुलिस के मुताबिक हिंसा में राज्य में एक मौत हुई है। सासाराम के ब्लास्ट के बारे में जो सच सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। बताया जा रहा है  कि जो शख्स जख्मी हुआ असल में वही बम बना रहा था। हालात को पूरी तरह से काबू में रखने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में 4 अप्रैल तक के लिए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है। इसके अलावा अगले आदेश तक तमाम स्कूल कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। 

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