Pune Porsche Case में नया ट्विस्ट, नाबालिग के दादा का निकला डॉन छोटा राजन से 'कनेक्शन'

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PUNE: पुणे में हुआ पोर्श कार एक्सीडेंट मामला अब हर रोज नए और चौंकाने वाले खुलासों की वजह से सुर्खियों में आ रहा है। एक नाबालिग रईसजादे ने अपनी स्पोर्ट्स कार के पहियों तले दो लोगों को रौंदकर मार डाला और इसके बावजूद उसको जुविनाइल जस्टिस बोर्ड की तरफ से जमानत दे दी गई।लेकिन सोशल मीडिया पर हुई खींचतान के बाद अब पुलिस ने उस नाबालिग लड़के के अमीर बाप विशाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। 

परिवार का गुनाहों से पुराना नाता

लेकिन जो नया खुलासा सामने आया है उससे ये भी साबित हो जाता है कि इस परिवार का गुनाहों से पुराना नाता रहा है। हैरान करने वाला खुलासा ये है कि अग्रवाल परिवार का मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन के साथ पुराना कनेक्शन है। बताया जा रहा है कि आरोपी विशाल अग्रवाल के पिता और नाबालिग के दादा ने जायदाद के एक झगड़े में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से मदद ली थी।19 मई को हुए इस पोर्श कार एक्सीडेंट मामले के बाद से ही बिल्डर विशाल अग्रवाल और उनका परिवार सुर्खियों में है।

अग्रवाल परिवार का दागदार अतीत

जाहिर है कार एक्सिडेंट की घटना के बाद अब लोग इस परिवार के अतीत में झांककर देख भी रहे हैं और उनके दामन पर लगे दाग-धब्बों का पूरा-पूरा पोस्टमॉर्टम भी किया जा रहा है। इसी बीच ये खबर सामने आई कि नाबालिग के दादा यानी सुरेंद्र कुमार अग्रवाल का जायदाद को लेकर अपने ही सगे भाई के साथ झगड़ा हुआ था। उस जायदाद के झगड़े में अपने हक में फैसला कराने के लिए सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा राजन से हाथ मिलाया था। 

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बैंकॉक जाकर की थी गुर्गे से मुलाकात

विशाल अग्रवाल पुणे के जाने-माने बिल्डर हैं। विशाल के पिता सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने अपने भाई आरके अग्रवाल से कुछ संपत्तियों को लेकर झगड़े में डॉन छोटा राजन की मदद ली थी। बताया जाता है कि इस सम्बंध में सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने छोटा राजन के गुर्गे विजय पुरूषोत्तम साल्वी उर्फ ​​विजय तांबट से बैंकॉक जाकर मुलाकात की थी। इसी झगड़े के बाद सुरेंद्र कुमार अग्रवाल के खिलाफ बंड गार्डन पुलिस स्टेशन में अजय भोंसले नाम के शख्स की हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था।

भाई के दोस्त पर चलवाई थी गोली

बताया जा रहा है कि सुरेंद्र ने सुपारी देकर छोटा राजन के गुर्गों से आरके अग्रवाल के दोस्त अजय भोंसले पर गोली चलवाई थी। इस गोलीबारी में भोंसले का ड्राइवर घायल हो गया था। इस सिलसिले में एक एफआईआर दर्ज करवाई गई थी और इस मामले की तहकीकात देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपी गई थी। हालांकि लंबे समय से ये मामला ठंडे बस्ते में है। 

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सीबीआई को सौंपा गया मामला

बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कुमार अग्रवाल और उनके भाई के बीच झगड़े के मामले में छोटा राजन की भूमिका को लेकर पुणे पुलिस ने जांच शुरू की थी मगर बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। मामला आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश समेत कई संगीन धाराओं में दर्ज किया गया था। आर्म्स एक्ट की भी कुछ धाराएं लगाई गई थीं। हालांकि इस मामले की जांच के बारे में जानने वाले लोग हैरानी जताते हैं कि छोटा राजन और उसके गुर्गों पर संगठित अपराध सिंडिकेट में शामिल होने के बावजूद पुणे पुलिस ने कभी भी महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत एक्शन नहीं लिया।

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पुणे पुलिस पर उठे थे सवाल

जांचकर्ताओं का कहना है कि एसके अग्रवाल को भी चार्जशीट दाखिल होने तक कभी गिरफ्तार नहीं किया गया। मामले में भारतीय दंड संहिता की सामान्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। मामले को अच्छी तरह जानने वाले कुछ वरिष्ठ जांचकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इस मामले में पुणे पुलिस की तरफ से जानबूझकर गंभीर खामियां छोड़ी गई थीं। पुणे पुलिस पर तब भी सवाल उठे थे। फिलहाल मामले में एसके अग्रवाल जमानत पर हैं और 6 मई को ट्रायल में शामिल हुए थे। मामले में कुछ अहम गवाहों के बयान लिये जा रहे हैं। 
 

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