Kuwait Fire : सोते सोते जलकर मर गए 40 भारतीय, South India तक पहुँची तपिश, केरल और तमिलनाडु में मातम

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Fire in Kuwait: खाड़ी के सबसे अमीर देशों में से एक कुवैत के दक्षिणी शहर में लगी आग की तपिश अब वहां से साढ़े तीन हजार किलोमीटर दूर हिन्दुस्तान के दक्षिणी सूबों में महसूस की जा रही है। बीती देर शाम कुवैत की एक बिल्डिंग में लगी आग से करीब 40 भारतीयों की सोते सोते जलकर मरने की खबर है। हालांकि अभी तक पांच शव की ही पहचान हो सकी है लेकिन जबसे ये खबर सामने आई है भारत के दक्षिणी प्रांतों खासतौर पर केरल और तमिलनाडु के कई घरों में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। क्योंकि कुवैत की इस आग में जिन भारतीयों के मारे जाने की खबर सामने आई है उनमें से ज्यादातर केरल और तमिलनाडु के ही बताए जा रहे हैं। 

South India तक पहुँचा आग का ताप

इस हादसे में 49 लोगों के मरने के साथ साथ अब तक 30 लोगों के झुलसने की भी इत्तेला सामने आई है। कुवैत के इस अग्निकांड में अब तक केरल के कोल्लम जिले के एक परिवार को सूचना मिली कि उनके घर के सदस्य शमीर की जलकर मौत हो गई। सदमें में डूबे इस परिवार ने बताया कि उन्हें कुवैत में बसे अपने रिश्तेदारों से ये मनहूस खबर मिली। अब वो आगे की प्रक्रिया के लिए सरकार से बातचीत कर रहे हैं।

आग में मरने वाले Driver से लेकर Engineer तक

बताया जा रहा है कि शमीर कोल्लम जिले के रहने वाले हैं। शमीर पिछले 5 साल से कुवैत में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे। करीब 9 महीने पहले छुट्टी पर केरल आए थे। उधर कुवैत अग्निकांड में केरल के कोट्टायम के पम्पाडी के रहने वाले 29 साल के स्टेफिन अब्राहम सबू की भी मौत हो गई। स्टेफिन अब्राहम सबू पम्पाडी के सबू फिलिप के बेटे हैं। सबू कुवैत में इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। इसके अलावा हादसे में जान गंवाने वालों में केरल के कोल्लम के रहने वाले 29 साल के साजन जॉर्ज भी शामिल हैं। एम.टेक. ग्रेजुएट साजन जॉर्ज एक महीने पहले नौकरी मिलने के बाद कुवैत चले गए थे। वह उस कंपनी में जूनियर मैकेनिकल इंजीनियर थे। जहां हादसा हुआ। कोल्लम के मूल निवासी जॉर्ज पोथन और वलसम्मा के बेटे हैं। 

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NBTC Group किराए पर ली थी Building

कुवैती मीडिया के मुताबिक निर्माण कंपनी NBTC Group ने 195 से अधिक लेबर के रहने के लिए बिल्डिंग किराए पर ली थी। खुलासा यही है कि उस बिल्डिंग में रहने वाले ज्यादातर भारतीय केरल, तमिलनाडु और उत्तरी राज्यों के थे। तमिलनाडु सरकार ने कहा कि कुवैत में लगी आग में मारे गए लोगों में तमिल भी शामिल थे या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है। राज्य सरकार ने एक संदेश में कहा कि वह पीड़ितों से जानकारी जुटा रही है। इसमें कहा गया है कि अगर घायलों में तमिल शामिल हैं, तो उनके बारे में जानकारी लेना जरूरी है और मेडिकल हेल्प दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नॉन रेजिडेंट तमिलों के पुनर्वास के लिए निर्देश दिया है।

PM नरेंद्र मोदी ने संवेदना जताई

अग्निकांड में मरने वाले ज्यादातर केरल और तमिलनाडु के लोग हैं। इस हादसे की खबर के बाद दोनों राज्यों के परिवारों में गम का माहौल है। इसी बीच PM नरेंद्र मोदी ने कुवैत में आग लगने की इस घटना को लेकर अपने संवेदना जाहिर की है। पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक भारतीय नागरिकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की भी घोषणा की गई है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर कुवैत में आग लगने की घटना में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की।

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बड़ी तादाद में रहते हैं भारतीय

कुवैत के दक्षिणी मंगाफ जिले की जिस बिल्डिंग में भीषण आग लगी और उसमें 49 लोगों की मौत हुई उसमें 40 भारतीय बताए जा रहे हैं। कुवैत में भारतीय मजदूरों की बात करें तो इनकी डिमांड बहुत है। यहां बढ़ई, राजमिस्त्री, घरेलू कामगार, फैब्रिकेटर, ड्राइवर और यहां तक कि फूड डिलीवरी करने वाले और कूरियर डिलीवरी बॉय बड़ी तादाद में भारतीय ही हैं।

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Helpline नंबर जारी किए गए

मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, कमिश्नरेट में भारतीय दूतावास और तमिल संघों के साथ संपर्क करके तमिलों को सहायता देने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने राज्य सरकार से सहायता लेने के लिए कमिश्नरेट के हेल्पलाइन नंबर

+91 1800 309 3793 (भारत में)

+91 80 6900 9900

+91 80 6900 9901 (विदेश से कॉल के लिए) 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा वक्त में घायलों को कुवैत के अदन, जाबेर, फरवानिया, मुबारक अल कबीर और जाहरा के 5 सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और वहां उनका इलाज किया जा रहा है। कुवैत में भारतीय दूतावास भी प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है। दूतावास ने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने के लिए एक हेल्पलाइन +965-65505246 (व्हाट्सएप और नियमित कॉल) जारी किया है। 

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