Prajwal Revanna Sex Scandal: यौन शोषण के आरोपी रेवन्ना को भारत आते ही महिला पुलिस अधिकारियों ने दबोचा

ADVERTISEMENT

CrimeTak
social share
google news

Bangaluru: कर्नाटक सेक्स स्कैंडल के मुख्य आरोपी और हासन सीट से जेडीएस के निष्कासित सांसद प्रज्वल रेवन्ना को जर्मनी से लौटते ही पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। दिलचस्प बात ये है कि जिस रेवन्ना पर महिलाओं के यौन शोषण का आरोप है उसे गिरफ्तार करने का जिम्मा महिलाओं की टीम को ही दिया गया। जी हां, कर्नाटक पुलिस की जिस टीम ने रेवन्ना को गिरफ्तार किया न सिर्फ उसे एक महिला IPS अधिकारी लीड कर रही थीं, बल्कि टीम की बाकी सदस्य भी महिला पुलिस अधिकारी ही थीं। यहां तक कि रेवन्ना को गिरफ्तारी के बाद जिस पुलिस जीप में बैठाया गया उसमें भी सभी पांच पुलिस अधिकारी महिलाएं ही थीं। प्रज्वल जीप की बीच वाली सीट पर बैठा था। उसके दाएं और बाएं महिला अधिकारी बैठी थीं। इसके अलावा जीप के आगे वाली सीट और सबसे पीछे वाली सीट पर भी महिला पुलिस अधिकारी ही बैठी थीं। गिरफ्तारी के बाद ये सभी महिलाएं रेवन्ना को लेकर सीआईडी दफ्तर पहुंच गईं। यहां सेक्स स्कैंडल के आरोपों पर उससे लंबी पूछताछ की जा रही है।

महिला पुलिस अधिकारियों के जरिये सख्त संदेश

माना जा रहा है कि रेवन्ना कि गिरफ्तारी के लिये महिला पुलिस अधिकारियों को भेज कर सरकार यौन शोषण जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ सख्त संदेश देना चाहती है। साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी ये एक मजबूत संदेश है। क्योंकि जिस रेवान्ना पर सैकड़ों महिलाओं का यौन शोषण कर उनकी वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने का आरोप है उसे उसके गुनाहों की सजा भी महिलाओं के जरिये मिलने की उम्मीद जगी है। यानी महिलाओं को कमजोर समझ उनका शोषण करने की गलती उस पर भारी पड़ने वाली है। यही वजह है कि जो एसआईटी उसके खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है उसकी प्रमुख भी एक महिला IPS अधिकारी ही हैं। 

कस्टडी की मांग की जाएगी

जर्मनी से कुल 35 दिनों बाद भारत लौटे प्रज्वल रेवन्ना को अब मेडिकल टेस्ट के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया जाएगा। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा। आगे की जांच और पूछताछ के लिये उसकी कस्टडी की मांग की जाएगी। एसआईटी प्रज्वल रेवन्ना की 14 दिनों की कस्टडी की मांग कर सकती है। फॉरेंसिक टीम उसका ऑडियो सैंपल भी लेगी जिससे पता लगाया जाएगा कि वायरल सेक्स वीडियो में मौजूद आवाज प्रज्वल की ही है या नहीं। प्रज्वल के खिलाफ अब तक यौन उत्पीड़न के तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 

ADVERTISEMENT

तीन टीम लगी जांच में, तीनों का अलग-अलग काम

सेस्स रैकेट मामले की जांच के लिये एसआईटी ने तीन विशेष यूनिट का गठन किया है। मैसूर की SP सीमा लटकर की अगुवाई में गठित पहली टीम यौन उत्पीड़न के एंगल से मामले की जांच कर रही है। SP सुमन डी पन्नाकर की अगुवाई में दूसरी टीम मामले में सामने आए वीडियो और पेन ड्राइव का विश्लेषण कर रही है। मामले में सबूतों के तकनीकी पहलू की जांच के लिए एक टेक्निकल टीम का भी गठन किया गया है। सीमा लटकर की अगुवाई वाली टीम पीड़ितों का पता लगाने और हासन से सूचना इकट्ठा करने का काम कर रही है। सुमन पन्नाकर की टीम पीड़ितों को एसआईटी हेडक्वार्टर लाकर पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर रही है। वहीं टेक्निकल टीम सभी वीडियो की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के लिए 18 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्त किया गया है जिनमें तीन असिस्टेंट कमिश्नर पुलिस (एसीपी) और दो इंस्पेक्टर शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों को जांच के सिलसिले में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT

    यह भी पढ़ें...