जज साहब की कार घर में खड़े-खड़े बन गई Scooty, तोड़ा Red Light Signal, धड़ाधड़ आए E challan, जब खुला राज तो हो गए सब हैरान

ADVERTISEMENT

CrimeTak
social share
google news

न्यूज़ हाइलाइट्स

point

जज साहब की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है कार

point

रेड लाइट सिग्नल तोड़ने के आने लगे चालान

point

जज साहब की कार के नंबर वाली स्कूटी पकड़ी

Gwalior , MP: क्या कभी घर में खड़ी गाड़ी का चालान कट सकता है? इस सवाल का एक ही जवाब हो सकता है कि ऐसा कभी नहीं हो सकता। लेकिन MP अजब है और वहां की पुलिस गजब है। क्योंकि यहां ट्रैफिक पुलिस का एक ऐसा कारनामा सामने आया जिसने समूचे पुलिस महकमें में हड़कंप मचा दिया। असल में ग्वालियर में एक जज साहब के घर पर खड़ी गाड़ी के ई चालान धड़ाधड़ घर पहुंचे तो जज साहब हैरान और परेशान हो गए। जाहिर है जब कोई जज ऐसे परेशान होगा तो फिर उस इलाके की पुलिस की नींद का हराम होना लाजमी है। और उसके बाद जो सच सामने आया तो खुद पुलिस भी हैरान हो गई। 

कार घर में शहर में बवाल

असल में ग्वालियर में जज साहब के पास एक कार थी जो उनके घर की गैराज में खड़ी थी। कार जज साहब की पत्नी के नाम थी। लेकिन अचानक उनके घर पर धड़ाधड़ ई चालान पहुँचने शुरू हो गए। कभी ट्रैफिक का रेड लाइट जंप का तो कभी तेज रफ्तार का। अब जज साहब इस बात पर हैरान कि गैराज में खड़ी कार कैसे रेड लाइट का सिग्नल जंप कर सकती है। तब जज साहब ने फौरन इलाके के ट्रैफिक पुलिस अफसर को तलब किया और उन्हें ई चालान दिखाते हुए पूरे मामले का पता लगाने का आदेश सुना दिया। 

जज का आदेश और हरकत में आई पुलिस

जज का आदेश हो और पुलिस हरकत में न आए ऐसा कभी हो सकता है। बस फिर क्या था पुलिस दूरबीन लेकर सड़क पर तैनात हो गई और तलाश में जुट गई कि आखिर जज साहब की घर में खड़ी कार तेज रफ्तार से रेड लाइट जंप कर रही है। कुछ ही देर की कवायद के बाद आखिरकार पुलिस ने उस गड़बड़ी को पकड़ ही लिया जिसकी वजह से जज साहब और उनकी पत्नी की नींद हराम हो गई थी। पुलिस के हाथ लगी एक स्कूटी। और साथ में हाथ आई एक कहानी। 

ADVERTISEMENT

सामने आई स्कूटी और उसका सच

दरअसल पुलिस ने जिस स्कूटी को पकड़ा उसे एक शख्स चला रहा था जिसने उसे अपने पास 25000 रुपये के एवज में गिरवी रखा था। मगर वो ये नहीं चाहता था कि स्कूटी के असली मालिक को पता चले कि स्कूटी को गिरवी रखे जाने के बाद उसका इस्तेमाल किया जा रहा है लिहाजा उसने स्कूटी का नंबर ही बदल दिया। इत्तेफाक से उसने उस स्कूटी पर जो नंबर लगाया था वो जज साहब की उसी कार का नंबर था जो अक्सर घर पर ही खड़ी रहती थी। और नंबर बदलने के बाद वो शख्स स्कूटी को बेहतहाशा सड़कों पर दौड़ाने लगा और ट्रैफिक के नियमों को ताक पर रखने लगा। बस इसी वजह से स्कूटी के रेड लाइट सिग्नल तोड़ने पर आटोमेटेड ई चालान हो जाता और वो सीधा जज साहब के पास पहुँच जाता। 

अब पुलिस निकली पूरा सच समझने के लिए 

हालांकि पुलिस ने स्कूटी और उसे चलाने वाले दोनों को अपने कब्जे में ले लिया है मगर उसकी सुनाई कहानी पर पुलिस पूरी तरह से यकीन करने को राजी नहीं है। लिहाजा पुलिस ने अब इस मामले की पूरी तरह से तस्दीक करने का सिलसिला शुरू कर दिया है। 

ADVERTISEMENT

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT

    यह भी पढ़ें...