पुलवामा में एनकाउंटर में ढेर हुआ जैश ए मोहम्मद का नामी आतंकी कैसर कोका, एक जवान शहीद

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Jammu-Kashmir Encounter: साल 2019 की फरवरी में जब पुलवामा (Pulwama Attack) में आतंकी हमला हुआ था, उसने भारतीय सुरक्षा बल (Security Forces) के 44 जवानों को बेवक्त मौत के घाट उतार दिया था और उन्हें शहीद (Martyr) कर दिया था। उसके बाद से अक्सर जम्मू कश्मीर का पुलवामा ज़िला सुरक्षा बल के निशाने पर ही रहता है। जम्मू कश्मीर का पुलवामा ज़िला सोमवार को एक बार फिर फौजी बूटों से गूंज उठा। क्योंकि पूरे इलाके में हर तरफ सिर्फ फौजी ही फौजी नज़र आ रहे थे। क्योंकि इस ज़िले में जैश ए मोहम्मद के दो आतंकियों का साया नज़र आया था।

सेना, पुलिस और CRPF के जवान पूरी मुस्तैदी से पूरे ज़िले को घेरकर खड़े हो गए और एक एक हिस्से की तलाशी लेनी शुरू कर दी। पुलवामा के अवंतीपोरा इलाके के एक गांव में सुरक्षा बल की सर्च पार्टी को अहसास हुआ कि यहां उनकी तलाश पूरी हो सकती है। वो गांव था वांडकपोरा। तब सुरक्षा बल ने वांडकपोरा गांव को चारो तरफ से घेर लिया और एक एक घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी।

इससे पहले सुरक्षा बल अपनी तलाशी की मुहिम को आगे बढ़ाते...अचानक हुई फायरिंग ने तमाम सुरक्षा बल के सिपाहियों को अलर्ट कर दिया और सभी ने जहां थे वहीं से पोजीशन ले ली।

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Jammu Kashmir Encounter: अब गांव ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज़ से गूंज उठा। एक मकान में छुपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों के घेरे पर फायरिंग करनी शुरू कर दी और उस घेरे को तोड़ने की कोशिश में लग गए। लेकिन ये सुरक्षा बल का घेरा था, लिहाजा आतंकियों को इतनी भी जगह नहीं मिली कि वो वहां से निकलने के बारे में सोच भी बाते।

आतंकियों की लोकेशन मिलते ही उस मकान को भी सुरक्षा बल ने अपने घेरे में ले लिया और गोलियों की बौछार कर दी। थोड़ी ही देर में उस मकान से फायरिंग का आवाज आनी बंद हो गई। तलाशी ली गई तो वहां दो आतंकियों की लाश पड़ी थी।

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शिनाख्त हुई तो पता चला कि जैश ए मोहम्मद का सबसे कुख्यात आतंकी अपने साथी के साथ मारा गया। उन दो आतंकियों में से एक लाश कैसर कोका की थी, जिसे आतंकियों की जमात में अच्छी खासी इज्जत हासिल थी। जबकि दूसरा उसका साथी कौन है, इसके बारे में अभी पुलिस पूरी तरह से पुख्तातौर पर कुछ भी नहीं बता पा रही।

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हालांकि पुलिस अफसर के मुताबिक इस एनकाउंटर में आतंकियों की गोली से एक जवान भी शहीद हो गया।

Jammu Kashmir Encounter: पुलिस को इन आतंकियों के पास से एक अमेरिकी राइफल के साथ साथ एक कार्बाइन एक पिस्तौल और बाकी गोलाबारूद के अलावा कई आपत्तिजनक चीजें भी बरामद हुईं। इन दो आतंकियों को मौत के घाट उतारने के बाद भी भारतीय सुरक्षा बन ने अपना सख्त घेरा ढीला करने के बजाए पूरे इलाक़े की तलाशी तेज़ कर दी।

जम्मू कश्मीर के एडीजीपी के मुताबिक कैसर कोका साल 2018 से ही पुलवामा के अवंतीपोरा इलाक़े में सक्रिय था। कश्मीर घाटी में आतंकियों की घटती वारदात और आतंकी कमांडरों की कम होती जमात की वजह से कोका को जैश ए मोहम्मद के आकाओं ने इस पूरे इलाक़े में आतंकियों की भर्ती करने और उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए सरहद पार करवाने का ज़िम्मा दे रखा था।

बीते चार सालों के दौरान सुरक्षा बल के साथ कोका की कई बार मुठभेड़ हुई लेकिन हर बार वो गच्चा देकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था।

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