अनंतनाग में सेना के ऑपरेशन में मारा गया 10 लाख का इनामी आतंकी उजैर, जंगल में जला हुआ शव मिला

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सेना के ऑपरेशन में मारा गया 10 लाख का इनामी आतंकी उजैर खान
सेना के ऑपरेशन में मारा गया 10 लाख का इनामी आतंकी उजैर खान
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Operation Garol in Anantnag: जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में सेना और सुरक्षा बल का मिला जुला ऑपरेशन अब भी जारी है, क्योंकि कोकरनाग के जंगलों में आतंकियों ने पनाह ले रखी है। लेकिन इसी बीच सेना की कामयाबी की खबर बीच जंगल से निकल कर आई । लश्कर के जिल आतंकी को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल ने घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया था वो आतंकी ढेर हो चुका है। बताया जा रहा है कि इनामी आतंकी उजैर खान का जला हुआ शव सुरक्षा बल को बरामद हुआ है। लेकिन उसकी पहचान पुख्ता करने के लिए अब उसके परिवार के सदस्यों का DNA सैंपल लिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकियों का सफाया करने के लिए सुरक्षाबलों ने सोमवार को ऑपरेशन शुरू किया था। और आज सातवां दिन है। और अब भी सुरक्षा बल का सर्च ऑपरेशन जारी है। 

आतंकी हमले का जिम्मेदार TRF

खुलासा हुआ है कि पिछले हफ्ते हुए आतंकी हमले की पूरी जिम्मेदारी टीआरएफ (TRF) ने ली थी। ये आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की ही एक शाखा है जो कश्मीर में ऑपरेट करती है। ये बात भी साफ हो गई है कि इस आतंकी हमले के पीछे असली हाथ आतंकी उजैर खान का ही था। लश्कर के आतंकी उजैर खान पर 10 लाख रुपये का इनाम था। 

जंगल में मिला जला हुआ शव

सेना ने शनिवार को अनंतनाग में जिस आतंकी को मार गिराया था उसका जला हुआ शव बरामद हुआ। और पुलिस के मुताबिक जो शव जली हुई हालत में मिला है वो उजैर खान का लग रहा है। हालांकि शव की शिनाख्त पुख्ता करने के लिए परिवार के सदस्यों का डीएनए सैंपल लिया जाएगा। इस एनकाउंटर के बीच जो खबर सामने आई उसके मुताबिक पुलिस और सेना के कई बड़े अफसर डीजीपी और एडीजीपी भी ऑपरेशन एरिया का दौरा कर सकते हैं। 

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कोकरनाग के उस हिस्से में रस्सियों के सहारे चट्टानों पर चढ़ने की तैयारी में सेना के जवान

मुश्किल इलाके में हो रहा ऑपरेशन

कोकरनाग में हुई मुठभेड़ के बाद रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनलर KJSढिल्लो ने कहा कि शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह, शहीद मेजर आशीष दोनों की बहादुरी की कोई तुलना नहीं की जा सकती। दोनों सेना के लिए कई ऑपरेशन में हिस्सा ले चुके थे और उन्हें वीरता के कई पुरस्कारों से नवाजा भी जा चुका है। दोनों ही आतंकवाद के खिलाफचलाए जाने वाले ऑपरेशन में माहिर थे। रिटायर्ड कर्नल का कहना है कि जिस इलाके में ये ऑपरेशन चलाया जा रहा है वहां के बारे में मेरा तजुर्बा कहता है कि वो इलाका बेहद मुश्किल है। जंगल बेहद घना है...उस जंगल के कई हिस्से तो ऐसे हैं जहां सूरज की रोशनी तक नहीं पहुँच पाती। अगर देखा जाए तो वहां एकदम खड़ी और टूटी चट्टानें हैं जिन पर सुरक्षा बल के जवान ऑपरेशन चला रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे से कहा है कि वो इलाका ऐसा है कि जहां आतंकियों के छुपने की जगह काफी अच्छी हो सकती है। और सेना के जवानों को एक एक पत्ते के पलट कर देखना है। ऐसे में किसी भी हालत में इस ऑपरेशन को फिलहाल खत्म नहीं कहा जा सकता। अभी तो ये जारी रह सकता है। 

सर्च ऑपरेशन चालू

बता दें कि बीते मंगलवार को रात होने की वजह से इसे रोक दिया गया. बुधवार को सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर रखा था. जैसे ही सुरक्षाबल के अधिकारी उस जगह पर पहुंचे, जहां आतंकी छिपे हुए थे, तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष और जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट को गोली लग गई. आनन-फानन में घायल अफसरों हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया, लेकिन इन अधिकारियों को बचाया नहीं जा सका। 

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