हरियाणा की हिंसा के दो विलेन मोनू मानेसर, बिट्टू बजरंगी? बवाल के लिए पुलिस को ही ठहरा दिया कसूरवार!

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हरियाणा की हिंसा के दो विलेन मोनू मानेसर, बिट्टू बजरंगी? बवाल के लिए पुलिस को ही ठहरा दिया कसूरवार!
बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर
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Monu Manesar and Bittu Bajrangi: हरियाणा में जो कुछ भी हुआ, उसको लेकर अब सरकारों के बीच भी हलचल पैदा होने लगी है और सोच विचार का नया सिलसिला शुरू हो गया है। गरज ये कि जैसे भी हो ये मामला शांत हो और सब कुछ कानून के हाथ में सुरक्षित हो जाए। 

हरियाणा की हिंसा के दो विलेन

मेवात के नूंह को हिंसा की आग में झुलसाने में जिन दो लोगों को एक विलेन की तरह पुकारा जा रहा है उनमें एक नाम तो मोनू मानेसर का है, जबकि दूसरा नाम है बिट्टू बजरंगी का। और कहा जा रहा है कि इन्हीं के भड़काऊ वीडियो ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक बवाल मचा दिया है। बताया यही गया है कि इनके दोनों वीडियो यहां शुरू हुई हिंसा के पहले के हैं। यानी जो कुछ भी हुआ वो सब कुछ इनके वीडियो आने के बाद ही हुआ है। लेकिन इन दोनों की अपनी अपनी दलील है और इल्जामों से पीछा छुड़ाने के लिए अपनी अपनी सफाई। 

बिट्टू बजरंगी का हिंसा का विलेन होने से इनकार

सीएम की चेतावनी

ये ध्यान देने वाली बात है कि हरियाणा की इस बेमतलब की हिंसा ने छह लोगों की जान ले ली। हुक्मरानों को इस पूरी हिंसा और उपद्रव में कोई छुपी हुई साज़िश नज़र आने लगी है। लिहाजा सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी को चेतावनी दी है और कहा है कि किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। 

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बिट्टू बजरंगी का वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी के वीडियो भी वायरल हो गए हैं। अब यहां गौर करने वाली बात ये है कि इस पूरे किस्से के सबसे बड़े विलेन के तौर पर उभरकर सामने आए बिट्टू बजरंगी ने नूंह के लोगों को जमकर कोसा और उन्हें गालियां भी सुनाईं। जरा बिट्टू बजरंगी की वायरल हो रही बातों पर गौर कीजिए, ‘ ये बोलेंगे कि बताया नहीं कि हम ससुराल आए और मुलाकात नहीं हुई, फूल माला तैयार रखना, जीजा आ रहे हैं, बिलकुल 150 गाड़ियां हैं’। इस वीडियो के दौरान बिट्टू बजरंजी अपने समर्थकों के साथ नज़र आ रहा है। बिट्टू बजरंगी कहता है कि इस वक़्त वो फरीदाबाद के पाली में है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि बिट्टू का ये वीडियो हिंसा वाले दिन यानी 31 जुलाई की सुबह का है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो नज़र आ रहे हैं जिसमें बिट्टू बजरंगी घूमता नज़र आ रहा है। वीडियो में बिट्टू वजरंगी ये दावा करता सुना जा सकता है कि वो मेवात आ रहा है। और हिसा से पहले सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो जमकर फैलाए गए। 

बिट्टू ने हिंसा के लिए पुलिस को ही कसूरवार बताया

इल्जामों से इनकार

इसी बीच आजतक की टीम ने बिट्टू बजरंगी को ढूंढ़ निकाला और उससे बातचीत भी की। जब बिट्टू से कहा गया कि नूंह में हिंसा फैलाने के सिलसिले में उनका नाम लिया जा रहा है, तो बिट्टू बजरंगी ने अपने ऊपर लगे तमाम इल्जामों को ठुकराते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया। इतना ही नहीं बिट्टू ने तो सीधे सीधे पुलिसवालों को ही नूंह की हिंसा के लिए कसूरवार ठहरा दिया। बिट्टू ने उलटा तर्क ये दिया कि अगर उसके कहने से दंगा भड़का तो दूसरा पक्ष कैसे हथियारों से लैस था। लिहाजा इस सारे किए धरे के लिए कोई और नहीं पुलिस जिम्मेदार है। 

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मोनू मानेसर ने भी पल्ला झाड़ा

उधर मोनू मानेसर पहले ही इस मामले में पल्ला झाड़कर किनारे खड़ा हो गया। हालांकि मोनू मानेसर के वीडियो ने भी नूंह की आग में घी का काम किया है। ऐसा बताया जा रहा है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि नासिर और जुनैद की हत्या के बाद से ही लोगों के मन में गुस्सा पहले से ही था। बिट्टू बजरंगी ने आजतक से बातचीत में ये बात जरूर कही है कि जुलूस में लोगों के पास तलवारें और बंदूकें थी। लेकिन उसने ये बात भी जोड़ दी कि तलवारें धार्मिक अनुष्ठानों के लिए थी जबकि बंदूकें के लाइसेंस दिए गए थे। 

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मोनू से मिला था बिट्टू

बिट्टू बजरंगी ने कैमरे के सामने इस बात को भी कबूल किया है कि वो भगोड़े मोनू मानेसर को जानत है। बिट्टू ने खुलासा किया कि वो एक महीने पहले ही एक सेमिनार में मोनू मानेसर से मिला था। बिट्टू ने ये भी बताया कि मोनू के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन हरियाणा की इस नई और ताजा हिस्सा के लिए बिट्टू किसी भी तरह से अपने सिर पर इल्ज़ाम रखने को तैयार नहीं है, बल्कि वो तो सीधे तौर पर पुलिस को ही कसूरवार ठहरा रहा है। 

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