कब्रिस्तान की दो लाशों का खुला राज़, एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दो कत्ल, औवैसी की पार्टी के नेता ने 16 लाख में कराया डबल मर्डर

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सूरत से संजय सिंह राठौड़ की रिपोर्ट

Gujarat News: सूरत शहर के लिंबायत इलाके के रहने वाले दो युवकों की लाश शहर से 90 किलोमीटर दूर उमरपाड़ा के कब्रिस्तान में दफ्न मिली थी। दोनों का गला रेत कर हत्या करने के बाद दोनों की लाशों को कब्रिस्तान में दफ्न कर दिया गया था। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक AIMIM के नेता सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पता चला है कि सूरत शहर AIMIM के नेता ख़ुर्शीद मुनावर सैयद ने 16 लाख रुपए की सुपारी देकर दोहरी हत्या की इस वारदात को अंजाम दिलाया था।

सूरत में डबल मर्डर की गुत्थी सुलझी

सूरत ग्रामीण पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड के मामले को सुलझाते हुए AIMIM नेता सहित तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया और दो आरोपियों को फ़रार घोषित किया है। दरअसल उंचवड गांव के कब्रिस्तान में 10 जून की रात को चुपचाप कुछ लोग कब्रिस्तान में कब्र खोदकर दो लोगों को दफन कर दिया और मौके से फरार हो गए। सुबह के वक्त जब केयरटेकर कब्रिस्तान पहुंचा तो उसने देखा कब्रिस्तान गेट का ताला बंद है मगर बाउंड्री को तोड़कर कब्रिस्तान के अंदर कब्र खोदी दी गई है।

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AIMIM के नेता ने 16 लाख की सुपारी देकर करवाई दो लोगों की हत्या

पुलिस को खबर दी गई तो मौके पर पहुंची पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में क़ब्रो को खुलवाया था जिसके अंदर से तो हत्या की हुई लाशें बरामद हुई थी। कब्र से निकली दोनों लाशों के बारे में जब पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि मरने वाले सूरत शहर के लिंबायत में रहने वाले दो पेशेवर अपराधी है। उनकी पहचान बिलाल उर्फ़ चांदी जमील सैयद तथा अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू कादर शेख के तौर पर हुई थी। सूरत ग्रामीण पुलिस की एसओजी, एलसीबी और उमरपाड़ा थाना पुलिस द्वारा अलग-अलग दस टीमे बनाकर इस मामले को सुलझाने के लिए जांच पड़ताल शुरू की थी। 

एक थप्पड़ के बदले में दो कत्ल

ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने मृतक बिलाल उर्फ चांदी जमील सैयद और अजहरुद्दीन और अज्जू कादर शेख का लिंबायत थाना पुलिस ने क्रिमिनल रिकॉर्ड भी पता कर लिया था। अब ऐसे में सवाल था कि इन दोनों लोगों की हत्या किसने और क्यों की है। पुलिस को जाँच पड़ताल के दौरान पता चला की लिंबायत इलाके में ही रहने वाले AIMIM के पूर्व शहर अध्यक्ष खुर्शीद मुनावर अली सैयद का मृतक बिलाल उर्फ चांदी जमील सईद के साथ 2023 में एक विवाद हुआ था। 

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दामाद के भाई को दी कत्ल की सुपारी

इस विवाद के दौरान बिलाल उर्फ़ चाँदी ने खुर्शीद मुनावर अली सैयद को एक थप्पड़ जड़ दिया था। इस मामले की तब लिंबायत पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। अपराधिक प्रवृत्ति के बिलाल उर्फ चांदी द्वारा की गई इस हरकत को खुर्शीद मुनावर अली सैयद सहन नहीं कर पाया था लिहाजा उसने बिलाल से बदला लेने की ठान ली। बिलाल उर्फ़ चाँदी से बदला लेने के लिए AIMIM नेता ख़ुर्शीद मुनावर ने उमरपाड़ा के उचवाड गांव में रहने वाले अपने दामाद के क्रिमनल भाई अफजल हाजी भाई सैयद का संपर्क किया था और बिलाल को ख़त्म करने के लिए 16 लाख रुपए में सुपारी दी थी।

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हत्या के बाद वीडियो कॉल पर दिखाई लाश

इस डील के तहत AIMIM के नेता खुर्शीद मुनावर अली सैयद ने क्रिमनल अफजल सैयद को 12 लाख रुपए एडवांस भी चुका दिए थे और बकाया रुपए काम होने के बाद देने के वादा किया था। 10 जून 2024 की रात को अफजल अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बिलाल और उसके साथ सूरत से उमरपाड़ा गये। जहां अज़हरुद्दीन उर्फ़ अज्जू शेख़ की हत्या करने के बाद उसकी लाश को दिखाने के लिए खुर्शीद मुनावर अली सैयद को वीडियो कॉल करके को दिखाया था लेकिन उसकी बात पर खुर्शीद मनावर अली को भरोसा नहीं हुआ था लिहाजा सच्चाई जानने के लिए वह 10 तारीख की रात को ही सूरत के लिंबायत इलाक़े से उमरपाड़ा पहुंच गया था।

रात के अंधेरे में दफ्न कर दी लाश

उमरपाड़ा पहुंचने पर उसने देखा कि उसके दुश्मन बिलाल उर्फ चांदी जमील सैयद और उसके साथी अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू कादर शेख की हत्या हो चुकी है। इसके बाद उसने सुपारी की बकाया रकम भी अफजल सैयद को वहां पर चुका दी थी और वहां से चला गया। ये हकीकत सामने आने के बाद पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस कलेक्ट करते हुए सुपारी देने वाले खुर्शीद मुनावर अली शेख, मोहम्मद असलम हाजी शेख और कौशिक प्रताप वसावा को गिरफ्तार किया है। जबकि सुपारी लेने वाला अफजल हाजी और उसका साथी प्रग्नेश गामित अभी फरार हैं।

दो सुपारी किलर फरार

इस मामले में पुलिस ने डेड बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए जिस अल्टो कार और क्रेटा कार का इस्तेमाल किया था उसे जब्त किया गया है। जिस धारदार हथियार से दोनों हत्याएं हुई वह हथियार भी बरामद कर लिया गया है। उमरपाड़ा में ही दोनों की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। उस जगह को पुलिस आईडेंटिफाई कर लिया है फॉरेंसिक और मेडिसिनल एविडेंस पुलिस ने इकट्ठे किए हैं। लाश मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने क़ब्रिस्तान का मुआयना किया था तो कब्रिस्तान में देखा गया था कि गेट को तोड़ा नहीं गया था बल्कि जाली को तोड़कर उसमें डेड बॉडी को घसीटते हुए कब्रिस्तान में ले जाया गया था। कब्रिस्तान में जिस जगह डेड बॉडी दफनाई नहीं जाती है वहां पर नमाज पढ़ने की जगह है। ये दोनों लाश वहां पर दफनाई गई थीं। 

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