रियल एस्टेट कंपनी M3M और IREO पर ईडी का छापा, 60 करोड़ की 17 लग्जरी गाड़ियां जब्त

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60 करोड़ की 17 लग्जरी गाड़ियां जब्त
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ED M3M Big News: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रियल स्टेट डेवलेपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस कड़ी में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले आइरियो और एम3एम के कैंपस पर छापेमारी की। ईडी ने यहां से करीब 60 करोड़ की फेरारी, लैम्बॉर्गिनी एवं बेंटले जैसी लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं। छापेमारी के बाद ईडी ने बयान में कहा है कि इन रियल एस्टेट कंपनियों के दिल्ली एवं गुरुग्राम स्थित सात परिसरों पर एक जून को तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी तलाशी के दौरान 60 करोड़ की 17 लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं हैं।

एम3एम के डायरेक्टर्स जांच से बचते रहे

ईडी अधिकारियों का कहना है कि एम3एम समूह के डायरेक्टर बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, पंकज बंसल एवं अन्य प्रमुख लोग ईडी की तलाशी के दौरान जांच-पड़ताल से जानबूझकर बचकर भागते रहे। गौरतलब है कि ईडी पिछले कुछ वर्षों से आइरियो समूह के खिलाफ धन को दूसरी जगह लगाने और निवेशकों से मिले पैसे के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही है। 

 

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तलाशी के दौरान 60 करोड़ की 17 लग्जरी गाड़ियां जब्त

 

तलाशी के दौरान 60 करोड़ की 17 लग्जरी गाड़ियां जब्त

ईडी के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ है कि सैकड़ों करोड़ रुपये एम3एम ग्रुप के जरिये भी भेजे गए। ऐसे ही एक लेनदेन में 400 करोड़ रुपये कई कंपनियों से होते हुए एम3एम को आइरियो से हासिल हुए थे। ईडी की तलाशी के दौरान 5.75 करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात, करीब 15 लाख रुपये कैश और लेनदेन से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

पांच मुखौटा कंपनियां एम3एम समूह द्वारा संचालित

जांच में सामने आया है कि एक जमीन का मालिकाना हक एम3एम समूह के पास था और जमीन का बाजार मूल्य करीब 4 करोड़ रुपये था। एम3एम ग्रुप ने शुरुआत में 10 करोड़ रुपये के भुगतान पर उक्त भूमि के विकास अधिकार पांच शेल कंपनियों को बेचे। यह दावा किया गया था कि पांच कंपनियां असंबद्ध कंपनियां हैं। जांच से पता चलता है कि पांच मुखौटा कंपनियां एम3एम समूह द्वारा संचालित थीं। 

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400 करोड़ रुपये की हेराफेरी 

आरोप है कि इसके बाद पांच शेल कंपनियों ने तुरंत उसी जमीन के विकास अधिकार आईआरईओ ग्रुप को करीब 400 करोड़ रुपये में बेच दिए। अधिकारियों के अनुसार, IREO ग्रुप से 400 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने के बाद, पांच शेल कंपनियों ने कई शेल कंपनियों और लेयर्स के माध्यम से तुरंत M3M ग्रुप को राशि ट्रांसफर कर दी। सभी शेल कंपनियों का स्वामित्व और संचालन M3M ग्रुप द्वारा इसके प्रमोटरों, बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल और उनके परिवार के सदस्यों के निर्देशन में किया गया था। ऐसा आरोप है कि इस तरह IREO और M3M ने निवेशकों या ग्राहकों से संबंधित लगभग 400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। 

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