खेल खेल में बच्चों ने उठा ली Loaded Rifle, एक बच्चे ने नाल पकड़कर अपनी ओर खींचा और तभी दब गया 'ट्रिगर'

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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लोडेड राइफल से खेल रहे थे बच्चे

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मामा ने बिस्तर के नीचे रखी थी अपनी लाइसेंसी राइफल

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खींचतान में दबा राइफल का ट्रिगर

Lucknow, Up: बच्चे किसी भी नई चीज को देखते हैं तो उसे अपना खिलौना समझ बैठते हैं। फिर चाहें वो चीज उनके खेलने की हो या नहीं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा किस्सा सामने आया जिसने उन तमाम लोगों के दिलों में डर पैदा कर दिया है जिनके घर में बंदूक, पिस्तौल या राइफल है। बेशक वो लाइसेंसी हो, लेकिन उसके कुछ कायदे और कानून है। क्योंकि लखनऊ से जो वाकया सामने आया वो वाकई हैरतअंगेज है। 
हुआ यूं कि लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक घरसे राइफल चलने की आवाज आई। और थोड़ी ही देर में चीख पुकार मच गई। पता चला एक 12 साल के लड़के को गोली लगी है। और थोड़ी ही देर में उसके मरने की खबर भी आ गई। 

Loaded Rifle से खेलने लगे बच्चे

असल में कृष्णानगर के पास प्रेमनगर इलाके में 12 साल का शिवा अपने ममेरे भाई दिव्य के साथ खेल रहे थे। शिवा की बड़ी बहन रेनू किचन में खाना बना रही थी। मामा संजय सिंह सब्जी खरीदने बाजार गए थे। उनकी लोडेड राइफल बिस्तर के नीचे कमरे में रखी थी। शिवा और उसके ममेरे भाई ओम ने बिस्तर के नीचे से राइफल निकाल ली। दोनों कमरे में राइफल से खेलने लगे। राइफल लोडेड थी। शिवा राइफल की नाल पकड़कर अपनी ओर खींच रहा था, दिव्य पिछले हिस्से को अपनी ओर खींचने लगा। दिव्य ने शिवा से राइफल नीचे रखने को कहा तो वो नहीं माना। इसी छीना झपटी के बीच ट्रिगर पर उंगली लगी और फायर हो गया। इस बीच एकाएक गोली चल गई। फायर की आवाज सुनकर घरवाले बुरी तरह से चौंक गए। गोली शिवा के सीने में लगी। आवाज सुनते ही रेनू भागकर किचन से दौड़ती हुई कमरे में पहुंची। उसका भाई फर्श पर खून से लथपथ हालत मे पड़ा था।

घरवाले बच्चे को लेकर अस्पताल भागे

ये खौफनाक मंजर देखकर घर के लोगों की हालत खराब हो गई। घरवाले शिवा को लेकर फौरन अस्पताल भागे लेकिन तब तक गोली अपना काम कर चुकी थी। हालांकि जिस लोकबंधु अस्पताल में घरवाले शिवा को लेकर गए वहां के डॉक्टरों ने पट्टी बांधकर केजीएमयू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, मगर जब तक घरवाले बच्चे को लेकर अस्पताल पहुँचे तब तक शिवा के प्राण पखेरू हो गए थे। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खुलासा हुआ है कि मरने वाले लड़के के पिता बलवीर सिंह पंजाब में बीएसएफ में हवलदार हैं और उनका परिवार प्रेम नगर में किराए के मकान में रहता है। हवलदार बलवीर के रिश्तेदार संजय शिवा के मामा हैं और वो भी लखनऊ में ही सिक्योरिटी गार्ड हैं। उनके पास एक लाइसेंसी राइफल है।

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मामा की थी राइफल

संजय बीती 4 जुलाई को अपने बेटे दिव्य को लेकर प्रेम नगर आए थे। साथ ही राइफल भी लाए थे। शाम को वो जब सब्जी लेने बाजार गए उस वक़्त दोनों भाई शिवा और दिव्य कमरे में खेल रहे थे। उसी कमरे में संजय ने अपनी लाइसेंस राइफल भी रख दी थी। राइफल पहले से ही लोडेड थी जिसका ख्याल ही संजय को नहीं था।  पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सारी जानकारी इकट्ठा की और फॉरेंसिक टीम से मौके से ब्लड सैंपल, राइफल के ट्रिगर पर उंगलियों के निशान उठा लिए गए। पुलिस ने राइफल जब्त भी कर ली है। शिवा के बारे में यही पता चला है कि वो सातवीं कक्षा का छात्र था और एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। जिस वक़्त ये हादसा हुआ उस समय शिवा के पिता बलवीर सिंह अपनी ड्यूटी पर ही तैनात थे। उन्हें भी अपने बेटे के साथ हुए हादसे की इत्तेला दे दी गई है। 

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