जिंदा होने की उम्मीद में नमक के ढेर में दबाया, डेढ़ घंटे तक बच्चों के शव नमक के ढेर में ही दबे रहे, अंधविश्वास के चलते उठाया ये कदम
buried in a heap of salt hoping to be alive, For one and a half hours the bodies of the children remained buried in a heap of salt. This step was taken due to superstition
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रविशपाल सिंह के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट
भोपाल में दो नाबालिग बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई थी, लेकिन परिवार के लोगों ने बच्चों के वापस जिंदा होने के अंधविश्वास में उन्हें करीब 1 घंटे तक नमक के ढेर में दबा कर रखा। पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों के शवों को उनके परिजन को सौंप दिया गया।
पूरा मामला जानिए
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पुलिस के मुताबिक, भोपाल के पास ईंटखेड़ी इलाके में स्थानीय नदी में 3 बच्चे डूब गए थे। आसपास के लोगों ने एक बच्चे को तो बचा लिया लेकिन दो बच्चों को जब तक पानी से निकाला गया तब तक वे बेसुध हो चुके थे। परिजन उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चों के शव को हमीदिया अस्पताल भेजा गया लेकिन यहां पर अंधविश्वास के चलते परिजनों ने दोनों बच्चों के शवों को इस उम्मीद में नमक के ढेर में दबा दिया कि इससे बच्चों की सांसें दोबारा चलने लग जाएंगी और वह जिंदा हो जाएंगे। करीब डेढ़ घंटे तक बच्चों के शव नमक के ढेर में ही दबे रहे लेकिन उनमें कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद जब पुलिस वहां पहुंची तो उसने परिजनों को समझाया। काफी समझाने के बाद आखिरकार परिजन माने और शवों को नमक के ढेर से बाहर निकाला।
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