Brij Bhusan Sharan : गलत तरीके छूना, बहाने से छाती पर हाथ फेरना... जानिए क्या लिखा है दोनों FIR में, अब कैसे मिलेंगे सबूत? क्या दिल्ली पुलिस पर दबाव है? कौन दे रहा है दबाव?

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Brij Bhusan Sharan Singh
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हिमांशु मिश्रा के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट


क्या दिल्ली पुलिस पर दबाव है?

Brij Bhusan Sharan FIR Details : बृजभूषण के खिलाफ दो दर्ज एफआईआर का ब्यौरा सामने आया है। दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर में यौन शोषण की मांग, छेड़छाड़ के कम से कम 10 मामलों की शिकायत है। शिकायत में 10 ऐसे मामलों का जिक्र है जिसमें छेड़छाड़ की शिकायत की गई है।

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Brij Bhusan Sharan FIR Details : बृजभूषण के खिलाफ दो दर्ज एफआईआर का ब्यौरा सामने आया है। दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में दोनों एफआईआर दर्ज हुई है। रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज दोनों एफआईआर में यौन शोषण की मांग, छेड़छाड़ के कम से कम 10 मामलों की शिकायत है। शिकायत में 10 ऐसे मामलों का जिक्र है जिसमें छेड़छाड़ की शिकायत की गई है।

Sanjay Arora, Delhi Police Commissioner 

 

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Brij Bhusan Sharan Singh: 

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कौन दे रहा है दबाव?

क्या-क्या आरोप है?
 

शिकायत के मुताबिक, गलत तरीके से छूना, किसी बहाने से छाती के ऊपर हाथ रखने की कोशिश या हाथ रखना, छाती से पीठ तक हाथ को लेकर जाना, पीछा करना आदि आरोप शामिल है।

 

Special CP Sagar Preet Hooda

इस थाने में दर्ज हुई थी FIR

 

यह शिकायत कनॉट प्लेस थाने में 21 अप्रैल को दी गई थी और दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को दो एफ आई आर दर्ज की थी।


28 अप्रैल को जो FIR दर्ज हुई उसमें जो प्रमुख आरोप है, वो हैं -

Brij Bhusan Sharan Singh: दोनों एफआईआर में आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) का हवाला दिया गया है, जिसमें एक से तीन साल की जेल की सजा है। पहली प्राथमिकी में छह वयस्क पहलवानों के आरोप शामिल हैं और इसमें डब्ल्यूएफआई सचिव विनोद तोमर का भी नाम है।

दूसरी एफआईआर एक नाबालिग के पिता की शिकायत पर आधारित है और POCSO अधिनियम की धारा 10 को भी लागू करती है, जिसमें पाँच से सात साल की कैद होती है। जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है।

DCP Pranav Tayal, New Delhi Dist.

 

कथित तौर पर ये घटनाएं 2012 से 2022 तक भारत और विदेशों में हुईं।


नाबालिग की शिकायत

Wrestler Protest : आरोपी ने कस कर पकड़ लिया। तस्वीर खिंचवाने का नाटक किया। अपनी ओर खींचा, कंधे को जोर से दबाया और फिर जानबूझकर उसके शरीर को गलत तरीके से छुआ, जबकि पीड़िता की तरह से स्पष्ट कर दिया गया था कि उसका पीछा न करें।


6 बालिग महिला रेसलर की शिकायत के अनुसार


पहली शिकायत

होटल के रेस्तरां में रात के खाने के दौरान मुझे अपनी मेज पर बुलाया। मुझे टच किया। छाती से पेट तक छुआ। रेसलिंग फेडरेशन के ऑफिस में बिना मेरी इजाजत के मेरे भाई कंधों और हथेली को छुआ। अपने पैर से मेरे पैर को भी टच किया गया। मेरी सांसों के पैटर्न को समझने के बहाने से छाती से पेट तक टच किया।


दूसरी शिकायत

जब मैं चटाई पर लेटी हुई थी, आरोपी (सिंह) मेरे पास आया, मेरे कोच उस वक्त नहीं थे, मेरी अनुमति के बिना मेरी टी-शर्ट खींची, अपना हाथ मेरे ऊपर रख दिया छाती पर और मेरी श्वास की जाँच के बहाने इसे मेरे पेट के नीचे सरका दिया। फेडरेशन के ऑफिस में मैं अपने भाई के साथ थीं। मुझे बुलाया और भाई को रुकने को कहा गया, फिर कमरे में अपनी तरफ खींचा जबरदस्ती।

 

तीसरी शिकायत

माता पिता से बात करने के लिए कहा। मुझे गले लगाया। मुझे रिश्वत देने की बात कही।

 

चौथी शिकायत

सांस की जांच करने के बहाने नाभि पर हाथ रख दिया।

 

पांचवी

मैं लाइन में सबसे पीछे थी। तभी गलत तरीके से छुआ, मैंने जब दूर जाने की कोशिश की तो कंधे को पकड़ लिया।

 

छठी शिकायत

तस्वीर के बहाने कंधे पर हाथ रखा, मैंने विरोध किया।

 

आरोप संगीन है, लेकिन सवाल भी बहुत है - 

Wrestler Protest

 

ये सिद्ध कैसे होगा कि पहलवानों के साथ ये घटनाएं हुई ?

यानी कानून क्या कहता है - क्या सिर्फ लड़कियों के आरोप, आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं ? 

जब पहलवालों के साथ ये घटनाएँ हो रही थी तब उन्होंने उसी वक्त पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की? क्या लड़कियां डर गई थी बदनामी से ?

Wrestler Protest

क्या इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं ?

पहलवानों के आरोप है, पर आरोपी तो ये कह सकता है कि उसकी ऐसी भावना नहीं थी?

क्या बृज भूषण सिंह को सरकार बचा रही है ? अगर ऐसा है तो क्यों ? 

क्या दिल्ली पुलिस के ऊपर दबाव है ?

क्या आरोप गलत है ?

Wrestler Protest

अगर अधिकारियों को ये लगता है कि सरकार दबाव बना रही है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से ऐसा कहना चाहिए या खुद को केस से अलग कर लेना चाहिए, क्योंकि बात तो सच की है। सिद्दांत की है, लेकिन बात ये भी है ऐसा भलां कौन करता है?

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