Water Park में Sliding करते समय बैंक मैनेजर को आया Heart Attack, वक़्त पर नहीं मिली Ambulance, मौत

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MEERUT: मेरठ में वाटर पार्क (Water Park) में स्लाइडिंग (Sliding) करते समय बैंक मैनेजर (Bank Manager) की अचानक मौत हो गई. जिसके बाद मैनेजर के दोस्तों ने फैंटेसी वर्ल्ड वाटर पार्क (Fantasy World Water Park) में खूब हंगामा किया. मैनेजर के दोस्तों का कहना है कि यहां पर कोई डॉक्टर ही तैनात नहीं था, बाहर से डॉक्टर को जब तक बुलाया जाता तब तक डॉक्टर की मौत हो गई. 

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि दिल्ली में HDFC बैंक में मैनेजर मोहित सिंह अपने दोस्तों के संग यूपी के मेरठ में फैंटेसी वर्ल्ड वाटर पार्क (Fantasy World Water Park) में मौज मस्ती के लिए गए थे. इसी दौरान वाटर स्लाइडिंग (Water Sliding) के दौरान वो अचानक बेहोश हो गए. ये बात जैसे ही मोहित के दोस्तों को पता चली तो उन्होंने वाटर पार्क में डॉक्टर की तलाश की लेकिन वहां उन्हें कोई डॉक्टर ही नहीं मिला जिससे मोहित को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका. जब तक मोहित सिंह को उसके दोस्त पास के अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मोहित को मृत घोषित कर दिया. पुलिस को आशंका है कि मोहित की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई है. मगर मोहित के दोस्तों ने पुलिस और वाटर पार्क के संचालकों के बीच मिली भगत का आरोप लगाया है.

गाजियाबाद के रहने वाले थे बैंक मैनेजर 

30 साल के मोहित सिंह दिल्ली में HDFC बैंक में मैनेजर के पद पर थे और मोदी नगर के सौदा नगर में अपने परिवार के साथ रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले ही मोहित की शादी हुई थी. इस चिलचिलाती गर्मी से थोड़ा निजात पाने के लिए  मोहित अपने दोस्तों के साथ मेरठ के परतापुर के वाटर पार्क में एंजॉय करने गया हुआ था. सभी दोस्त आपस में खूब मौज मस्ती भी कर रहे थे. शाम करीब चार बजे के आसपास वाटर पार्क में स्लाइडिंग के दौरान अचानक मोहित बेहोश हो गए. मोहित के दोस्तों ने वहां मौजूद स्टाफ से डॉक्टर के बारे में पूछा तो पता चला है कि वाटर पार्क में कोई डॉक्टर तैनात ही नहीं था. इसके बाद मोहित को व्हील चेयर पर लेकर उसके दोस्तों ने खुद उसे  हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. 

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ना डॉक्टर की सुविधा और ना ही एंबुलेंस

बैंक मैनेजर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद वाटर फॉल पर न तो कोई डॉक्टर मिला और न ही एंबुलेंस की सुविधा. जबकि वाटर पार्क के नियमों में से एक नियम ये भी  है कि वाटर फॉल में डॉक्टर और एंबुलेंस हर हाल में मौजूद रहना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधाएं केवल सरकारी दस्तावेज तक ही सीमित रह जाती है हकीकत में ये पारित हो ही नहीं पाती.

पुलिस से मिलीभगत का आरोप

स्थानीय लोगों ने थाना परतापुर पुलिस और घाट चौकी पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस इस घटना के बाद भी वाटर पार्क के स्टाफ और वाटर पार्क की कमियों को अनदेखा कर रही है,इस वाटर पार्क में आने वाले लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि पहले भी इस वाटर पार्क में छेड़छाड़ की घटना हुई थी आरोपियों को पकड़ने की जगह पुलिस ने पीड़ितों पर ही लाठियां बरसाई थी और मारपीट कर उन्हें पुलिस जीप में ठूंसकर थाने ले गए थे.
 

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