बॉयफ्रेंड के साथ फोन पर बात कर रही थी बेटी, पापा ने रोका तो बेटी ने दर्ज कराया केस
Up Crime News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां प्रेमी से बात करने से रोकने पर नाराज बेटी ने पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया.
ADVERTISEMENT
Up Crime News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां प्रेमी से बात करने से रोकने पर नाराज बेटी ने पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया. बेटी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पिता को गिरफ्तार कर शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया. इतना ही नहीं वह अपने पिता के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए अकेले या परिवार के किसी सदस्य के साथ नहीं बल्कि अपने प्रेमी के साथ कोतवाली पहुंची थी.
अयोध्या जिले में एक युवती को अपनी सहेली से ऐसा प्यार हुआ कि उसने 19 साल तक पालन-पोषण करने वाले अपने पिता को ही जेल भेज दिया. आसपास के संभ्रांत लोगों के साथ ही पुलिस अधिकारियों ने भी लड़की को समझाया, लेकिन वह अपने पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़ी रही. लिहाजा पुलिस ने लड़की की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज कर उसके पिता का शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया.
तो इस तरह बिगड़ गया बाप-बेटी के बीच मामला..
रोंगटे खड़े कर देने वाला यह मामला अयोध्या जिले के रुदौली थाने के जमुनिया मऊ गांव का है. इस गांव में रहने वाली 19 साल की लड़की रात में मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही थी. उसी समय उसके पिता वहां पहुंचे और पूछा कि वह रात को किससे बात कर रही थी, इस पर लड़की ने कहा अपनी सहेली से. इस पर उसके पिता को गुस्सा आ गया और डांटते हुए कहा कि दोबारा बात मत करना, नहीं तो मोबाइल रखवा लूंगा और घर से निकलने पर भी प्रतिबंध लगा दूंगा. इतना ही नहीं, उन्होंने परिवार वालों को उस पर नजर रखने की हिदायत भी दी और कहा कि उस पर नजर रखें कि वह क्या करती है, किससे बात करती है और कहां जाती है.
ADVERTISEMENT
पहले दोस्त को बुलाया घर और फिर पहुंच गया थाने
युवक मित्र का बात करने और मिलने से इंकार करना युवती को इतना बुरा लगा कि सुबह होते ही उसने पहले अपने युवक मित्र को घर बुलाया और फिर उसके साथ रुदौली कोतवाली पहुंच गई. उसने कोतवाली में अपने पिता के खिलाफ मारपीट व परेशान करने की तहरीर दी. रुदौली कोतवाली प्रभारी देवेन्द्र सिंह का कहना है कि तहरीर देखने के बाद उन्होंने लड़की के पिता को फोन किया. दोनों के बीच बातचीत और सुलह समझौते की भी कोशिश की गई. कुछ संभ्रांत लोगों ने पिता-पुत्री को समझाने का प्रयास भी किया. युवती कोतवाली में कहती रही कि वह बालिग है और अपने युवा दोस्त से ही शादी करेगी. इस पर लोगों ने उसके पिता को समझाया भी कि लड़की और उसकी सहेली एक ही जाति की हैं, इसलिए दोनों के बीच शादी करा देनी चाहिए. लेकिन बात नहीं बनी, न तो लड़की और न ही उसके पिता अपनी बात से हटने को तैयार हुए. इसके बाद लड़की की शिकायत पर उसके पिता के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ित करने, जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया. मामला दर्ज कर लड़की के पिता का शांतिभंग में चालान कर दिया गया.
इस मामले की चर्चा ही चर्चा
पिता के खिलाफ बेटी द्वारा उठाए गए ऐसे कदम की अयोध्या में खूब चर्चा हो रही है. कोई लड़की को कलयुगी बेटी बता रहा है तो कोई युवाओं पर फिल्मों का बढ़ता प्रभाव बता रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता और कानूनी सलाहकार श्वेता राज सिंह का कहना है कि जिस बच्चे को माता-पिता इतने सालों तक पालते हैं, उसके साथ इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है. लेकिन बदलते परिवेश में बच्चों को समय देना और उनसे लगातार बातें करना भी जरूरी है, अगर ऐसा नहीं हुआ और उन्हें सही माहौल नहीं मिला तो बच्चे गलत दिशा में जा सकते हैं क्योंकि शुरुआती दिनों में युवाओं को सही-गलत का ज्यादा ज्ञान नहीं होता और वे दिमाग से ज्यादा भावनाओं को तरजीह देते हैं। वही संगीत अकादमी चलाने वाली संगीता आहूजा का कहना है कि खासकर लड़कियों को पहले रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए और फिर खुद को आत्मनिर्भर बनाने पर। क्षणिक आकर्षण और आवेश आने वाले दिनों में कोई खास सार्थक परिणाम नहीं लाते.
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT