मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद को 31 साल की और सज़ा सुनाई गई, इतने साल रहेगा जेल में
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद को सज़ा, हाफ़िज को मिली सज़ा, कोर्ट ने सुनाई सज़ा, लश्कर ए तोएबा का सरगना, आतंकियों का आका, कोट लखपत जेल, 26/11 Mastermind Hafiz Saeed Gets 31 Years In Jail
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NEWS OF TERROR: भारत के ख़िलाफ़ हरदम ज़हर उगलने वाला पाकिस्तान की सरपरस्ती में आतंक की फैक्टरी चलाने वाला जमात उद दावा का सरगना हाफ़िज़ सईद को आतंकवाद के दो और मामलों में 31 साल की सज़ा सुनाकर पाकिस्तान की हुकूमत ने उसे सलाखों के पीछे और बुरी तरह से जकड़कर रखने का इंतज़ाम कर लिया है।
पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से मिली ख़बरों के मुताबिक आतंक को पालने पोसने और टेरर फंडिंग के सिलसिले में पांच अलग अलग मामलों में पहले ही 36 साल की सज़ा सुनाई जा चुकी है। बताया ये गया है कि आतंकी सरगना लश्कर ए तोएबा का मुखिया हाफ़िज़ सईद टेरर फंडिंग के सिलसिले में मिली सज़ा के बाद पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद है।
ACTION AGAINST TERROR: भारत में हुए कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद ने ही अपने आतंकियों की एक टुकड़ी को भेजकर 2008 में मुंबई में हमला करवाया था। उस ख़ौफ़नाक आतंकी हमले में 166 से ज़्यादा लोग बेमौत मारे गए थे जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। उस हमले के बाद भारत की तरफ से की गई कार्रवाई और पैरवी की बदौलत हाफ़िज़ सईद को संयुक्त राष्ट्र ने हाफ़िज़ सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषिक कर दिया गया था।
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इस आतंकवादी के सिर पर अमेरिका ने भी एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। दुनिया के सबसे ख़तरनाक आतंकियों की फेहरिस्त में शामिल होने के बाद हाफ़िज़ सईद को फरवरी 2020 में 11 साल की सज़ा सुनाई गई थी। जबकि नवंबर 2020 को मुंबई के 22/11 हमले के लिए हाफ़िज़ सईद को दस साल की सज़ा पाकिस्तान की अदालत ने सुनाई थी। लेकिन पंजाब के एंटी टेरर कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में इस आतंकी को 10 साल की क़ैद और सुना दी थी।
HAFEEZ SEED PUNISHED : इसके अलावा भी अदालत का हथौड़ा हाफ़िज़ सईद पर हमला करने से नहीं चूका। अदालत ने हाफ़िज़ सईद की संपत्ति को भी ज़ब्त कर लिया था और उसके ऊपर 1.1 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंक दिया था।
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टेरर फंडिंग के साथ साथ आतंकवाद को पालने पोसने के मामले में पाकिस्तान की अदालत ने अकेले हाफ़िज़ सईद को ही सज़ा नहीं सुनाई थी बल्कि उसके दो साथी ज़फ़र इक़बाल और याहया मुजाहिद को भी साढ़े दस साल की सज़ा सुनाई थी।
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70 साल के इस कट्टर मौलवी को पाकिस्तान की अदालत अब तक 68 साल की सज़ा सुना चुकी हैं जो एक साथ ही चलेंगी। और अगर पाकिस्तानी मीडिया पर चल रही खबरों पर यकीन किया जाए तो हाफ़िज़ सईद अब ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे ही एड़ी रगड़ रगड़कर दम तोड़ देगा।
कौन है मौलाना हाफ़िज़ सईद
NEWS OF HAFEEZ SEED : सवाल उठता है कि कौन है ये हाफ़िज़ सईद जो दुनिया के लिए मोस्टवॉन्टेड तो है लेकिन पाकिस्तान में खुलेआम घूमघूमकर आतंक की फसल उगाता रहा।
4 जून 1950 को पाकिस्तान के पंजाब में पैदा हुआ था। हाफ़िज़ सईद ने ही पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर –ए-तोएबा का गठन करके पाकिस्तान के मदरसों को आतंक की पाठशालाओं में तब्दील कर दिया था। लेकिन जब उसके संगठन लश्कर-ए-तोएबा पर इंटरनेशनल पाबंदियां लगाई गईं तो उसने अपने संगठन का चेहरा और नाम दोनों ही बदल दिया और जमात उद दावा के नाम से आतंकवादी संगठन चलाने लगा।
इस संगठन का असली काम यही था कि घूम घूमकर आतंकवाद के लिए फंड इकट्ठा करना और आतंक की अलग अलग फैक्टरियों में तैयार हो रहे आतंकियों को भारत के खिलाफ़ भड़काना। कहा तो यहां तक जाता है कि हाफ़िज़ सईद को आतंकी वारदातों को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की सेना और वहां की बदनाम खुफ़िया एजेंसी ISI का खुला समर्थन हासिल था।
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