सौतेले बेटे ने चुकाया दूध का कर्ज, सगे बेटे ने मारकर दफ्न कर दी थी खेत में लाश

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MURDER MYSTERY: आमतौर पर देखा जाता है कि मां की जान बचाने के लिए बच्चे किसी भी हद तक चले जाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के एटा जिले से जो किस्सा आया है उसने इस कहावत को ही उलट कर रख दिया. सामने आई खबर पर यकीन किया जाए तो सगी औलाद किस कदर बेदर्द और नालायक हो सकती है कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ही अपनी ही सगी मां को मौत के घाट उतार दिया. लेकिन कहते हैं जब अपना खून पानी हो जाए तो भी बेगाना अपना बन जाता है. तभी तो उस सौतेली औलाद ने बेटे होने का असली फर्ज निभाया. 

मां की लाश खेत में दफना दी

ये पूरा मामला यूपी के एटा का है जहां एक सगे बेटे ने अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर लाश को घर के ही खेत में दफना दिया. लेकिन सौतेले बेटे ने पुलिस में जाकर इस बात कि शिकायत दर्ज करवाई तब जाकर ये पूरा मामला खुलकर सामने आया और  पुलिस ने खेत से लाश बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. हत्या के आरोपी सगे बेटे के साथ ही उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई कर रही है.

क्या है पूरा मामला

एटा के गांव धर्मपुर के रहने वाले गंगा सिंह ने तीन शादियां की थी. पहली पत्नी से हरपाल का जन्म हुआ जबकि दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं हुई थी. रामशंकर तीसरी पत्नी का बेटा था. रामशंकर को अपनी मां के चरित्र पर शक था. रामशंकर को इस बात का डर सताता रहता था कि उसकी मां के अफेयर के बारे में अगर बात गांव में फैली तो भारी बदनामी होगी. लिहाजा उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ही अपनी मां को जान से मारने की प्लानिंग की. इधर हरपाल को अपने सौतेले भाई रामशंकर की हरकतों पर शक होने लगा, क्योंकि मां बेटे के बीच झगड़े को वो आए दिन सुनता रहता था. एक रोज लड़ाई के दौरान रामशंकर ने मां को जान से मारने की धमकी तक दे डाली. एक रोज हरपाल घर के किसी काम के सिलसिले में गांव से बाहर गया था. उसी दिन रामाशंकर ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर दी. 

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छह बीघा जमीन के लिए कत्ल?

खुलासा हुआ है कि असल में हत्या की ये वारदात जमीन की वजह से हुई है। पुलिस के मुताबिक गंगा सिंह ने मरने से पहले एक 6 बीघा जमीन खरीदी थी जिसे उसने अपनी पत्नी सीमा के नाम कर दी थी। जबकि सीमा उस जमीन को बेचना चाहती थी, और उसका बेटा रामाशंकर को ये मंजूर नहीं था। हालांकि सौतेले बेटे को इससे कोई ऐतराज नहीं था। लिहाजा इसी बात को लेकर सीमा से रामाशंकर खुन्नस खाए बैठा था. गांव वालों की बातों पर यकीन किया जाए तो रामाशंकर को अपने मां के कैरेक्टर पर शक होने के साथ साथ जमीन भी उनके बीच झगड़े की एक वजह थी। बकौल पुलिस रामाशंकर ने अपने दोस्तों के साथ मां की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने की गरज से ही लाश को उसी खेत में जाकर दफना दिया था जिसे उसके पिता ने उसकी मां के नाम पर रजिस्टर करवा दिया था। पुलिस के मुताबिक रामाशंकर ने लाश को खेत में ये सोचकर दफ्न कर दिया था कि इतने बड़े खेत में कोई लाश को ढूंढ नहीं पाएगा, और मां की गुमशुदगी के लिए अगर शक कोई करेगा भी तो उसका सौतेला भाई निशाने पर आ जाएगा। 

सौतेले बेटे ने सगे बेटे के खिलाफ पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत

हरपाल जब गांव वापस आया उसने मां नदारद पाया। उसने घर वालों के अलावा आस पड़ोस में पूछताछ की, लेकिन उसे मां का कुछ भी अता पता नहीं मिला। लिहाजा अपने शक के साथ वो फौरन पुलिस स्टेशन पहुंच गया और मां के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। साथ ही अपना शक भी पुलिस को बता दिया। पुलिस ने जांच के दौरान जब रामाशंकर से पूछताछ की तो वो घबरा गया। उसकी हरकतों के देखकर पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने सब सच उगल दिया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खेत में दफ्न महिला की लाश बरामद कर ली। 

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