आफताब की 'नोटबुक' से सुलझ गई मर्डर की गुत्थी? नक्शे के मुताबिक लगाता था लाश के टुकड़ों को ठिकाने!

Shraddha Murder Case: आफताब की नोटबुक (Note book) ने सुलझा दी कत्ल की सारी गुत्थी, पुलिस ने अदालत (Court) को बताया है कि उसके पास से मिली नोटबुक में वो सब कुछ लिखा है जो उसे जानना था।
Shraddha Murder Case
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Shams ki Zubani: क्राइम के आज के क़िस्से में बात श्रद्धा मर्डर केस की ही होगी। क्योंकि दिल्ली पुलिस के कुछ करीबी सूत्रों ने जो दावा किया है वो बेहद अहम है। असल में पुलिस को आरोपी आफताब ने महरौली के जंगल के जिस हिस्से का पता दिया वहां से पुलिस ने श्रद्धा की लाश के कुछ टुकड़े, उसके चेहरे और जबड़े का कुछ हिस्सा बरामद करने का दावा किया है।

ज़ाहिर है ये खुलासा इस क़त्ल के किस्से में इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि इन सबूतों की रोशनी में अब पुलिस को इस केस को सुलझाने का रास्ता साफ साफ नज़र आ सकता है। असल में उस जबड़े के साथ कुछ दांत भी है, जिसकी वजह से इस केस पर अब पुलिस की पकड़ बेहद मजबूत होती दिखाई दे रही है।

क्योंकि पुलिस उस बरामद जबड़े के हिस्से में मौजूद दांत की तस्वीरों के साथ दिल्ली पुलिस एक दांतों के डॉक्टर के पास जा पहुँची। उस डॉक्टर ने एक ही झटके में पुलिस की तमाम मुश्किलें आसांन कर दी...क्योंकि डॉक्टर ने साफ किया कि वो एक इंसानी जबड़ा है। इसके अलावा उस डॉक्टर ने पुलिस को ये भी बताया कि जिसका भी ये जबड़ा है उसने दांतों का रूट केनाल करवाया था।

जब पुलिस को जबड़े के बारे में इतना पता चल गया तो उसने अपनी तफ्तीश को श्रद्धा की तरफ मोड़ा और पता लगाया कि क्या श्रद्धा ने कभी रूट केनाल करवाया था। श्रद्धा के पिता और भाई ने पुलिस के इन सवालों का जवाब दिया और बताया कि श्रद्धा ने मुंबई में रूट कैनाल करवाया था।

तो सवाल यही खड़ा होता है कि क्या पुलिस को मिला जबड़े का हिस्सा श्रद्धा का ही है? इस सवाल का जवाब अब इस केस को सुलझाने की कगार तक पहुंचा सकता है क्योंकि अगर जबड़े का डीएनए टेस्ट और फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट अगर सब कुछ ठीक उसी तरह से बैठी जैसा दिल्ली पुलिस अंदाजा लगा रही है तो केस एक ही झटके में शीशे की तरफ साफ हो जाएगा।

Shraddha Murder Case: तो क्या श्रद्धा मर्डर केस अब सुलझ (Solve) गया? क्या पुलिस (Police) को मिल गए हैं श्रद्धा मर्डर केस के पूरे सबूत(Evidence) ? क्योंकि आज जो कुछ भी साकेत कोर्ट (Court) में हुआ उसके बाद तो कम से कम ये कहा ही जा सकता है कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) अब इस मर्डर केस को पूरी तरह से सुलझाने के नजदीक पहुँच गई है।

बस चार दिन की रिमांड के बाद पुलिस शायद वो बचे हुए सबूत भी तलाश ले जो अभी तक कत्ल के इस केस में सबसे अहम माने जा रहे थे। असल में साकेत कोर्ट में पुलिस ने एक अर्जी देकर अदालत से गुहार लगाई कि उसे आफताब की चार दिन की पुलिस रिमांड और भी चाहिए, और वो रिमांड क्यों चाहिए इसके लिए उसने अपनी दलील की शक्ल में एक चिट्ठी अदालत के सामने दी है।

दिल्ली पुलिस ने अदालत के सामने जो सनसनीखेज़ खुलासा किया वो ये कि इस मामले में उसे अब तक श्रद्दा की लाश के कई टुकड़े, कुछ हड्डियां और जबड़े का एक हिस्सा मिल चुका है। इसके अलावा पुलिस अदालत को बताया कि उसे आफताब के घर से एक रफ साइट प्लान यानी एक ऐसा नक्शा भी मिला है जिससे बारे में पुलिस को पता चला है कि उसी नक्शे के आधार पर आफताब लाश के टुकड़ों को ठिकाने लगाता था।

ये नक्शा छतरपुर पहाडी से लेकर महरोली के जंगल तक और उसके आस पास के उन तमाम इलाकों का है जहां जहां तक वो जाता था।

अदालत के सामने पुलिस ने ये भी खुलासा किया है कि आफताब के पास से पुलिस को एक ऐसा नोट मिला है जिसमें वो लाश के टुकड़ों का सारा हिसाब किताब रखता था। यानी लाश के किस हिस्से को उसने कहां ठिकाने लगाया इसके बारे में भी वो एक नोट में लिखता था, जो अब दिल्ली पुलिस के हाथ लग चुका है। ये ऐसा खुलासा है जिसको देखकर और पढ़कर कहा जा सकता है कि दिल्ली पुलिस ने अब इस केस को क़रीब करीब सुलझा ही लिया है।

इसलिए पुलिस को मिल गई चार दिन की रिमांड

Shraddha Murder Update: हालांकि श्रद्धा मर्डर केस में हर रोज होते नए खुलासों के बीच ये मामला सुलझने की बजाए और भी ज़्यादा पेंचीदा और उलझता जा रहा है। पिछले दस दिनों से इस मामले का आरोपी आफताब पुलिस के कब्ज़े में है और अगले चार दिन तक और भी वो पुलिस के पास ही रहेगा क्योंकि साकेत कोर्ट ने आफताब की पुलिस रिमांड चार दिन के लिए और बढ़ा दी है।

और पुलिस को एक और छोटा सा मौका दिया है कि बाकी बचे समय में इस हत्याकांड को हत्याकांड साबित करने के लिए जो भी बिखरे हुए सबूत और सुराग हैं उन्हें बटोर लिया जाए।

पुलिस जानती थी कि उसे कोर्ट से इस बात की इजाजत मिल जाएगी कि आफताब की खत्म होती कस्टडी उसे वापस मिल जाएगी। लिहाजा कोर्ट की फॉर्मेलिटी को पूरा करने के बाद पुलिस एक बार फिर सबूतों की तलाश में आफताब का फ्लैट खंगालने जा पहुँची। इस बार पुलिस के साथ थी एफएसएल और सीएफएसएल की टीम।

एक बार फिर आफताब के फ्लैट के नए सिरे से खंगाला गया। बड़ी ही बारीक नज़रों से खंगालने पर फ्लैट के बाथरूम के टाइल्स और फ्रिज से पुलिस को कुछ खून के निशान मिल गए। जबकि इससे पहले वाली तलाशी में एफएसएल की टीम को रसोई की किचन कैबिनेट से खून के कुछ निशान मिले थे। लेकिन ये निशान और ये खून किसका है...इसका सच जानने के लिए अभी 15 दिन का वक़्त लगेगा क्योंकि तब तक ही रिपोर्ट आ पाएगी।

पुलिस को कई अहम सबूत इकट्ठा करना बाक़ी?

Shraddha Murder Update: अब इन बचे हुए चार दिनों में पुलिस को क्या क्या करना है...ये सबसे बड़ा सवाल है। इस मर्डर केस में अभी कई खुलासे होने बाकी हैं...जिनके बारे में अभी पुलिस कुछ भी नहीं जानती..मसलन- -
1)- अब तक वारदात में शामिल आरी, हथियार नहीं मिला है।
2)- श्रद्धा के सिर का हिस्सा नहीं मिला है।
3)- बॉडी के कुछ पार्ट्स नहीं मिले हैं, बस कुछ हड्डियां और जबड़े का हिस्सा मिला है।
4)- वारदात में शामिल कपड़े नहीं मिले हैं।
5)- श्रद्धा का फोन नहीं मिला है।

दिल्ली पुलिस की पूछताछ में आफताब ने ये बात तो मानी है कि उसने ही श्रद्धा का कत्ल किया और कत्ल के बाद उसने उसकी लाश के टुकड़े भी किए। सवाल उठता है कि उसने ये  बताया है कि उसने मर्डर केस में इस्तेमाल किए गए आरी या चाकू या चापड़ का इस्तेमाल किया। लेकिन सवाल ये है कि उनके इस्तेमाल के बाद ये हथियार कहां कहां ठिकाने लगाए। क्योंकि पुलिस के लिए इन तमा चीजों की बड़ी अहमियत है।

पुलिस पहली रिमांड के बाद तो आफताब की निशानदेही पर लाश के टुकड़े ही बटोरती रही, कितने मिले और कितने नहीं ये तो पुलिस ही अच्छी तरह से बता सकती है। मगर इस हथियार को आरोपी ने इस्तेमाल करके फेंक दिए वो अब पुलिस के लिए बड़े काम के साबित हो सकते हैं बशर्ते मिल जाएं...

Shraddha Murder Update : दूसरी रिमांड के दौरान आफताब ने पुलिस को ये ज़रूर बताया था कि उसने आरी और ब्लेड को गुरुग्राम की DLF फेज 3 की झाड़ियों में कहां और कैसे फेंका था। जबकि जिस चापड़ से श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे उसे महरौली के 100 फुटा रोड के पास एक कूड़ेदान में फेक दिया था। हालांकि आफताब की बताई गई जगहों पर पुलिस झांक चुकी है लेकिन उसे उन झाड़ियों में कुछ नहीं मिला।

इस बीच दिल्ली पुलिस उस दुकान तक जरूर पहुँच गई जहां से आफताब ने आरी में लगाने वाला हेक्सा ब्लेड खरीदा था। फ्लैट से महज 200 मीटर की दूरी पर मौजूद उस दुकानदार से पुलिस दरयाफ्त भी कर चुकी है। लेकिन अभी तक पुलिस को कोई सुराग ऐसा नहीं मिला जिसको लेकर वो अदालत में तन कर खड़ी हो जाए और इस कत्ल के केस को पुख्तातौर पर साबित कर दे।

मगर इसी बीच साकेत कोर्ट में जो कुछ हुआ उसने जरूर इस केस को थोड़ा मजबूत किया है। क्योंकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई पेशी के दौरान जज के सामने आरोपी ने ये बात जरूर कबूल की जो कुछ भी हुआ वो सब कुछ गुस्से में हो गया। मगर पहली बार आफताब ने कोर्ट के सामने इस बात को कुबूल किया है कि श्रद्धा का कत्ल उसके ही हाथों से हुआ है।

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