जब दरोगा बना डकैत! SBI बैंक से लूटा 27 किलो सोना, फिर 17 KM तक गांव वालों ने 'धूम Style' में खदेड़ कर दबोचा
ADVERTISEMENT
जेल में रची साजिश: बर्खास्त SI और 3 कैदियों की 40 करोड़ की डकैती
जेल में रची साजिश: बर्खास्त SI और 3 कैदियों की 40 करोड़ की डकैती
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भोकर गांव में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में हर दिन की तरह सामान्य काम-काज चल रहा था। तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चार नकाबपोश बैंक के बाहर आ रुके। चेहरे ढके, सिर पर हेलमेट और हाथों में हथियार... जब तक कोई कुछ समझ पाता, बैंक के भीतर एक खौफनाक सन्नाटा छा चुका था।
दहशत का वो आधा घंटा हथियारों के बल पर कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया गया। लुटेरों की नज़र थी स्ट्रांग रूम में रखे ग्रामीणों के करीब 27 किलोग्राम सोने के जेवर और कैशियर के पास रखी लाखों की नकदी पर। महज कुछ ही मिनटों में लुटेरे करोड़ों का माल अपने पिट्ठू बैग में भरकर भागने की तैयारी में थे। लेकिन उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि बैंक की चारदीवारी के बाहर उनका क्या इंतज़ार कर रहा है।
जैसे ही लुटेरे बैंक का दरवाजा लांघकर बाहर निकले, बैंक मैनेजर की सूझबूझ से इमरजेंसी अलार्म बज उठा। इसके बाद जो हुआ, उसने किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दिया। निहत्थे गांव वाले अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी-अपनी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लुटेरों का पीछा करने निकल पड़े।
17 किलोमीटर तक खेतों, कच्चे रास्तों और गलियों में एक भयानक पीछा शुरू हुआ। बाइक सवार गांव वाले लगातार पुलिस को लोकेशन दे रहे थे और लुटेरों को घेरने की कोशिश कर रहे थे।
लेकिन इस कहानी का असली मोड़ तो तब आया जब लुटेरों को घेरा गया और उनके चेहरों से नकाब हटाया गया।
इस पूरी साजिश की जड़ें एक ऐसे शख्स से जुड़ी थीं, जिसकी जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना थी। आखिर कौन था वो मास्टरमाइंड जिसने जेल की सलाखों के पीछे बैठकर इस डकैती की पटकथा लिखी? और कैसे चादर बेचने के भेष में कई दिनों तक इस गांव में रेकी की जा रही थी?
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
