Moose Wala Murder : जेल के क़ैदी से मिली टिप ने दिल्ली पुलिस को बना दिया 'स्मार्ट', तिहाड़ से मिला था गुजरात का सुराग़

ADVERTISEMENT

CrimeTak
social share
google news

Moose wala murder: सिद्धू मूसेवाला मर्डर के मामले में पंजाब और दिल्ली समेत देश की पांच राज्यों की पुलिस क़त्ल की बिखरी हुई कड़ियों के सुराग़ तलाशने में जुटी हुई हैं। तिहाड़ में बंद रहे पंजाब के गैंग्स्टर लॉरेंस बिश्नोई से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जमकर पूछताछ की...और अब ये खतरनाक गैंग्स्टर पंजाब पुलिस के कब्ज़े में है और अपने सीने में छुपे राज़ को किश्तों में बाहर निकाल भी रहा है।

जिस वक्त पंजाब की पुलिस लॉरेंस बिश्नोई से सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बारे में कातिलों की टोली का पता लगाने के लिए उनके ठिकानों का पता लगाने में जुटी हुई थी...ऐन तभी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने धमाका करते हुए गुजरात के मुंद्रा से उस शूटर को पकड़कर सामने ले आई जिसने सिद्धू मूसेवाला पर हुए शूटआउट में अहम रोल निभाया था...

बल्कि ये कहा जा सकता है कि जिस दो मॉड्यूल की बात पुलिस ने बताई थी, असल में एक मॉड्यूल का सरगना वो ही शूटर था...नाम है प्रियव्रत फौजी। और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उसे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के पास एक किराए के मकान से उठाकर दिल्ली ले आई।

ADVERTISEMENT

Tihar To Mundra Port: उसके साथ साथ उसके दो और साथियों कशिश और कौशल को भी हथकड़ियों में जकल लिया। हालांकि सिद्धू मूसेवाला के एक शूटर के पकड़े जाने के बाद दिल्ली पुलिस की वाहवाही भी खूब हुई। और दिल्ली पुलिस के स्मार्ट पुलिस वाले तमगे को लोग सराहने भी लगे।

मगर एक सवाल बड़ी ही खामोशी से अपने जवाब की तलाश में भटकता भी दिखाई दिया कि आखिर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को ये सुराग कहां से मिला कि सिद्धू मूसेवाला पर गोली चलाने वाला शूटर प्रियव्रत फौजी इतने बड़े हिन्दुस्तान में गुजरात के मुंद्रा के पास छुपा हुआ है।

ADVERTISEMENT

Tip From Tihar: असल में दिल्ली की तिहाड़ जेल बड़ी ही कमाल की जेल है। ये जेल दिल्ली पुलिस के माथे पर कामयाबी का सेहरा भी सजाती है और वक्त पड़ने पर उसे गुनहगार तक पहुँचने का सुराग़ भी दिखाती है। सिद्धू मूसेवाला मर्डर मामले में भी 29 तारीख को हत्याकांड के बाद जब दिल्ली से लेकर पंजाब पुलिस क़ातिलों की तलाश में अंधेरे में हाथ पैर मार रही थी तभी इसी जेल ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक ऐसा सुराग़ दिया जिसने आखिरकार सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में उसे पंजाब पुलिस के मुकाबले बढ़त दिला दी।

ADVERTISEMENT

जिस वक़्त पुलिस क़ातिलों की तलाश में भटक ही रही थी...और कत्ल की पूरी कहानी के साथ साथ कातिलों की टोली के बारे में पता लगाने के लिए सुराग की तलाश कर रही थी...उसी वक़्त दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जेल में बंद गैंग्स्टरों और उनकी कुंडली को खंगालना शुरू कर दिया। क्योंकि पंजाब का नामी गैंग्स्टर लॉरेंस बिश्नोई पहले से ही जेल में बंद था और उसके साथ साथ उसके गैंग के कई साथी भी जेल की सलाखों के पीछे...

Gangs Of Punjab: और ये बात भी खुलकर सामने आ चुकी थी कि लॉरेंस बिश्नोई ही इस पूरे शूटआउट का मास्टरमाइंड है, जबकि इस शूटआउट को अंजाम तक पहुँचाने में कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ का अहम रोल है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाब पुलिस की गिरफ़्त में जाने से पहले ही लॉरेंस बिश्नोई के सीने में कैद कई राज़ पहले ही उगलवा लिए थे। लेकिन उसी दौरान स्पेशल सेल को तिहाड़ जेल में बंद पंजाब के गैग्स्टरों के एक गुर्गे ने एक टिप दी...उस टिप को पकड़कर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम राजस्थान और गुजरात के लिए रवाना हो गई।

Tihar To Mundra Port: उसी टिप की रोशनी में स्पेशल सेल की टीम को गुजरात के मुंद्रा में बाहर से आकर छुपे हुए बदमाशों का एक सुराग हाथ लगा...एक बार फिर क़ैदी की उस टिप पर गौर करने पर आखिरकार स्पेशल सेल की टीम मुंद्रा पोर्ट के पास एक गुमनाम से इलाके के ऐन उस मकान तक जा पहुँची, जहां प्रियव्रत फौजी और उसके दोनों साथियों कशिश और कौशल ने पनाह ले रखी थी।

स्पेशल सेल को उन्हें हथकड़ियों में जकड़ने में ज्यादा वक़्त नहीं लगा...क्योंकि बाकी का सारा इंतज़ाम वो पहले से करके गए गए थे।

बाद में प्रियव्रत फौजी को भी इस बात पर ताज्जुब हुआ कि आखिर दिल्ली पुलिस की टीम कैसे सूंघते सूंघते उस तक जा पहुँची। पूछताछ में प्रियव्रत फौजी ने दिल्ली पुलिस के सामने ये बात भी खोलकर रख दी कि सिद्धू मूसेवाला को मारने का पुख्ता बंदोबस्त था.। सिर्फ इतना ही नहीं 27 मई को भी उसे मारने की कोशिश की गई थी...लेकिन सिद्धू मूसेवाला की क़िस्मत कि वो हाथ से फिसल गया। और शूटरों का दांव खाली चला गया।

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT

    यह भी पढ़ें...